राजस्थान भूगोल GK: परीक्षा के लिए पढ़ने की सही दिशा
यह lesson राजस्थान भूगोल को केवल facts की list की तरह नहीं पढ़ाता। इसे map-based memory के रूप में बनाया गया है ताकि RAS, RPSC, REET, school/college level और अन्य competitive exams में direct MCQ, matching और assertion-type questions आसानी से solve किए जा सकें।
Current Administrative Note#
Administrative boundaries समय के साथ बदल सकती हैं। 2026 तक official/government directory sources में राजस्थान को सामान्यतः 41 districts और 7 divisions के current frame में दिखाया जा रहा है। इसलिए इस lesson में दिए गए भौतिक भूगोल facts स्थिर माने जा सकते हैं, लेकिन districts/divisions वाले facts को exam से पहले latest official notification से मिलाना चाहिए।
कैसे याद करें#
- Location -> Extent -> Shape: अक्षांश, देशांतर, उत्तर-दक्षिण/पूर्व-पश्चिम विस्तार और पतंगाकार आकृति।
- Border -> Map: पाकिस्तान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात को clockwise revise करें।
- Physical Regions: पश्चिमी मरुस्थल, अरावली, पूर्वी मैदान और दक्षिण-पूर्वी पठार।
- Aravalli Chain: गुरु शिखर से अलवर/दिल्ली ridge तक direction याद करें।
- Water System: लूणी पश्चिम में, बनास/चम्बल/माही पूर्व और दक्षिण-पूर्व में।
- Exam Hooks: सबसे बड़ा, सबसे छोटा, सबसे ऊँचा, सबसे कम/अधिक वर्षा, सबसे लंबी सीमा।
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One-Line Revision Chain#
स्थिति -> आकृति -> सीमा -> मरुस्थल -> अरावली -> मैदान -> पठार -> चोटियाँ -> झीलें -> परीक्षा facts
RAJASTHAN का सम्पूर्ण भौगोलिक अध्ययन
RAS / UPSC / College Level Complete Notes#
PART - 1
स्थिति एवं विस्तार (Position and Expansion)#
1.1 भौगोलिक स्थिति (Geographical Position)#
| बिन्दु |
विवरण |
| स्थिति |
भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित |
| अक्षांशीय विस्तार |
23°03' उत्तरी अक्षांश से 30°12' उत्तरी अक्षांश तक |
| देशान्तरीय विस्तार |
69°30' पूर्वी देशान्तर से 78°17' पूर्वी देशान्तर तक |
| उत्तर से दक्षिण लम्बाई |
826 कि.मी. |
| पूर्व से पश्चिम चौड़ाई |
869 कि.मी. |
| कुल क्षेत्रफल |
3,42,239 वर्ग कि.मी. |
| भारत में स्थान |
क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रथम (सबसे बड़ा राज्य) |
| भारत के क्षेत्रफल का % |
10.41% |
| विश्व में तुलना |
इजराइल से लगभग 16 गुना बड़ा |
1.2 कर्क रेखा का राजस्थान से सम्बन्ध#
| बिन्दु |
विवरण |
| रेखा |
कर्क रेखा (Tropic of Cancer) — 23°30' उत्तरी अक्षांश |
| प्रवेश |
डूंगरपुर जिले की दक्षिणी सीमा से |
| मुख्य स्थान |
बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र से गुजरती है |
| निकास |
डूंगरपुर से होते हुए गुजरात की ओर |
| राज्य में लम्बाई |
लगभग 26 कि.मी. (केवल दक्षिणी सिरे पर) |
| प्रभाव |
राज्य का अधिकांश भाग उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में |
1.3 राजस्थान का क्षेत्रफल — ऐतिहासिक परिवर्तन#
| वर्ष |
क्षेत्रफल |
कारण |
| 1948 |
3,28,865 वर्ग कि.मी. |
राजस्थान संघ का गठन |
| 1949 |
3,42,239 वर्ग कि.मी. |
बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर का विलय |
| 1950 |
3,42,239 वर्ग कि.मी. |
सिरोही का विलय (वर्तमान स्वरूप) |
| वर्तमान |
3,42,239 वर्ग कि.मी. |
अपरिवर्तित |
1.4 चरम बिन्दु (Extreme Points)#
| दिशा |
स्थान |
जिला |
| उत्तरी बिन्दु |
कोणा गाँव |
श्रीगंगानगर |
| दक्षिणी बिन्दु |
काला पानी गाँव |
बांसवाड़ा |
| पश्चिमी बिन्दु |
कटरा गाँव (शाहगढ़) |
जैसलमेर |
| पूर्वी बिन्दु |
सिलपुरा गाँव |
धौलपुर |
PART - 2
आकृति (Shape of Rajasthan)#
2.1 सामान्य आकृति#
| बिन्दु |
विवरण |
| आकृति |
विषमकोणीय चतुर्भुज (Rhombus) |
| तुलना |
पतंग (Kite) के आकार की |
| अंग्रेजी में |
Rhomboid / Kite shaped |
| विशेषता |
चारों कोण असमान, चारों भुजाएँ असमान लम्बाई की |
2.2 आकृति की विशेषताएँ#
| भाग |
विशेषता |
| पश्चिमी भाग |
चौड़ा एवं विस्तृत (मरुस्थलीय क्षेत्र) |
| पूर्वी भाग |
संकरा एवं सघन |
| दक्षिणी भाग |
पतला एवं नुकीला (बांसवाड़ा-डूंगरपुर) |
| उत्तरी भाग |
अपेक्षाकृत सीधा एवं समतल |
2.3 आकृति का प्रभाव (Geographical Implications)#
- जलवायु पर: पश्चिम से पूर्व की ओर वर्षा में वृद्धि
- जनसंख्या वितरण: पूर्वी संकरे भाग में घनी, पश्चिमी विस्तृत भाग में विरल
- प्रशासनिक प्रभाव: दूरस्थ पश्चिमी क्षेत्रों में प्रशासनिक चुनौतियाँ
- सामरिक महत्व: पाकिस्तान से लगी लम्बी सीमा (1,070 कि.मी.)
- आर्थिक विषमता: पश्चिमी भाग पिछड़ा, पूर्वी भाग विकसित
- सांस्कृतिक प्रभाव: सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ोसी राज्यों की संस्कृति का प्रभाव
PART - 3
स्थानीय सीमाएँ (Internal Boundaries) — राजस्थान से लगते राज्य एवं उनके जिले#
3.1 अन्तर्राज्यीय सीमा विवरण#
| क्र.सं. |
राज्य |
सीमा की लम्बाई (लगभग) |
सीमा से लगे राजस्थान के जिले |
सीमा से लगे उस राज्य के जिले |
| 1. |
पाकिस्तान (अन्तर्राष्ट्रीय) |
1,070 कि.मी. |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर |
बहावलपुर, खैरपुर (पंजाब प्रान्त), थारपारकर (सिंध) |
| 2. |
पंजाब |
86 कि.मी. (सबसे छोटी) |
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ |
फाजिल्का, मुक्तसर |
| 3. |
हरियाणा |
1,262 कि.मी. |
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर, भरतपुर |
सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, गुरुग्राम, फरीदाबाद |
| 4. |
उत्तर प्रदेश |
877 कि.मी. |
भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर |
आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, झांसी, ललितपुर |
| 5. |
मध्य प्रदेश |
1,600 कि.मी. (सबसे लम्बी) |
धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा |
मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, रतलाम |
| 6. |
गुजरात |
1,022 कि.मी. |
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सिरोही, जालोर, बाड़मेर |
साबरकांठा, अरावली, महिसागर, दाहोद, बनासकांठा, कच्छ |
3.2 पाकिस्तान से लगे जिलों का विवरण#
| जिला |
सीमा लम्बाई |
प्रमुख चौकी |
| जैसलमेर |
सबसे लम्बी (~464 कि.मी.) |
शाहगढ़, किशनगढ़ |
| बाड़मेर |
~228 कि.मी. |
मुनाबाव (रेलवे स्टेशन) |
| बीकानेर |
~168 कि.मी. |
— |
| श्रीगंगानगर |
~210 कि.मी. |
हिन्दुमलकोट |
3.3 सीमा सम्बन्धी महत्वपूर्ण तथ्य#
| तथ्य |
विवरण |
| सबसे लम्बी अन्तर्राज्यीय सीमा |
मध्य प्रदेश के साथ (~1,600 कि.मी.) |
| सबसे छोटी अन्तर्राज्यीय सीमा |
पंजाब के साथ (~86 कि.मी.) |
| सर्वाधिक राज्यों से सीमा बनाने वाला जिला |
— |
| सर्वाधिक जिलों से सीमा बनाने वाला जिला |
नागौर (8 जिलों से सीमा) |
| चार राज्यों की सीमा पर स्थित जिला |
धौलपुर (राज., UP, MP) |
| तीन राज्यों की सीमा पर |
झालावाड़ (राज., MP, गुजरात के निकट) |
PART - 4
भू-गर्भिक संरचना (Geological Structure of Rajasthan)#
4.1 भू-वैज्ञानिक समय सारणी में राजस्थान#
| काल |
युग |
राजस्थान में प्रमुख क्षेत्र |
चट्टानें |
| आर्कियन काल (4.5–2.5 अरब वर्ष पूर्व) |
प्राचीनतम |
दक्षिणी-मध्य राजस्थान (भीलवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा) |
ग्रेनाइट, नीस, शिस्ट |
| धारवाड़ काल (2.5–1.8 अरब वर्ष पूर्व) |
प्राचीन |
अरावली क्षेत्र |
क्वार्टजाइट, संगमरमर, स्लेट |
| अरावली काल (1.8–1.4 अरब वर्ष पूर्व) |
प्राचीन |
अरावली पर्वत श्रृंखला |
क्वार्टजाइट, फ़िलाइट |
| दिल्ली काल (1.4–0.9 अरब वर्ष पूर्व) |
प्राचीन |
अलवर, जयपुर |
क्वार्टजाइट, चूना पत्थर |
| विंध्यन काल (0.9–0.5 अरब वर्ष पूर्व) |
प्राचीन |
पूर्वी राजस्थान (सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर) |
बलुआ पत्थर, चूना पत्थर |
| गोंडवाना काल (300–150 मिलियन वर्ष) |
मध्य |
झालावाड़ (कुछ भाग) |
कोयला (निम्न गुणवत्ता) |
| क्रीटेशियस काल (145–66 मिलियन वर्ष) |
मध्य |
पश्चिमी राजस्थान |
बलुआ पत्थर (जैसलमेर) |
| इयोसीन काल (56–34 मिलियन वर्ष) |
नवीन |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर |
चूना पत्थर, तेल/गैस भंडार |
| प्लीस्टोसीन काल (2.6 मिलियन–11,700 वर्ष) |
नवीनतम |
पश्चिमी मरुस्थल |
जलोढ़, बालू |
| होलोसीन काल (वर्तमान) |
नवीनतम |
सम्पूर्ण राजस्थान |
नवीन जलोढ़, रेत |
4.2 प्रमुख चट्टान समूह (Rock Groups)#
| चट्टान समूह |
प्रमुख चट्टानें |
क्षेत्र |
आर्थिक महत्व |
| बांदेड ग्रेनाइट |
ग्रेनाइट, नीस |
जालोर, सिरोही, पाली |
ग्रेनाइट उद्योग |
| अरावली प्रणाली |
क्वार्टजाइट, संगमरमर |
उदयपुर, राजसमंद, अजमेर |
संगमरमर, निर्माण पत्थर |
| दिल्ली सुपरग्रुप |
क्वार्टजाइट, चूना पत्थर |
अलवर, जयपुर, दौसा |
निर्माण सामग्री |
| विंध्यन प्रणाली |
बलुआ पत्थर |
सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, कोटा, बूंदी |
धौलपुर का लाल पत्थर |
| मरुस्थलीय चट्टानें |
बालू, जलोढ़ |
पश्चिमी राजस्थान |
तेल, गैस, जिप्सम |
| डेक्कन ट्रैप |
बेसाल्ट (लावा) |
झालावाड़ (दक्षिणी भाग) |
काली मिट्टी |
PART - 5
राजस्थान की उच्चावच विशेषताएँ (Relief Features of Rajasthan)#
5.1 सम्पूर्ण राजस्थान का उच्चावच — एक दृष्टि में#
| दिशा |
उच्चावच की प्रकृति |
औसत ऊँचाई |
| पश्चिम |
निम्न, समतल, मरुस्थलीय |
100–300 मी. |
| मध्य |
पर्वतीय (अरावली) |
300–1,722 मी. |
| पूर्व |
मैदानी, उपजाऊ |
150–300 मी. |
| दक्षिण-पूर्व |
पठारी, ऊबड़-खाबड़ |
300–500 मी. |
| उत्तर |
मैदानी, बालुका स्तूप |
150–200 मी. |
5.2 सामान्य ढाल (General Slope)#
| दिशा |
ढाल |
| मुख्य ढाल |
पूर्व से पश्चिम की ओर (ऊँचाई घटती है) |
| दक्षिणी ढाल |
दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर |
| अपवाह |
पूर्वी नदियाँ → बंगाल की खाड़ी; पश्चिमी → आंतरिक |
PART - 6
उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (North-Western Desert Region)#
6.1 सामान्य परिचय#
| बिन्दु |
विवरण |
| स्थानीय नाम |
थार का मरुस्थल |
| क्षेत्रफल |
लगभग 1,75,000 वर्ग कि.मी. (राज्य का ~51%) |
| विस्तार |
पश्चिमी सीमा से अरावली की तलहटी तक |
| जिले |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर (आंशिक), जोधपुर (आंशिक), सीकर (आंशिक), झुंझुनूं (आंशिक) |
| औसत वर्षा |
10–40 से.मी. (न्यूनतम जैसलमेर में ~8 से.मी.) |
| तापमान |
ग्रीष्म में 45–50°C, शीत में 0–5°C |
6.2 उप-विभाग#
(a) बालुका स्तूप युक्त मरुस्थल (Sand Dune Desert)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर का पश्चिमी भाग |
| विशेषता |
बालुका स्तूप (रेत के टीले) |
| स्थानीय नाम |
धोरा (गतिशील रेत टीले), धरियाँ (स्थिर रेत टीले) |
| प्रमुख धोरे |
सम (जैसलमेर), खड़ी, मूलाणी (बाड़मेर) |
| ऊँचाई |
10–50 मीटर तक |
(b) बालुका स्तूप रहित मरुस्थल (Non-Sand Dune Desert)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
बाड़मेर का पश्चिमी भाग, जैसलमेर का कुछ भाग |
| विशेषता |
चट्टानी सतह, कंकड़-पत्थर युक्त |
| स्थानीय नाम |
हमादा या रेगिस्तान (चट्टानी मरुस्थल) |
6.3 प्रमुख बालुका स्तूप (Sand Dunes)#
| स्तूप का नाम |
जिला |
विशेषता |
| सम धोरा |
जैसलमेर |
सर्वाधिक प्रसिद्ध, पर्यटन केन्द्र |
| खड़ी धोरा |
बाड़मेर |
विशाल क्षेत्र |
| मूलाणी धोरा |
बाड़मेर |
— |
| धींगा धोरा |
बीकानेर |
— |
| चाँदा धोरा |
बीकानेर |
— |
6.4 प्लाया झीलें (Saline Lakes / Playas)#
| झील |
जिला |
विशेषता |
| सांभर झील |
जयपुर/नागौर |
भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील, नमक उत्पादन |
| डीडवाना झील |
नागौर |
सोडियम सल्फेट उत्पादन |
| कुचामन झील |
नागौर |
नमक उत्पादन |
| पंचभद्रा झील |
जोधपुर |
— |
| लूणकरणसर झील |
बीकानेर |
— |
| फलौदी झील |
जोधपुर |
— |
| कावोद झील |
जैसलमेर |
— |
6.5 मरुस्थलीय नदियाँ#
| नदी |
उद्गम |
लम्बाई (राज. में) |
विशेषता |
| लूणी |
अन्नासागर (अजमेर) के निकट नाग पहाड़ |
320 कि.मी. |
आंतरिक प्रवाह की सबसे बड़ी नदी, कच्छ के रण में विलीन |
| घग्घर |
हिमालय (शिवालिक) से |
— |
हनुमानगढ़ से प्रवेश, पाकिस्तान में |
| कांतली |
खण्डेला पहाड़ियाँ (सीकर) |
— |
आंतरिक प्रवाह |
| साबी |
सेवर पहाड़ियाँ (जयपुर) |
— |
आंतरिक प्रवाह, हरियाणा में विलीन |
| काकनी |
— |
— |
लूणी की सहायक |
6.6 मरुस्थलीकरण की समस्या#
| बिन्दु |
विवरण |
| कारण |
अति चराई, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन, अनियमित कृषि |
| प्रभावित जिले |
जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, नागौर |
| नियंत्रण |
इन्दिरा गांधी नहर, वृक्षारोपण (रोहिड़ा, खेजड़ी), कंटूर बाँध |
PART - 7
मध्यवर्ती अरावली प्रदेश (Central Aravalli Region)#
7.1 सामान्य परिचय#
| बिन्दु |
विवरण |
| नाम |
अरावली पर्वतमाला |
| स्थिति |
राजस्थान के मध्य में, दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में |
| कुल लम्बाई |
लगभग 800 कि.मी. (राजस्थान में ~550 कि.मी.) |
| चौड़ाई |
10–100 कि.मी. |
| उत्पत्ति |
प्री-कैम्ब्रियन काल (लगभग 570 मिलियन वर्ष पूर्व) |
| प्रकार |
अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountain) / प्राचीन मोड़दार पर्वत |
| सर्वोच्च शिखर |
गुरु शिखर (1,722 मी.) — माउंट आबू |
| विश्व में |
विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक |
7.2 अरावली का प्रवेश एवं निकास#
| बिन्दु |
विवरण |
| प्रवेश |
गुजरात से (पालनपुर क्षेत्र से) सिरोही जिले में |
| मार्ग |
सिरोही → उदयपुर → राजसमंद → अजमेर → जयपुर → सीकर → झुंझुनूं → अलवर |
| निकास |
हरियाणा (दिल्ली के निकट रायसीना पहाड़ी) |
7.3 अरावली का विभाजन (Division of Aravalli)#
अरावली को मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया गया है:
(a) दक्षिणी अरावली (Southern Aravalli)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा (आंशिक) |
| ऊँचाई |
सर्वाधिक (700–1,722 मी.) |
| प्रमुख चोटियाँ |
गुरु शिखर (1,722 मी.), सेर (1,597 मी.), अचलगढ़ (1,380 मी.) |
| प्रमुख पहाड़ियाँ |
माउंट आबू, डेलवाड़ा, कुंभलगढ़, ऋषभदेव |
| विशेषता |
सघन वन, वन्यजीव अभयारण्य, हिल स्टेशन |
(b) मध्य अरावली (Central Aravalli)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
अजमेर, जयपुर, टोंक (आंशिक) |
| ऊँचाई |
मध्यम (300–700 मी.) |
| प्रमुख चोटियाँ |
तारागढ़ (870 मी.), नाहरगढ़ (640 मी.) |
| प्रमुख पहाड़ियाँ |
तारागढ़, नाग पहाड़, गोरम घाट |
| विशेषता |
खनिज सम्पदा (तांबा, जस्ता), दर्रे |
(c) उत्तरी अरावली (Northern Aravalli)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
सीकर, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर (उत्तरी भाग) |
| ऊँचाई |
न्यूनतम (200–650 मी.) |
| प्रमुख चोटियाँ |
रघुनाथगढ़ (1,055 मी.), बैराठ (704 मी.), जरगा (670 मी.), बिलाली (640 मी.) |
| प्रमुख पहाड़ियाँ |
खण्डेला, नीमकाथाना, बैराठ, तोरावाटी |
| विशेषता |
विरल वन, तांबा खनन (खेतड़ी) |
PART - 8
अरावली का विभागीय विवरण (Section-wise Description of Aravalli)#
8.1 अरावली के प्रमुख विभाग (मानचित्र आधारित)#
| क्रम |
विभाग |
जिले |
ऊँचाई सीमा |
प्रमुख विशेषता |
| 1. |
आबू ब्लॉक |
सिरोही |
1,200–1,722 मी. |
सर्वोच्च शिखर, ग्रेनाइट चट्टानें |
| 2. |
पिपलूद ब्लॉक |
सिरोही-उदयपुर |
600–800 मी. |
— |
| 3. |
मेरवाड़ा ब्लॉक |
राजसमंद, पाली |
500–900 मी. |
कुंभलगढ़, संगमरमर |
| 4. |
मेवाड़ ब्लॉक |
उदयपुर, चित्तौड़गढ़ |
400–700 मी. |
जस्ता-सीसा खनन (ज़ावर) |
| 5. |
अजमेर ब्लॉक |
अजमेर, टोंक |
400–870 मी. |
तारागढ़, क्वार्टजाइट |
| 6. |
जयपुर ब्लॉक |
जयपुर, दौसा |
300–640 मी. |
नाहरगढ़, जयगढ़ |
| 7. |
शेखावाटी ब्लॉक |
सीकर, झुंझुनूं |
200–1,055 मी. |
खण्डेला, तांबा (खेतड़ी) |
| 8. |
अलवर ब्लॉक |
अलवर, भरतपुर (आंशिक) |
200–704 मी. |
सरिस्का, तोरावाटी |
8.2 अरावली के प्रमुख दर्रे (Mountain Passes)#
| दर्रा |
जिला |
जोड़ता है |
| गोरम घाट |
सिरोही |
सिरोही → माउंट आबू |
| हाथी गुढ़ा |
राजसमंद |
कुंभलगढ़ → उदयपुर |
| देसूरी नाल |
पाली |
उदयपुर → जोधपुर (मारवाड़) |
| बर बोले का दर्रा |
उदयपुर |
— |
| झीलवाड़ा |
उदयपुर |
— |
| शिवपुरी घाट |
उदयपुर |
— |
| पगल्या जी का दर्रा |
सिरोही |
— |
| केसरिया घाट |
सिरोही |
— |
8.3 अरावली का महत्व (Importance of Aravalli)#
| क्षेत्र |
महत्व |
| जलवायु |
पश्चिमी मरुस्थल के विस्तार को रोकती है |
| वर्षा |
दक्षिण-पश्चिम मानसून को रोककर वर्षा कराती है |
| नदियाँ |
बनास, लूणी, साबी आदि का उद्गम |
| वन |
वन्यजीव अभयारण्य (सरिस्का, कुंभलगढ़, माउंट आबू) |
| खनिज |
जस्ता, सीसा, तांबा, संगमरमर, ग्रेनाइट |
| पर्यटन |
माउंट आबू, कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़, रणकपुर |
| संस्कृति |
मेवाड़, मारवाड़, मेरवाड़ा की ऐतिहासिक पहचान |
PART - 9
राजस्थान की प्रमुख पर्वत चोटियाँ एवं उनकी ऊँचाइयाँ (Major Peaks and Their Heights)#
9.1 राजस्थान की प्रमुख चोटियाँ (ऊँचाई के अनुसार)#
| क्र.सं. |
चोटी |
ऊँचाई (मी.) |
जिला |
पर्वत/पहाड़ी |
भू-आकृतिक प्रदेश |
| 1. |
गुरु शिखर |
1,722 |
सिरोही |
माउंट आबू |
दक्षिणी अरावली |
| 2. |
सेर |
1,597 |
सिरोही |
माउंट आबू |
दक्षिणी अरावली |
| 3. |
डेलवाड़ा |
1,442 |
सिरोही |
माउंट आबू |
दक्षिणी अरावली |
| 4. |
अचलगढ़ |
1,380 |
सिरोही |
माउंट आबू |
दक्षिणी अरावली |
| 5. |
कुंभलगढ़ |
1,224 |
राजसमंद |
कुंभलगढ़ पहाड़ी |
दक्षिणी अरावली |
| 6. |
ऋषभदेव |
1,032 |
उदयपुर |
केसरिया जी |
दक्षिणी अरावली |
| 7. |
रघुनाथगढ़ |
1,055 |
सीकर |
खण्डेला पहाड़ी |
उत्तरी अरावली |
| 8. |
खो |
920 |
अजमेर |
तारागढ़ श्रेणी |
मध्य अरावली |
| 9. |
तारागढ़ |
870 |
अजमेर |
तारागढ़ पहाड़ी |
मध्य अरावली |
| 10. |
कमलनाथ |
1,001 |
उदयपुर |
— |
दक्षिणी अरावली |
| 11. |
बैराठ |
704 |
अलवर |
बैराठ पहाड़ी |
उत्तरी अरावली |
| 12. |
नाहरगढ़ |
640 |
जयपुर |
अरावली (जयपुर ब्लॉक) |
मध्य अरावली |
| 13. |
जयगढ़ |
648 |
जयपुर |
अरावली (जयपुर ब्लॉक) |
मध्य अरावली |
| 14. |
जरगा |
670 |
अलवर |
— |
उत्तरी अरावली |
| 15. |
बिलाली |
640 |
अलवर |
— |
उत्तरी अरावली |
| 16. |
सज्जनगढ़ |
585 |
उदयपुर |
— |
दक्षिणी अरावली |
| 17. |
धोनी |
587 |
अलवर |
— |
उत्तरी अरावली |
| 18. |
मुकुंदरा |
462 |
कोटा |
मुकुंदरा पहाड़ी |
दक्षिण-पूर्वी पठार |
| 19. |
बूंदी की पहाड़ी |
520 |
बूंदी |
— |
दक्षिण-पूर्वी पठार |
9.2 जिला-वार प्रमुख पर्वत/पहाड़ियाँ (District-wise Mountains & Hills)#
| जिला |
पर्वत/पहाड़ियाँ |
प्रमुख चोटी |
ऊँचाई (मी.) |
| सिरोही |
माउंट आबू |
गुरु शिखर, सेर, अचलगढ़ |
1,722 / 1,597 / 1,380 |
| उदयपुर |
ऋषभदेव, सज्जनगढ़ |
ऋषभदेव, कमलनाथ |
1,032 / 1,001 |
| राजसमंद |
कुंभलगढ़ |
कुंभलगढ़ |
1,224 |
| अजमेर |
तारागढ़ |
तारागढ़, खो |
870 / 920 |
| जयपुर |
नाहरगढ़, जयगढ़, आमेर |
नाहरगढ़ |
640 |
| सीकर |
खण्डेला |
रघुनाथगढ़ |
1,055 |
| झुंझुनूं |
खेतड़ी, नीमकाथाना |
— |
200–500 |
| अलवर |
बैराठ, तोरावाटी |
बैराठ, जरगा, बिलाली |
704 / 670 / 640 |
| दौसा |
देवगिरी |
— |
300–400 |
| कोटा |
मुकुंदरा |
मुकुंदरा |
462 |
| बूंदी |
बूंदी पहाड़ियाँ |
— |
500–520 |
| झालावाड़ |
मुकुंदरा (विस्तार) |
— |
300–400 |
| चित्तौड़गढ़ |
बेगूं, मांडलगढ़ |
— |
400–600 |
| भीलवाड़ा |
बिजौलिया, मांडलगढ़ |
— |
400–500 |
| पाली |
देसूरी, सोमेश्वर |
— |
500–800 |
| जालोर |
जसवंतपुरा |
— |
300–600 |
| डूंगरपुर |
गलियाकोट, सागवाड़ा |
— |
300–600 |
| बांसवाड़ा |
आनंदपुरी, घाटोल |
— |
300–500 |
| प्रतापगढ़ |
धरियावद, छोटी सादड़ी |
— |
400–600 |
9.3 प्रमुख पठार (Plateaus of Rajasthan)#
| पठार |
जिले |
ऊँचाई (मी.) |
भू-आकृतिक प्रदेश |
विशेषता |
| मेवाड़ का पठार |
उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद |
400–700 |
दक्षिणी अरावली |
बनास बेसिन |
| मालवा का पठार |
झालावाड़, बारां (आंशिक) |
300–500 |
दक्षिण-पूर्वी पठार |
काली मिट्टी |
| हाड़ौती का पठार |
कोटा, बूंदी, बारां |
250–500 |
दक्षिण-पूर्वी पठार |
चम्बल बेसिन |
| विराटनगर का पठार |
जयपुर, अलवर (आंशिक) |
300–500 |
पूर्वी मैदानी |
बाणगंगा बेसिन |
| उड़िया का पठार |
सिरोही, पाली (आंशिक) |
500–800 |
दक्षिणी अरावली |
— |
| आबू का पठार |
सिरोही |
1,200–1,722 |
दक्षिणी अरावली |
सर्वोच्च पठार |
| गोडवाड़ का पठार |
पाली, जालोर, सिरोही (आंशिक) |
300–700 |
दक्षिणी अरावली |
लूणी बेसिन |
| मेरवाड़ा का पठार |
पाली, राजसमंद, अजमेर |
400–900 |
मध्य अरावली |
— |
| शेखावाटी का पठार |
सीकर, झुंझुनूं, चूरू (आंशिक) |
200–500 |
उत्तरी अरावली |
आंतरिक प्रवाह |
PART - 10
पूर्वी मैदानी भाग (Eastern Plain Region)#
10.1 सामान्य परिचय#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्रफल |
लगभग 78,000 वर्ग कि.मी. (राज्य का ~23%) |
| विस्तार |
अरावली के पूर्व में — भरतपुर से बांसवाड़ा तक |
| औसत ऊँचाई |
150–300 मी. |
| जलवायु |
उप-आर्द्र से अर्ध-शुष्क |
| वर्षा |
50–100 से.मी. |
| मिट्टी |
जलोढ़ (उपजाऊ) |
| अपवाह |
बंगाल की खाड़ी की ओर |
10.2 पूर्वी मैदान के उप-विभाग (Sub-divisions of Eastern Plain)#
(a) बनास बेसिन (Banas Basin)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, राजसमंद (आंशिक) |
| प्रमुख नदी |
बनास एवं सहायक नदियाँ (बेड़च, कोठारी, खारी, मेनाल, मांसी) |
| मिट्टी |
काली एवं जलोढ़ |
| कृषि |
गेहूँ, मक्का, कपास, गन्ना |
| विशेषता |
राजस्थान का सबसे विस्तृत नदी बेसिन |
(b) चम्बल बेसिन (Chambal Basin)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर |
| प्रमुख नदी |
चम्बल एवं सहायक (कालीसिंध, पार्वती, परवन, बामणी) |
| मिट्टी |
जलोढ़, काली |
| कृषि |
गेहूँ, सरसों, धान |
| विशेषता |
बीहड़ (Ravines) का क्षेत्र — चम्बल के किनारे |
(c) बाणगंगा बेसिन (Banganga Basin)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर |
| प्रमुख नदी |
बाणगंगा एवं सहायक (गंभीर, रूपारेल) |
| मिट्टी |
जलोढ़, बलुई |
| कृषि |
गेहूँ, सरसों, बाजरा |
| विशेषता |
घग्घर-यमुना दोआब का विस्तार |
(d) मध्य माही बेसिन (Central Mahi Basin)#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
प्रतापगढ़, बांसवाड़ा (उत्तरी भाग), डूंगरपुर (आंशिक) |
| प्रमुख नदी |
माही एवं सहायक (सोम, जाखम, अनास) |
| मिट्टी |
काली, जलोढ़ |
| कृषि |
मक्का, धान, गेहूँ |
| विशेषता |
आदिवासी बहुल क्षेत्र |
10.3 पूर्वी मैदान की विशेषताएँ#
| विशेषता |
विवरण |
| जनसंख्या |
राजस्थान का सर्वाधिक घना बसा क्षेत्र |
| नगरीकरण |
जयपुर, कोटा, अलवर, भरतपुर जैसे प्रमुख नगर |
| कृषि |
राज्य का अन्न भंडार (गेहूँ, सरसों, धान) |
| उद्योग |
हथकरघा, तेल मिलें, सीमेंट उद्योग |
| सिंचाई |
चम्बल नहर, गुड़गांव नहर, बीसलपुर बाँध |
| पर्यटन |
भरतपुर पक्षी अभयारण्य, रणथंभौर, केवलादेव |
PART - 11
दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (South-Eastern Plateau Region)#
11.1 सामान्य परिचय#
| बिन्दु |
विवरण |
| स्थानीय नाम |
हाड़ौती का पठार / मालवा पठार का विस्तार |
| क्षेत्रफल |
लगभग 57,000 वर्ग कि.मी. (राज्य का ~17%) |
| विस्तार |
कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ एवं चित्तौड़गढ़ का दक्षिणी भाग |
| औसत ऊँचाई |
300–500 मी. |
| जलवायु |
उप-आर्द्र (राज्य में सर्वाधिक वर्षा झालावाड़ में) |
| वर्षा |
80–100 से.मी. |
| मिट्टी |
काली मिट्टी (लावा निर्मित) |
| चट्टानें |
बेसाल्ट, बलुआ पत्थर, चूना पत्थर |
11.2 उप-विभाग (Sub-divisions)#
(a) हाड़ौती का पठार#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
कोटा, बूंदी, बारां |
| ऊँचाई |
250–500 मी. |
| नदियाँ |
चम्बल, कालीसिंध, पार्वती, परवन |
| विशेषता |
बीहड़, काली मिट्टी, गेहूँ-सरसों उत्पादन |
(b) मालवा पठार का विस्तार#
| बिन्दु |
विवरण |
| क्षेत्र |
झालावाड़, बारां (दक्षिणी भाग) |
| ऊँचाई |
300–500 मी. |
| नदियाँ |
चम्बल, कालीसिंध, परवन |
| विशेषता |
लावा निर्मित काली मिट्टी, सोयाबीन उत्पादन, गन्ना |
11.3 प्रमुख पहाड़ियाँ एवं दर्रे#
| पहाड़ी/दर्रा |
जिला |
विशेषता |
| मुकुंदरा पहाड़ियाँ |
कोटा, बूंदी |
बाघों का आवास, राष्ट्रीय उद्यान |
| बूंदी की पहाड़ियाँ |
बूंदी |
ऐतिहासिक किले |
| जगर पहाड़ियाँ |
झालावाड़ |
— |
| गागरोन का दर्रा |
झालावाड़ |
ऐतिहासिक किला |
| चूलिया जलप्रपात |
कोटा (रावतभाटा) |
चम्बल नदी पर |
11.4 दक्षिण-पूर्वी पठार की विशेषताएँ#
| विशेषता |
विवरण |
| कृषि |
सोयाबीन, कपास, गन्ना, गेहूँ, संतरा (झालावाड़) |
| उद्योग |
सीमेंट (कोटा), खाद, पेपर मिल |
| विद्युत |
रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जवाहर सागर बाँध, राणा प्रताप सागर बाँध, गांधी सागर बाँध |
| वन |
सघन पर्णपाती वन (सागौन, साल, बाँस) |
| वन्यजीव |
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व, रामगढ़ विषधारी, नाहरगढ़ |
| खनिज |
चूना पत्थर (कोटा स्टोन), बलुआ पत्थर |
PART - 12
राजस्थान के प्रमुख पर्वत, पहाड़ियाँ एवं पठार — भू-आकृतिक प्रदेशों के अनुसार वर्गीकरण#
12.1 सम्पूर्ण वर्गीकरण तालिका#
| भू-आकृतिक प्रदेश |
पर्वत/पहाड़ियाँ |
पठार |
प्रमुख चोटियाँ |
जिले |
| पश्चिमी मरुस्थल |
बालुका स्तूप (धोरा) |
— |
सम, खड़ी, मूलाणी |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर |
| दक्षिणी अरावली |
माउंट आबू, डेलवाड़ा, ऋषभदेव, कुंभलगढ़ |
आबू पठार, मेवाड़ पठार, उड़िया पठार, गोडवाड़ पठार |
गुरु शिखर (1,722), सेर (1,597), अचलगढ़ (1,380), कुंभलगढ़ (1,224), ऋषभदेव (1,032) |
सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली, जालोर |
| मध्य अरावली |
तारागढ़, नाग पहाड़, गोरम घाट |
मेरवाड़ा पठार |
तारागढ़ (870), खो (920) |
अजमेर, जयपुर (आंशिक), टोंक (आंशिक) |
| उत्तरी अरावली |
खण्डेला, खेतड़ी, नीमकाथाना, बैराठ, तोरावाटी |
शेखावाटी पठार, विराटनगर पठार |
रघुनाथगढ़ (1,055), बैराठ (704), जरगा (670), बिलाली (640) |
सीकर, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर (उत्तरी) |
| पूर्वी मैदानी |
देवगिरी (दौसा) |
विराटनगर पठार (आंशिक) |
— |
भरतपुर, अलवर, जयपुर, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर |
| दक्षिण-पूर्वी पठार |
मुकुंदरा, बूंदी पहाड़ियाँ, जगर |
मालवा पठार, हाड़ौती पठार |
मुकुंदरा (462), बूंदी (520) |
कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ |
12.2 प्रमुख पर्वत/पहाड़ियों का संक्षिप्त विवरण#
(a) माउंट आबू (Mount Abu)#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
सिरोही |
| ऊँचाई |
1,200–1,722 मी. |
| सर्वोच्च शिखर |
गुरु शिखर (1,722 मी.) |
| चट्टान |
ग्रेनाइट |
| विशेषता |
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन, जैन मंदिर (दिलवाड़ा), वन्यजीव अभयारण्य, नक्की झील |
(b) कुंभलगढ़ पहाड़ी#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
राजसमंद |
| ऊँचाई |
1,224 मी. |
| विशेषता |
कुंभलगढ़ दुर्ग (UNESCO विश्व धरोहर), वन्यजीव अभयारण्य |
(c) तारागढ़ पहाड़ी#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
अजमेर |
| ऊँचाई |
870 मी. |
| विशेषता |
तारागढ़ किला, दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती |
(d) खण्डेला पहाड़ी#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
सीकर |
| ऊँचाई |
1,055 मी. (रघुनाथगढ़) |
| विशेषता |
कांतली नदी का उद्गम, तांबा भंडार |
(e) बैराठ पहाड़ी#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
अलवर |
| ऊँचाई |
704 मी. |
| विशेषता |
प्राचीन विराटनगर सभ्यता, बौद्ध स्तूप |
(f) मुकुंदरा पहाड़ी#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
कोटा, बूंदी |
| ऊँचाई |
462 मी. |
| विशेषता |
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व, चम्बल नदी के समानांतर |
(g) ऋषभदेव पहाड़ी#
| बिन्दु |
विवरण |
| जिला |
उदयपुर |
| ऊँचाई |
1,032 मी. |
| विशेषता |
केसरिया जी जैन मंदिर, खनिज भंडार |
PART - 13
महत्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी नोट्स (Important Examination Notes)#
13.1 एक नज़र में राजस्थान का भूगोल#
| पैरामीटर |
मान |
| क्षेत्रफल |
3,42,239 वर्ग कि.मी. |
| भारत में स्थान |
प्रथम (सबसे बड़ा राज्य) |
| अक्षांश |
23°03' उ. – 30°12' उ. |
| देशान्तर |
69°30' पू. – 78°17' पू. |
| लम्बाई (उत्तर-दक्षिण) |
826 कि.मी. |
| चौड़ाई (पूर्व-पश्चिम) |
869 कि.मी. |
| सर्वोच्च बिन्दु |
गुरु शिखर (1,722 मी.) |
| न्यूनतम बिन्दु |
कच्छ का रण क्षेत्र (बाड़मेर के निकट, समुद्र तल से नीचे) |
| सबसे लम्बी अन्तर्राज्यीय सीमा |
मध्य प्रदेश (1,600 कि.मी.) |
| सबसे छोटी अन्तर्राज्यीय सीमा |
पंजाब (86 कि.मी.) |
| अन्तर्राष्ट्रीय सीमा |
पाकिस्तान (1,070 कि.मी.) |
| भौतिक प्रदेश |
4 (मरुस्थल, अरावली, पूर्वी मैदान, दक्षिण-पूर्वी पठार) |
13.2 भौतिक प्रदेशों का तुलनात्मक विवरण#
| भौतिक प्रदेश |
क्षेत्रफल (% में) |
औसत ऊँचाई |
वर्षा |
मुख्य नदियाँ |
मुख्य फसलें |
प्रमुख जिले |
| पश्चिमी मरुस्थल |
~51% |
100–300 मी. |
10–40 से.मी. |
लूणी, घग्घर, कांतली |
बाजरा, मोठ, चना, ग्वार |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, नागौर |
| अरावली पर्वतीय |
~9% |
300–1,722 मी. |
40–80 से.मी. |
बनास, लूणी, साबी, खारी |
मक्का, गेहूँ (घाटियों में) |
सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, जयपुर, अलवर |
| पूर्वी मैदानी |
~23% |
150–300 मी. |
50–100 से.मी. |
बनास, चम्बल, बाणगंगा, गंभीर |
गेहूँ, सरसों, धान, गन्ना |
भरतपुर, अलवर, जयपुर, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर |
| दक्षिण-पूर्वी पठार |
~17% |
300–500 मी. |
80–100 से.मी. |
चम्बल, कालीसिंध, पार्वती, परवन |
सोयाबीन, कपास, गन्ना, गेहूँ |
कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ |
13.3 अति महत्वपूर्ण तथ्य (High-Scoring Points)#
| क्र.सं. |
तथ्य |
विवरण |
| 1. |
राजस्थान का सबसे ऊँचा पर्वत |
गुरु शिखर (1,722 मी.) — माउंट आबू, सिरोही |
| 2. |
राजस्थान का सबसे निचला बिन्दु |
कच्छ का रण क्षेत्र (बाड़मेर के पास) — समुद्र तल से लगभग 1 मी. नीचे |
| 3. |
सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश |
पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (~51%) |
| 4. |
सबसे छोटा भौतिक प्रदेश |
अरावली पर्वतीय प्रदेश (~9%) |
| 5. |
सबसे प्राचीन पर्वत |
अरावली (प्री-कैम्ब्रियन काल) |
| 6. |
सबसे लम्बी नदी |
चम्बल (राजस्थान में ~966 कि.मी.) |
| 7. |
सबसे बड़ी खारे पानी की झील |
सांभर (जयपुर/नागौर) |
| 8. |
सबसे अधिक वर्षा वाला जिला |
झालावाड़ (~100 से.मी.) |
| 9. |
सबसे कम वर्षा वाला जिला |
जैसलमेर (~8–10 से.मी.) |
| 10. |
सबसे गर्म स्थान |
चूरू (ग्रीष्म में 50°C+) |
| 11. |
सबसे ठंडा स्थान |
माउंट आबू |
| 12. |
सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल) |
जैसलमेर (38,401 वर्ग कि.मी.) |
| 13. |
सबसे छोटा जिला (क्षेत्रफल) |
धौलपुर (3,034 वर्ग कि.मी.) |
| 14. |
कर्क रेखा गुजरती है |
बांसवाड़ा (कुशलगढ़) एवं डूंगरपुर से |
| 15. |
पाकिस्तान से लगे जिले |
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर (4 जिले) |
13.4 मानचित्र आधारित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण बिन्दु#
| बिन्दु |
स्थान |
| गुरु शिखर |
माउंट आबू, सिरोही (दक्षिण-पश्चिम) |
| सांभर झील |
जयपुर-नागौर सीमा (मध्य) |
| लूणी नदी |
अजमेर से निकलकर कच्छ के रण में (पश्चिम) |
| चम्बल नदी |
मध्य प्रदेश से प्रवेश, कोटा-धौलपुर होकर यमुना में |
| मुकुंदरा पहाड़ी |
कोटा-बूंदी (दक्षिण-पूर्व) |
| कुंभलगढ़ |
राजसमंद (दक्षिण) |
| तारागढ़ |
अजमेर (मध्य) |
| खेतड़ी |
झुंझुनूं (उत्तर-पूर्व) |
| बैराठ |
अलवर (उत्तर-पूर्व) |
| रघुनाथगढ़ |
सीकर (उत्तर) |
PART - 14
प्रश्न 1: राजस्थान की भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार का वर्णन कीजिए।#
**उत्तर:** राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में 23°03' उ. से 30°12' उ. अक्षांश तथा 69°30' पू. से 78°17' पू. देशान्तर के बीच स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग कि.मी. है, जो भारत का 10.41% है। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की उत्तर-दक्षिण लम्बाई 826 कि.मी. तथा पूर्व-पश्चिम चौड़ाई 869 कि.मी. है। कर्क रेखा राज्य के दक्षिणी सिरे (बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र) से गुजरती है।
प्रश्न 2: राजस्थान की आकृति की विशेषताएँ बताइए।#
**उत्तर:** राजस्थान की आकृति विषमकोणीय चतुर्भुज (Rhombus) या पतंग (Kite) के समान है। इसका पश्चिमी भाग चौड़ा एवं विस्तृत है, जबकि पूर्वी एवं दक्षिणी भाग संकरा है। यह आकृति जलवायु, जनसंख्या वितरण एवं आर्थिक विकास में विषमता उत्पन्न करती है।
प्रश्न 3: राजस्थान की अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं का विवरण दीजिए।#
**उत्तर:** राजस्थान की सीमा पश्चिम में पाकिस्तान से (1,070 कि.मी.), उत्तर में पंजाब से (86 कि.मी.), उत्तर-पूर्व में हरियाणा से (1,262 कि.मी.), पूर्व में उत्तर प्रदेश से (877 कि.मी.), दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश से (1,600 कि.मी.) तथा दक्षिण-पश्चिम में गुजरात से (1,022 कि.मी.) लगती है। सबसे लम्बी अन्तर्राज्यीय सीमा मध्य प्रदेश से तथा सबसे छोटी पंजाब से लगती है।
प्रश्न 4: राजस्थान के भौतिक प्रदेशों का वर्गीकरण कीजिए।#
**उत्तर:** राजस्थान को चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया गया है:
1. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (~51%)
2. अरावली पर्वतीय प्रदेश (~9%)
3. पूर्वी मैदानी प्रदेश (~23%)
4. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (~17%)
प्रश्न 5: अरावली पर्वतमाला का राजस्थान के भूगोल में क्या महत्व है?#
**उत्तर:** अरावली पर्वतमाला राजस्थान की जीवन रेखा है। यह पश्चिमी मरुस्थल के विस्तार को रोकती है, दक्षिण-पश्चिम मानसून को रोककर वर्षा कराती है, प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल है, खनिज सम्पदा का भंडार है, तथा वन्यजीव एवं पर्यटन का प्रमुख केन्द्र है।
प्रश्न 6: राजस्थान की प्रमुख पर्वत चोटियों के नाम एवं ऊँचाइयाँ बताइए।#
**उत्तर:** प्रमुख चोटियाँ:
- गुरु शिखर — 1,722 मी. (सिरोही)
- सेर — 1,597 मी. (सिरोही)
- अचलगढ़ — 1,380 मी. (सिरोही)
- कुंभलगढ़ — 1,224 मी. (राजसमंद)
- रघुनाथगढ़ — 1,055 मी. (सीकर)
- ऋषभदेव — 1,032 मी. (उदयपुर)
- तारागढ़ — 870 मी. (अजमेर)
- बैराठ — 704 मी. (अलवर)
प्रश्न 7: पूर्वी मैदानी प्रदेश के उप-विभागों का वर्णन कीजिए।#
**उत्तर:** पूर्वी मैदानी प्रदेश को चार बेसिनों में विभाजित किया गया है:
1. बनास बेसिन — उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक
2. चम्बल बेसिन — कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर
3. बाणगंगा बेसिन — जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर
4. मध्य माही बेसिन — प्रतापगढ़, बांसवाड़ा
प्रश्न 8: दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश की विशेषताएँ बताइए।#
**उत्तर:** दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश को हाड़ौती का पठार भी कहते हैं। यह कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ में फैला है। यहाँ काली मिट्टी पाई जाती है, जो लावा निर्मित है। चम्बल, कालीसिंध, पार्वती नदियाँ बहती हैं। मुकुंदरा पहाड़ियाँ यहाँ स्थित हैं। यह क्षेत्र सोयाबीन, कपास, गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
PART - 15
रिवीजन चार्ट (Quick Revision Chart)#
15.1 राजस्थान का भूगोल — सार संग्रह#
राजस्थान का भूगोल
│
├── स्थिति एवं विस्तार
│ ├── अक्षांश: 23°03' उ. – 30°12' उ.
│ ├── देशान्तर: 69°30' पू. – 78°17' पू.
│ ├── क्षेत्रफल: 3,42,239 वर्ग कि.मी.
│ ├── लम्बाई: 826 कि.मी. (उत्तर-दक्षिण)
│ ├── चौड़ाई: 869 कि.मी. (पूर्व-पश्चिम)
│ └── कर्क रेखा: बांसवाड़ा (कुशलगढ़)
│
├── आकृति
│ └── विषमकोणीय चतुर्भुज (Rhombus) / पतंग
│
├── सीमाएँ
│ ├── पाकिस्तान: 1,070 कि.मी. (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर)
│ ├── पंजाब: 86 कि.मी. (सबसे छोटी)
│ ├── हरियाणा: 1,262 कि.मी.
│ ├── उत्तर प्रदेश: 877 कि.मी.
│ ├── मध्य प्रदेश: 1,600 कि.मी. (सबसे लम्बी)
│ └── गुजरात: 1,022 कि.मी.
│
├── भौतिक प्रदेश (4)
│ ├── पश्चिमी मरुस्थल (~51%)
│ │ ├── बालुका स्तूप: धोरा, धरियाँ
│ │ ├── प्लाया झीलें: सांभर, डीडवाना, कुचामन
│ │ └── नदियाँ: लूणी, घग्घर, कांतली, साबी
│ │
│ ├── अरावली पर्वतीय (~9%)
│ │ ├── दक्षिणी: माउंट आबू (गुरु शिखर 1,722 मी.)
│ │ ├── मध्य: तारागढ़ (870 मी.)
│ │ └── उत्तरी: खण्डेला (रघुनाथगढ़ 1,055 मी.)
│ │
│ ├── पूर्वी मैदानी (~23%)
│ │ ├── बनास बेसिन
│ │ ├── चम्बल बेसिन
│ │ ├── बाणगंगा बेसिन
│ │ └── मध्य माही बेसिन
│ │
│ └── दक्षिण-पूर्वी पठार (~17%)
│ ├── हाड़ौती पठार
│ ├── मालवा पठार का विस्तार
│ └── मुकुंदरा पहाड़ियाँ
│
└── प्रमुख चोटियाँ
├── गुरु शिखर: 1,722 मी. (सिरोही)
├── सेर: 1,597 मी. (सिरोही)
├── अचलगढ़: 1,380 मी. (सिरोही)
├── कुंभलगढ़: 1,224 मी. (राजसमंद)
├── रघुनाथगढ़: 1,055 मी. (सीकर)
├── ऋषभदेव: 1,032 मी. (उदयपुर)
├── तारागढ़: 870 मी. (अजमेर)
├── बैराठ: 704 मी. (अलवर)
└── नाहरगढ़: 640 मी. (जयपुर)
निष्कर्ष#
राजस्थान का भूगोल अत्यंत विविधतापूर्ण है। पश्चिम में विशाल मरुस्थल, मध्य में प्राचीन अरावली पर्वतमाला, पूर्व में उपजाऊ मैदान तथा दक्षिण-पूर्व में पठारी क्षेत्र — यह विविधता राज्य की जलवायु, कृषि, संस्कृति, अर्थव्यवस्था एवं जनसंख्या वितरण को गहराई से प्रभावित करती है। परीक्षा की दृष्टि से उपरोक्त सम्पूर्ण विवरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।