राजस्थान का तापमान GK
यह lesson राजस्थान के अधिकतम और न्यूनतम तापमान को exam perspective से समझाता है। तापमान के questions में अक्सर महाद्वीपीयता, मरुस्थलीय धरातल, तापांतर, समताप रेखाएँ, लू, बबूल्या, शीत लहर, पाला, फसल प्रभाव और climate adaptation को जोड़ा जाता है।
5.1 सामान्य तापीय प्रारूप एवं ऋतुनिष्ठ वितरण
राजस्थान की जलवायु महाद्वीपीय है, जिससे तापमान में अत्यधिक विषमता पाई जाती है।
| ऋतु | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम | विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| ग्रीष्म, मार्च-जून | 40-45°C | 24-28°C | मई-जून चरम; पश्चिमी मरुस्थल में 48-50°C+ |
| वर्षा, जुलाई-सितम्बर | 32-36°C | 21-25°C | तापमान में गिरावट, उच्च आर्द्रता से उमस |
| शरद, अक्टूबर-नवम्बर | 30-34°C | 15-18°C | कार्तिक हीट / क्वार की धूप |
| शीत, दिसम्बर-फरवरी | 20-25°C | 4-10°C | जनवरी सबसे ठंडा; रात का पारा 0°C या नीचे |
5.2 तापीय चरम बिंदु एवं ऐतिहासिक रिकॉर्ड
| बिंदु | परीक्षा स्मृति |
|---|---|
| सर्वाधिक गर्म स्थान | फलौदी; 19 मई 2016 को 51.0°C |
| पारंपरिक रूप से गर्म जिला मुख्यालय | चूरू |
| लंबे समय तक उच्च औसत तापमान | श्रीगंगानगर |
| ऊँचाई के आधार पर ठंडा स्थान | माउंट आबू, सिरोही |
| मैदानी क्षेत्र का ठंडा केंद्र | फतेहपुर, सीकर |
| सर्वाधिक वार्षिक तापांतर | चूरू |
माउंट आबू ऊँचाई के कारण ठंडा रहता है। फतेहपुर को मैदानी क्षेत्र के ठंडे केंद्र के रूप में याद किया जाता है। चूरू इसलिए important है क्योंकि यह गर्मियों में बहुत गर्म और सर्दियों में बहुत ठंडा हो सकता है।
5.3 तापांतर का वैज्ञानिक विश्लेषण
दैनिक तापांतर
सर्वाधिक दैनिक तापांतर जैसलमेर-बाड़मेर जैसे पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्रों में मिलता है। बालू रेत दिन में जल्दी गर्म होती है और रात में जल्दी ठंडी होती है। मेघरहित आकाश और कम आर्द्रता इस effect को बढ़ाते हैं।
वार्षिक तापांतर
चूरू में वार्षिक तापांतर अधिक मिलता है क्योंकि यहाँ महाद्वीपीयता, शुष्क धरातल और ग्रीष्म-शीत extremes strong हैं।
5.4 समताप रेखाएँ
| महीना | समताप रेखा स्मृति |
|---|---|
| जनवरी 8°C | उत्तरी छोर: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ |
| जनवरी 10°C | बीकानेर, सीकर, अलवर belt |
| जनवरी 12°C | जोधपुर, नागौर, जयपुर, दौसा belt |
| जनवरी 16°C | दक्षिणी belt: उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़ |
| जुलाई 30°C | दक्षिण और दक्षिण-पूर्व राजस्थान |
| जुलाई 32°C | अरावली के पूर्वी मैदानी जिले |
| जुलाई 36°C+ | पश्चिमी थार, जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर |
5.5 तापमान जनित विशिष्ट मौसमी परिघटनाएँ
| परिघटना | कारण एवं समय | प्रभाव |
|---|---|---|
| लू | मई-जून में गर्म शुष्क हवाएँ | निर्जलीकरण, तापघात, shelterbelt importance |
| बबूल्या | तीव्र स्थानीय तापन से छोटा चक्रवातीय धूल भँवर | धूल भरी हवाएँ और local instability |
| शीत लहर | हिमालयी बर्फबारी के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएँ | 4-6°C गिरावट; चूरू, सीकर, गंगानगर प्रभावित |
| पाला / तुषार | रात का तापमान 0°C या नीचे | सरसों, चना, टमाटर, मिर्च जैसी रबी फसलें झुलस सकती हैं |
5.6 परीक्षा-उपयोगी मुख्य बिंदु
- फलौदी को 51.0°C record temperature से याद करें।
- माउंट आबू ऊँचाई के कारण सबसे ठंडा स्थान माना जाता है।
- फतेहपुर, सीकर को मैदानी क्षेत्र के सबसे ठंडे केंद्र के रूप में याद करें।
- चूरू में वार्षिक तापांतर अधिक मिलता है।
- दैनिक तापांतर पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ता है।
- लू मई-जून की गर्म शुष्क हवा है।
- बबूल्या dust-devil type स्थानीय भँवर है।
- 0°C या नीचे तापमान पर पाला रबी फसलों को नुकसान पहुँचा सकता है।
- October heat को कार्तिक हीट या क्वार की धूप भी कहा जाता है।
- बालू रेत high daily temperature range का मुख्य कारण है।
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