राजस्थान जनगणना 2011: 33 जिलों का मास्टर मैट्रिक्स GK

भाग - 4: राजस्थान जनगणना 2011: 33 जिलों का मास्टर मैट्रिक्स, जनघनत्व, लिंगानुपात एवं साक्षरता


विस्तृत विषय-सूची

खंड विषय परीक्षा में महत्व
4.1 त्वरित संदर्भ सारांश: एक दृष्टि में चरम सांख्यिकी ★★★★★
4.2 33 जिलों की विस्तृत मास्टर डेटा तालिका ★★★★★
4.3 जनसंख्या घनत्व: भू-आकृतिक वितरण एवं वर्गीकरण स्लैब ★★★★★
4.4 जिलेवार जनसंख्या घनत्व चरम (शीर्ष एवं न्यूनतम जिले) ★★★★★
4.5 सामान्य लिंगानुपात: राज्य, ग्रामीण-शहरी एवं जिलेवार चरम ★★★★★
4.6 शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) एवं शेखावाटी विरोधाभास ★★★★★
4.7 साक्षरता दर: कुल, पुरुष एवं महिला साक्षरता तुलनात्मक विश्लेषण ★★★★★
4.8 ग्रामीण-शहरी साक्षरता एवं लैंगिक साक्षरता खाई ★★★★★
4.9 स्मरण सूत्र एवं एक-पंक्ति त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य ★★★★
4.10 मुख्य परीक्षा हेतु वर्णनात्मक प्रश्न एवं उत्तर संकेत ★★★★

4.1 त्वरित संदर्भ सारांश: एक दृष्टि में चरम सांख्यिकी

[कुल जनसंख्या]       ──> सर्वोच्च: जयपुर (66.26 लाख)       │ न्यूनतम: जैसलमेर (6.69 लाख)
[दशकीय वृद्धि दर]    ──> सर्वोच्च: बाड़मेर (32.5%)         │ न्यूनतम: श्रीगंगानगर (10.0%)
[जनसंख्या घनत्व]      ──> सर्वोच्च: जयपुर (595 व्यक्ति)      │ न्यूनतम: जैसलमेर (17 व्यक्ति)
[कुल लिंगानुपात]      ──> सर्वोच्च: डूंगरपुर (994)          │ न्यूनतम: धौलपुर (846)
[शिशु लिंगानुपात]     ──> सर्वोच्च: बांसवाड़ा (934)          │ न्यूनतम: झुंझुनूं (837)
[कुल साक्षरता]        ──> सर्वोच्च: कोटा (76.6%)            │ न्यूनतम: जालौर (54.9%)
[पुरुष साक्षरता]      ──> सर्वोच्च: झुंझुनूं (86.9%)         │ न्यूनतम: प्रतापगढ़ / बांसवाड़ा (69.5%)
[महिला साक्षरता]      ──> सर्वोच्च: कोटा (65.9%)            │ न्यूनतम: जालौर (38.5%)

राज्य स्तरीय आधारभूत सांख्यिकी (जनगणना 2011)

संकेतक राजस्थान का मान अखिल भारतीय मान तुलनात्मक अंतर एवं स्थिति
कुल जनसंख्या 6,85,48,437 1,21,08,54,977 देश की कुल आबादी का 5.66% (2011 में आठवाँ; तेलंगाना गठन बाद सातवाँ स्थान)
दशकीय वृद्धि दर 21.31% 17.70% राष्ट्रीय औसत से +3.61% अंक अधिक
जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी राष्ट्रीय औसत से 182 व्यक्ति कम (2001 से +35 अंकों की वृद्धि)
कुल लिंगानुपात 928 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष 943 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष राष्ट्रीय औसत से 15 कम (2001 से +7 अंकों का सुधार)
शिशु लिंगानुपात (0-6) 888 बालिकाएं प्रति 1000 बालक 919 बालिकाएं प्रति 1000 बालक राष्ट्रीय औसत से 31 कम (2001 से 21 अंकों की भारी गिरावट)
कुल साक्षरता दर 66.11% 73.00% राष्ट्रीय औसत से 6.89% कम (2001 से +5.71% का सुधार)
पुरुष साक्षरता दर 79.19% 80.90% राष्ट्रीय औसत से 1.71% कम
महिला साक्षरता दर 52.12% 64.60% राष्ट्रीय औसत से 12.48% कम (बिहार के बाद देश में दूसरा सबसे निचला स्तर)
लैंगिक साक्षरता खाई 27.07% 16.30% देश के सभी राज्यों में सबसे चौड़ा लैंगिक अंतर


4.2 33 जिलों की विस्तृत मास्टर डेटा तालिका

(आधिकारिक स्रोत: प्राथमिक जनगणना सार - राजस्थान, जनगणना कार्य निदेशालय, जनगणना 2011)

कोड जिला कुल जनसंख्या राज्य का % दशकीय वृद्धि (%) जनघनत्व (प्रति वर्ग किमी) कुल लिंगानुपात शिशु लिंगानुपात (0-6) कुल साक्षरता (%) पुरुष साक्षरता (%) महिला साक्षरता (%)
01 श्रीगंगानगर 19,69,168 2.87% 10.0% (न्यूनतम) 179 887 854 69.6% 78.5% 59.7%
02 हनुमानगढ़ 17,74,692 2.59% 16.9% 184 895 878 67.1% 77.4% 55.8%
03 बीकानेर 23,63,937 3.45% 24.3% 78 (100 से कम) 905 906 65.1% 75.9% 53.2%
04 चूरू 20,39,547 2.98% 20.3% 147 940 864 66.8% 78.8% 54.0%
05 झुंझुनूं 21,37,045 3.12% 11.7% 361 950 837 (न्यूनतम) 74.1% 86.9% (सर्वोच्च) 61.0%
06 अलवर 36,74,179 5.36% 22.8% 438 895 865 70.7% 83.7% 56.3%
07 भरतपुर 25,48,462 3.72% 21.4% 503 (500 से अधिक) 880 869 70.1% 84.1% 54.2%
08 धौलपुर 12,06,516 1.76% 22.7% 398 846 (न्यूनतम) 857 69.1% 81.2% 54.7%
09 करौली 14,58,248 2.13% 20.5% 264 861 852 66.2% 81.4% 47.5%
10 सवाई माधोपुर 13,35,551 1.95% 19.6% 297 897 871 65.4% 81.5% 47.5%
11 दौसा 16,31,309 2.38% 24.1% 476 905 865 68.2% 83.0% 51.9%
12 जयपुर 66,26,178 (सर्वोच्च) 9.67% 26.2% 595 (सर्वोच्च) 910 861 75.5% 86.1% 64.0%
13 सीकर 26,77,333 3.91% 17.0% 346 947 848 71.9% 85.1% 58.2%
14 नागौर 33,07,743 4.82% 19.2% 187 950 897 62.8% 77.2% 47.8%
15 जोधपुर 36,87,165 5.38% 27.7% 161 916 891 65.9% 79.0% 51.8%
16 जैसलमेर 6,69,919 (न्यूनतम) 0.98% 31.8% 17 (न्यूनतम) 852 897 57.2% 72.0% 39.7%
17 बाड़मेर 26,03,751 3.80% 32.5% (सर्वोच्च) 92 (100 से कम) 902 904 56.5% 70.9% 40.6%
18 जालौर 18,28,730 2.67% 21.8% 172 952 895 54.9% (न्यूनतम) 70.7% 38.5% (न्यूनतम)
19 सिरोही 10,36,346 1.51% 21.8% 202 940 897 55.3% 70.0% 39.7%
20 पाली 20,37,624 2.97% 11.9% 164 987 899 62.4% 76.8% 48.0%
21 अजमेर 25,83,052 3.77% 18.5% 305 951 901 69.3% 82.4% 55.7%
22 टोंक 14,21,326 2.07% 17.3% 198 952 892 61.6% 77.1% 45.4%
23 बूँदी 11,10,906 1.62% 15.4% 192 925 891 61.5% 75.4% 46.6%
24 भीलवाड़ा 24,08,523 3.51% 19.6% 230 973 928 61.4% 75.9% 47.2%
25 राजसमंद 11,56,597 1.69% 17.7% 248 990 890 63.1% 78.4% 48.0%
26 डूंगरपुर 13,88,552 2.03% 25.4% 368 994 (सर्वोच्च) 922 59.5% 72.9% 46.2%
27 बांसवाड़ा 17,97,485 2.62% 26.5% 397 980 934 (सर्वोच्च) 56.3% 69.5% (न्यूनतम) 43.1%
28 चित्तौड़गढ़ 15,44,338 2.25% 16.1% 197 972 912 61.7% 76.6% 46.5%
29 कोटा 19,51,146 2.85% 24.3% 374 911 899 76.6% (सर्वोच्च) 86.3% 65.9% (सर्वोच्च)
30 बारां 12,22,755 1.78% 19.6% 175 929 912 66.7% 80.3% 52.1%
31 झालावाड़ 14,11,129 2.06% 19.6% 227 960 912 61.5% 75.8% 46.5%
32 उदयपुर 30,68,420 4.48% 23.7% 262 967 924 61.8% 74.7% 48.5%
33 प्रतापगढ़ 8,67,848 1.26% 22.8% 195 983 933 56.0% 69.5% (न्यूनतम) 42.4%
राजस्थान (कुल) 6,85,48,437 100% 21.31% 200 928 888 66.11% 79.19% 52.12%


4.3 जनसंख्या घनत्व: भू-आकृतिक वितरण एवं वर्गीकरण स्लैब

जनसंख्या घनत्व किसी भौगोलिक इकाई में मानव बसाव के दबाव को मापने का प्राथमिक सूचकांक है:

$$\text{जनसंख्या घनत्व} = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{कुल भौगोलिक क्षेत्रफल (वर्ग किमी)}}$$

  • राजस्थान का औसत जनघनत्व: 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001 में यह 165 था; शुद्ध वृद्धि: +35 अंक)।
  • राष्ट्रीय औसत: 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 182 अंक कम है)।
[पूर्वी जलोढ़ मैदान]    ──> सघनतम बसाव (400 - 600 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
 • उर्वर कछारी मृदा, जल उपलब्धता, सघन रेल व सड़क तंत्र, कृषि एवं औद्योगिक संकेंद्रण।

[अरावली पर्वतीय क्षेत्र] ──> मध्यम बसाव (200 - 350 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
 • उथली मृदा, सीढ़ीदार कृषि, खनन गलियारे, जनजातीय बस्तियां।

[हाड़ौती का पठार]      ──> संतुलित मध्यम बसाव (200 - 380 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
 • काली उपजाऊ कपासी मृदा, चंबल नहरी कमान क्षेत्र, सघन सस्य प्रारूप।

[थार मरुस्थल (पश्चिम)] ──> अति-न्यून विरल बसाव (100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से कम)
 • बालू के टीले, जल संकट, अत्यधिक तापांतर, बिखरी हुई ढाणियां।

जनघनत्व वर्गीकरण स्लैब

  • अति-उच्च घनत्व वर्ग (500 या अधिक व्यक्ति प्रति वर्ग किमी - 2 जिले):
    1. जयपुर: 595 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
    2. भरतपुर: 503 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • उच्च घनत्व वर्ग (400 से 499 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी - 2 जिले):
    1. दौसा: 476 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
    2. अलवर: 438 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • अति-न्यून घनत्व वर्ग (100 से कम व्यक्ति प्रति वर्ग किमी - 3 जिले):
    1. जैसलमेर: 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (अरुणाचल प्रदेश के समान)
    2. बीकानेर: 78 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
    3. बाड़मेर: 92 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • राज्य औसत (200) के सर्वाधिक निकटतम जिले:
    • सिरोही: 202 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
    • चित्तौड़गढ़: 197 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी


4.4 जिलेवार जनसंख्या घनत्व चरम (शीर्ष एवं न्यूनतम जिले)

शीर्ष 5 एवं न्यूनतम 5 जनघनत्व वाले जिले

क्रम सर्वाधिक घनत्व वाले जिले घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) न्यूनतम घनत्व वाले जिले घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) राष्ट्रीय संदर्भ एवं टिप्पणी
1 जयपुर 595 जैसलमेर 17 जैसलमेर का घनत्व अरुणाचल प्रदेश (17) के समान भारत में न्यूनतम है
2 भरतपुर 503 बीकानेर 78 विशाल मरुस्थलीय क्षेत्रफल (30,239 वर्ग किमी) के कारण विरल बसाव
3 दौसा 476 बाड़मेर 92 राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जिला (28,387 वर्ग किमी)
4 अलवर 438 चूरू 147 उत्तरी मरुस्थलीय संक्रमण क्षेत्र
5 धौलपुर 398 जोधपुर 161 मारवाड़ का केंद्र; विशाल भौगोलिक विस्तार (22,850 वर्ग किमी)
[सर्वाधिक घनत्व क्रम] ──> जयपुर (595) > भरतपुर (503) > दौसा (476) > अलवर (438) > धौलपुर (398)
[न्यूनतम घनत्व क्रम]  ──> जैसलमेर (17) < बीकानेर (78) < बाड़मेर (92) < चूरू (147) < जोधपुर (161)


4.5 सामान्य लिंगानुपात: राज्य, ग्रामीण-शहरी एवं जिलेवार चरम

लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को दर्शाता है:

$$\text{लिंगानुपात} = \left(\frac{\text{स्त्रियों की कुल संख्या}}{\text{पुरुषों की कुल संख्या}}\right) \times 1000$$

  • राजस्थान का औसत लिंगानुपात: 928 (2001 में 921 था; शुद्ध सुधार: +7 अंक)।
  • राष्ट्रीय औसत: 943 (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 15 अंक पीछे है)।
  • ग्रामीण बनाम शहरी लिंगानुपात:
    • ग्रामीण लिंगानुपात: 933
    • शहरी लिंगानुपात: 914 (शहरी क्षेत्रों में रोजगार हेतु पुरुषों के एकाकी प्रवासन के कारण लिंगानुपात 19 अंक कम है)।

शीर्ष 5 एवं न्यूनतम 5 जिले (सामान्य लिंगानुपात)

क्रम सर्वाधिक लिंगानुपात वाले जिले लिंगानुपात न्यूनतम लिंगानुपात वाले जिले लिंगानुपात सामाजिक व जनसांख्यिकीय कारण
1 डूंगरपुर 994 धौलपुर 846 दक्षिणी जनजातीय संस्कृति बनाम चंबल बीहड़ सीमावर्ती बेल्ट
2 राजसमंद 990 जैसलमेर 852 खनन व व्यापार हेतु वयस्क पुरुषों का बाह्य-प्रवासन
3 पाली 987 करौली 861 रोजगार हेतु पुरुषों का सूरत व मुंबई प्रवासन
4 प्रतापगढ़ 983 भरतपुर 880 पूर्वी मैदानी भागों में गहरी पितृसत्तात्मक रूढ़िवादिता
5 बांसवाड़ा 980 श्रीगंगानगर 887 उत्तरी नहरी पट्टी में कन्या जन्म के प्रति संकीर्णता

ग्रामीण एवं शहरी विशिष्ट चरम

  • पाली जिले का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पाली के ग्रामीण क्षेत्र का लिंगानुपात 1003 दर्ज किया गया। यह राज्य का एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ ग्रामीण महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।
  • शहरी लिंगानुपात के चरम:
    • सर्वाधिक शहरी लिंगानुपात: टोंक (985), तत्पश्चात बांसवाड़ा (964)
    • न्यूनतम शहरी लिंगानुपात: जैसलमेर (807), तत्पश्चात धौलपुर (864)


4.6 शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) एवं शेखावाटी विरोधाभास

शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) प्रति 1000 बालकों पर बालिकाओं की संख्या को मापता है:

  • राजस्थान शिशु लिंगानुपात (जनगणना 2011): 888 (2001 में 909 था; 21 अंकों की गंभीर गिरावट)।
  • राष्ट्रीय औसत: 919 (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 31 अंक नीचे है)।
  • ग्रामीण बनाम शहरी शिशु लिंगानुपात:
    • ग्रामीण शिशु लिंगानुपात: 892
    • शहरी शिशु लिंगानुपात: 874

शीर्ष 5 एवं न्यूनतम 5 जिले (शिशु लिंगानुपात)

क्रम सर्वाधिक शिशु लिंगानुपात (दक्षिणी जनजातीय बेल्ट) मान न्यूनतम शिशु लिंगानुपात (उत्तरी व शेखावाटी बेल्ट) मान
1 बांसवाड़ा 934 झुंझुनूं 837
2 प्रतापगढ़ 933 सीकर 848
3 भीलवाड़ा 928 करौली 852
4 उदयपुर 924 श्रीगंगानगर 854
5 डूंगरपुर 922 धौलपुर 857

शेखावाटी जनसांख्यिकीय विरोधाभास

शेखावाटी क्षेत्र (विशेषकर झुंझुनूं व सीकर) सामाजिक विकास का एक गहरा विरोधाभास प्रस्तुत करता है:

[झुंझुनूं: उच्च शैक्षणिक व आर्थिक समृद्धि]
  • पुरुष साक्षरता: 86.9% (राज्य में प्रथम स्थान)
  • महिला साक्षरता: 61.0% (राज्य में तृतीय स्थान)
  • ग्रामीण साक्षरता: 73.3% (राज्य में प्रथम स्थान)
  • उच्च सैन्य पेंशन एवं प्रवासी आय का संकेंद्रण
                         │
                         ▼ (गंभीर सामाजिक विकृति)
[शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष): 837] ──> राज्य में सबसे निचला स्तर
  • प्रमुख संरचनात्मक कारण:
    1. पुत्र-वरीयता की प्रबल चाह: वंश परंपरा, सामाजिक सुरक्षा व पिंडदान हेतु पुत्र जन्म की अनिवार्य सामाजिक बाध्यता।
    2. प्रौद्योगिकी का वहनीय स्तर: आर्थिक संपन्नता के कारण परिवारों द्वारा अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का आसानी से वहन कर लेना।
    3. दहेज की कुप्रथा: कन्या जन्म को आर्थिक दायित्व और सामाजिक बोझ मानने की रूढ़िवादी मानसिकता।


4.7 साक्षरता दर: कुल, पुरुष एवं महिला साक्षरता तुलनात्मक विश्लेषण

जनगणना 2011 के अनुसार 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का व्यक्ति जो किसी भी भाषा को समझकर पढ़ व लिख सकता है, उसे साक्षर माना गया है:

$$\text{साक्षरता दर} = \left(\frac{\text{7 वर्ष+ साक्षर जनसंख्या}}{\text{7 वर्ष+ कुल जनसंख्या}}\right) \times 100$$

  • राजस्थान की कुल साक्षरता दर: 66.11% (2001 में: 60.40%; शुद्ध सुधार: +5.71%)।
  • अखिल भारतीय साक्षरता दर: 73.00% (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 6.89% पीछे है)।
                                [राजस्थान कुल साक्षरता: 66.11%]
                                                │
                        ┌───────────────────────┴───────────────────────┐
                        ▼                                               ▼
              [पुरुष साक्षरता: 79.19%]                        [महिला साक्षरता: 52.12%]
               • राष्ट्रीय औसत: 80.90%                         • राष्ट्रीय औसत: 64.60%
               • सर्वोच्च: झुंझुनूं (86.9%)                     • सर्वोच्च: कोटा (65.9%)
               • न्यूनतम: प्रतापगढ़ (69.5%)                     • न्यूनतम: जालौर (38.5%)

साक्षरता की विस्तृत तुलनात्मक तालिका

संकेतक राज्य औसत सर्वाधिक साक्षर जिला शीर्ष 4 जिले क्रम न्यूनतम साक्षर जिला न्यूनतम 4 जिले क्रम
कुल साक्षरता 66.11% कोटा (76.6%) कोटा (76.6%) > जयपुर (75.5%) > झुंझुनूं (74.1%) > सीकर (71.9%) जालौर (54.9%) जालौर (54.9%) < सिरोही (55.3%) < प्रतापगढ़ (56.0%) < बांसवाड़ा (56.3%)
पुरुष साक्षरता 79.19% झुंझुनूं (86.9%) झुंझुनूं (86.9%) > कोटा (86.3%) > जयपुर (86.1%) > सीकर (85.1%) प्रतापगढ़ (69.5%) प्रतापगढ़ (69.5%) = बांसवाड़ा (69.5%) < सिरोही (70.0%) < जालौर (70.7%)
महिला साक्षरता 52.12% कोटा (65.9%) कोटा (65.9%) > जयपुर (64.0%) > झुंझुनूं (61.0%) > श्रीगंगानगर (59.7%) जालौर (38.5%) जालौर (38.5%) < सिरोही (39.7%) = जैसलमेर (39.7%) < बाड़मेर (40.6%)


4.8 ग्रामीण-शहरी साक्षरता एवं लैंगिक साक्षरता खाई

ग्रामीण बनाम शहरी साक्षरता के चरम

  • राज्य की ग्रामीण साक्षरता दर: 61.44%
    • सर्वाधिक ग्रामीण साक्षरता वाला जिला: झुंझुनूं (73.3%), तत्पश्चात कोटा, जयपुर, सीकर
    • न्यूनतम ग्रामीण साक्षरता वाला जिला: सिरोही (49.0%), तत्पश्चात प्रतापगढ़ (51.8%), जालौर (53.2%), बाड़मेर (54.4%)
  • राज्य की शहरी साक्षरता दर: 79.68%
    • सर्वाधिक शहरी साक्षरता वाला जिला: उदयपुर (87.5%), तत्पश्चात अजमेर, कोटा, जयपुर
    • न्यूनतम शहरी साक्षरता वाला जिला: जालौर (71.1%), तत्पश्चात नागौर, धौलपुर, चूरू

लैंगिक साक्षरता खाई

पुरुष एवं महिला साक्षरता दर के बीच का अंतर स्त्री शिक्षा की स्थिति को रेखांकित करता है:

$$\text{लैंगिक साक्षरता खाई} = \text{पुरुष साक्षरता (79.19%)} - \text{महिला साक्षरता (52.12%)} = \mathbf{27.07%}$$

  • राष्ट्रीय स्तर पर स्थान: राजस्थान का 27.07% का लैंगिक साक्षरता अंतर देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है (राष्ट्रीय औसत अंतर: 16.30%)।
  • जिलेवार चरम स्थिति:
    • न्यूनतम लैंगिक अंतर वाला जिला: कोटा (20.4%) — यहाँ उच्च महिला साक्षरता (65.9%) तथा उच्च पुरुष साक्षरता (86.3%) के कारण अंतर सबसे कम है।
    • सर्वाधिक लैंगिक अंतर वाले जिले: सवाई माधोपुर (34.0%), करौली (33.9%) एवं जालौर (32.2%) — यहाँ पुरुष साक्षरता 75 से 81% के बीच है, जबकि महिला साक्षरता 38 से 48% पर ही सीमित है।


4.9 स्मरण सूत्र एवं एक-पंक्ति त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य

त्वरित स्मरण सूत्र

  1. कुल साक्षरता में शीर्ष 4 जिले:
    • सूत्र: "को-जै-झु-सी" (कोटा > जयपुर > झुंझुनूं > सीकर)
  2. महिला साक्षरता में शीर्ष 4 जिले:
    • सूत्र: "को-जै-झु-गं" (कोटा > जयपुर > झुंझुनूं > श्रीगंगानगर)
  3. 100 से कम जनघनत्व वाले 3 जिले:
    • सूत्र: "जै-बी-बा" (जैसलमेर 17, बीकानेर 78, बाड़मेर 92)
  4. सर्वाधिक लिंगानुपात वाले 4 जिले:
    • सूत्र: "डू-रा-पा-प्र" (डूंगरपुर 994, राजसमंद 990, पाली 987, प्रतापगढ़ 983)
  5. 500 से अधिक जनघनत्व वाले 2 जिले:
    • सूत्र: "जै-भ" (जयपुर 595, भरतपुर 503)

20 अति-महत्वपूर्ण त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य

  1. जनगणना 2011 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,85,48,437 (लगभग 6.85 करोड़) है।
  2. राजस्थान की जनसंख्या भारत की कुल जनसंख्या का 5.66% हिस्सा है।
  3. जयपुर सर्वाधिक आबादी वाला जिला है (66.26 लाख; राज्य का 9.67%)।
  4. जैसलमेर न्यूनतम आबादी वाला जिला है (6.69 लाख; राज्य का 0.98%)।
  5. राज्य का औसत जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
  6. केवल 2 जिलों का जनघनत्व 500 या अधिक है: जयपुर (595) एवं भरतपुर (503)।
  7. केवल 3 जिलों का जनघनत्व 100 से कम है: जैसलमेर (17), बीकानेर (78) एवं बाड़मेर (92)।
  8. जैसलमेर का जनघनत्व (17) अरुणाचल प्रदेश के समान देश में सबसे कम है।
  9. राज्य का कुल लिंगानुपात 928 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष है।
  10. डूंगरपुर जिले का कुल लिंगानुपात राज्य में सर्वाधिक (994) है।
  11. धौलपुर जिले का कुल लिंगानुपात राज्य में सबसे कम (846) है।
  12. पाली राज्य का एकमात्र जिला है जिसका ग्रामीण लिंगानुपात 1000 से अधिक (1003) है।
  13. टोंक जिले का शहरी लिंगानुपात राज्य में सर्वोच्च (985) है।
  14. राज्य का शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) 2001 के 909 से घटकर 2011 में 888 रह गया (21 अंकों की गिरावट)।
  15. बांसवाड़ा जिले का शिशु लिंगानुपात राज्य में सर्वाधिक (934) है।
  16. झुंझुनूं जिले का शिशु लिंगानुपात राज्य में सबसे कम (837) है।
  17. कोटा कुल साक्षरता (76.6%) एवं महिला साक्षरता (65.9%) दोनों में राज्य में प्रथम है।
  18. झुंझुनूं पुरुष साक्षरता (86.9%) एवं ग्रामीण साक्षरता (73.3%) दोनों में राज्य में प्रथम है।
  19. जालौर कुल साक्षरता (54.9%) एवं महिला साक्षरता (38.5%) दोनों में सबसे निचले पायदान पर है।
  20. राजस्थान का लैंगिक साक्षरता अंतर 27.07% पूरे भारत में सर्वाधिक है।


4.10 मुख्य परीक्षा हेतु वर्णनात्मक प्रश्न एवं उत्तर संकेत

प्रश्न 1: राजस्थान के भौतिक प्रभागों के आधार पर जनसंख्या घनत्व के स्थानिक वितरण का विश्लेषण कीजिए।

**उत्तर संकेत:** - **पूर्वी मैदानी भाग:** सघनतम बसाव (400 से 600 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी); बनास, बाणगंगा व चंबल की कछारी मृदा, जल सुलभता, औद्योगिक संकेंद्रण (जयपुर, अलवर, भरतपुर)। - **अरावली पर्वतीय क्षेत्र:** मध्यम बसाव (200 से 350 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी); उबड़-खाबड़ धरातल, खनिज पट्टी, जनजातीय बसावट। - **हाड़ौती का पठार:** संतुलित मध्यम बसाव (200 से 380 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी); उपजाऊ काली कपासी मृदा, चंबल नहरी तंत्र। - **थार मरुस्थल:** अति-न्यून विरल बसाव (100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से कम; जैसलमेर 17, बीकानेर 78, बाड़मेर 92); बालू के टीले, जल संकट, अत्यधिक तापांतर।

प्रश्न 2: 'शेखावाटी जनसांख्यिकीय विरोधाभास' के उत्तरदायी सामाजिक-आर्थिक कारणों को स्पष्ट कीजिए।

**उत्तर संकेत:** - **संदर्भ:** उच्च शैक्षणिक व आर्थिक स्तर (झुंझुनूं पुरुष साक्षरता 86.9%) के बावजूद राज्य में सबसे कम शिशु लिंगानुपात (झुंझुनूं 837, सीकर 848)। - **मूल कारक:** 1. *पुत्र-वरीयता की मानसिकता:* वंश वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा व पैतृक संपत्ति के लिए पुत्र जन्म की अनिवार्यता। 2. *तकनीक की वहनीयता:* सैन्य पेंशन व प्रवासी आय की प्रचुरता के कारण अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का आसानी से वहन। 3. *दहेज का सामाजिक दबाव:* कन्या विवाह में भारी दहेज व सामाजिक खर्चों को आर्थिक दायित्व मानना।

प्रश्न 3: राजस्थान में भारत का सर्वाधिक लैंगिक साक्षरता अंतर (27.07%) होने के क्या कारण हैं? जिलेवार अंतर्विरोध बताइए।

**उत्तर संकेत:** - **राज्य परिदृश्य:** पुरुष साक्षरता 79.19% तथा महिला साक्षरता 52.12% के मध्य 27.07% का अंतर, जो देश में सर्वाधिक है। - **मूल कारण:** बाल विवाह की कुप्रथा, ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका विद्यालयों की कमी, रूढ़िवादी सामाजिक पाबंदियां। - **जिलेवार अंतर्विरोध:** - *न्यूनतम अंतर:* कोटा (20.4%) — नगरीय शैक्षणिक माहौल व उच्च महिला साक्षरता (65.9%)। - *अधिकतम अंतर:* सवाई माधोपुर (34.0%), करौली (33.9%) व जालौर (32.2%) जहाँ महिला साक्षरता 48% से भी कम है।