राजस्थान जनगणना 2011: 33 जिलों का मास्टर मैट्रिक्स GK
भाग - 4: राजस्थान जनगणना 2011: 33 जिलों का मास्टर मैट्रिक्स, जनघनत्व, लिंगानुपात एवं साक्षरता
विस्तृत विषय-सूची
| खंड | विषय | परीक्षा में महत्व |
|---|---|---|
| 4.1 | त्वरित संदर्भ सारांश: एक दृष्टि में चरम सांख्यिकी | ★★★★★ |
| 4.2 | 33 जिलों की विस्तृत मास्टर डेटा तालिका | ★★★★★ |
| 4.3 | जनसंख्या घनत्व: भू-आकृतिक वितरण एवं वर्गीकरण स्लैब | ★★★★★ |
| 4.4 | जिलेवार जनसंख्या घनत्व चरम (शीर्ष एवं न्यूनतम जिले) | ★★★★★ |
| 4.5 | सामान्य लिंगानुपात: राज्य, ग्रामीण-शहरी एवं जिलेवार चरम | ★★★★★ |
| 4.6 | शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) एवं शेखावाटी विरोधाभास | ★★★★★ |
| 4.7 | साक्षरता दर: कुल, पुरुष एवं महिला साक्षरता तुलनात्मक विश्लेषण | ★★★★★ |
| 4.8 | ग्रामीण-शहरी साक्षरता एवं लैंगिक साक्षरता खाई | ★★★★★ |
| 4.9 | स्मरण सूत्र एवं एक-पंक्ति त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य | ★★★★ |
| 4.10 | मुख्य परीक्षा हेतु वर्णनात्मक प्रश्न एवं उत्तर संकेत | ★★★★ |
4.1 त्वरित संदर्भ सारांश: एक दृष्टि में चरम सांख्यिकी
[कुल जनसंख्या] ──> सर्वोच्च: जयपुर (66.26 लाख) │ न्यूनतम: जैसलमेर (6.69 लाख)
[दशकीय वृद्धि दर] ──> सर्वोच्च: बाड़मेर (32.5%) │ न्यूनतम: श्रीगंगानगर (10.0%)
[जनसंख्या घनत्व] ──> सर्वोच्च: जयपुर (595 व्यक्ति) │ न्यूनतम: जैसलमेर (17 व्यक्ति)
[कुल लिंगानुपात] ──> सर्वोच्च: डूंगरपुर (994) │ न्यूनतम: धौलपुर (846)
[शिशु लिंगानुपात] ──> सर्वोच्च: बांसवाड़ा (934) │ न्यूनतम: झुंझुनूं (837)
[कुल साक्षरता] ──> सर्वोच्च: कोटा (76.6%) │ न्यूनतम: जालौर (54.9%)
[पुरुष साक्षरता] ──> सर्वोच्च: झुंझुनूं (86.9%) │ न्यूनतम: प्रतापगढ़ / बांसवाड़ा (69.5%)
[महिला साक्षरता] ──> सर्वोच्च: कोटा (65.9%) │ न्यूनतम: जालौर (38.5%)
राज्य स्तरीय आधारभूत सांख्यिकी (जनगणना 2011)
| संकेतक | राजस्थान का मान | अखिल भारतीय मान | तुलनात्मक अंतर एवं स्थिति |
|---|---|---|---|
| कुल जनसंख्या | 6,85,48,437 | 1,21,08,54,977 | देश की कुल आबादी का 5.66% (2011 में आठवाँ; तेलंगाना गठन बाद सातवाँ स्थान) |
| दशकीय वृद्धि दर | 21.31% | 17.70% | राष्ट्रीय औसत से +3.61% अंक अधिक |
| जनसंख्या घनत्व | 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी | 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी | राष्ट्रीय औसत से 182 व्यक्ति कम (2001 से +35 अंकों की वृद्धि) |
| कुल लिंगानुपात | 928 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष | 943 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष | राष्ट्रीय औसत से 15 कम (2001 से +7 अंकों का सुधार) |
| शिशु लिंगानुपात (0-6) | 888 बालिकाएं प्रति 1000 बालक | 919 बालिकाएं प्रति 1000 बालक | राष्ट्रीय औसत से 31 कम (2001 से 21 अंकों की भारी गिरावट) |
| कुल साक्षरता दर | 66.11% | 73.00% | राष्ट्रीय औसत से 6.89% कम (2001 से +5.71% का सुधार) |
| पुरुष साक्षरता दर | 79.19% | 80.90% | राष्ट्रीय औसत से 1.71% कम |
| महिला साक्षरता दर | 52.12% | 64.60% | राष्ट्रीय औसत से 12.48% कम (बिहार के बाद देश में दूसरा सबसे निचला स्तर) |
| लैंगिक साक्षरता खाई | 27.07% | 16.30% | देश के सभी राज्यों में सबसे चौड़ा लैंगिक अंतर |
4.2 33 जिलों की विस्तृत मास्टर डेटा तालिका
(आधिकारिक स्रोत: प्राथमिक जनगणना सार - राजस्थान, जनगणना कार्य निदेशालय, जनगणना 2011)
| कोड | जिला | कुल जनसंख्या | राज्य का % | दशकीय वृद्धि (%) | जनघनत्व (प्रति वर्ग किमी) | कुल लिंगानुपात | शिशु लिंगानुपात (0-6) | कुल साक्षरता (%) | पुरुष साक्षरता (%) | महिला साक्षरता (%) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 01 | श्रीगंगानगर | 19,69,168 | 2.87% | 10.0% (न्यूनतम) | 179 | 887 | 854 | 69.6% | 78.5% | 59.7% |
| 02 | हनुमानगढ़ | 17,74,692 | 2.59% | 16.9% | 184 | 895 | 878 | 67.1% | 77.4% | 55.8% |
| 03 | बीकानेर | 23,63,937 | 3.45% | 24.3% | 78 (100 से कम) | 905 | 906 | 65.1% | 75.9% | 53.2% |
| 04 | चूरू | 20,39,547 | 2.98% | 20.3% | 147 | 940 | 864 | 66.8% | 78.8% | 54.0% |
| 05 | झुंझुनूं | 21,37,045 | 3.12% | 11.7% | 361 | 950 | 837 (न्यूनतम) | 74.1% | 86.9% (सर्वोच्च) | 61.0% |
| 06 | अलवर | 36,74,179 | 5.36% | 22.8% | 438 | 895 | 865 | 70.7% | 83.7% | 56.3% |
| 07 | भरतपुर | 25,48,462 | 3.72% | 21.4% | 503 (500 से अधिक) | 880 | 869 | 70.1% | 84.1% | 54.2% |
| 08 | धौलपुर | 12,06,516 | 1.76% | 22.7% | 398 | 846 (न्यूनतम) | 857 | 69.1% | 81.2% | 54.7% |
| 09 | करौली | 14,58,248 | 2.13% | 20.5% | 264 | 861 | 852 | 66.2% | 81.4% | 47.5% |
| 10 | सवाई माधोपुर | 13,35,551 | 1.95% | 19.6% | 297 | 897 | 871 | 65.4% | 81.5% | 47.5% |
| 11 | दौसा | 16,31,309 | 2.38% | 24.1% | 476 | 905 | 865 | 68.2% | 83.0% | 51.9% |
| 12 | जयपुर | 66,26,178 (सर्वोच्च) | 9.67% | 26.2% | 595 (सर्वोच्च) | 910 | 861 | 75.5% | 86.1% | 64.0% |
| 13 | सीकर | 26,77,333 | 3.91% | 17.0% | 346 | 947 | 848 | 71.9% | 85.1% | 58.2% |
| 14 | नागौर | 33,07,743 | 4.82% | 19.2% | 187 | 950 | 897 | 62.8% | 77.2% | 47.8% |
| 15 | जोधपुर | 36,87,165 | 5.38% | 27.7% | 161 | 916 | 891 | 65.9% | 79.0% | 51.8% |
| 16 | जैसलमेर | 6,69,919 (न्यूनतम) | 0.98% | 31.8% | 17 (न्यूनतम) | 852 | 897 | 57.2% | 72.0% | 39.7% |
| 17 | बाड़मेर | 26,03,751 | 3.80% | 32.5% (सर्वोच्च) | 92 (100 से कम) | 902 | 904 | 56.5% | 70.9% | 40.6% |
| 18 | जालौर | 18,28,730 | 2.67% | 21.8% | 172 | 952 | 895 | 54.9% (न्यूनतम) | 70.7% | 38.5% (न्यूनतम) |
| 19 | सिरोही | 10,36,346 | 1.51% | 21.8% | 202 | 940 | 897 | 55.3% | 70.0% | 39.7% |
| 20 | पाली | 20,37,624 | 2.97% | 11.9% | 164 | 987 | 899 | 62.4% | 76.8% | 48.0% |
| 21 | अजमेर | 25,83,052 | 3.77% | 18.5% | 305 | 951 | 901 | 69.3% | 82.4% | 55.7% |
| 22 | टोंक | 14,21,326 | 2.07% | 17.3% | 198 | 952 | 892 | 61.6% | 77.1% | 45.4% |
| 23 | बूँदी | 11,10,906 | 1.62% | 15.4% | 192 | 925 | 891 | 61.5% | 75.4% | 46.6% |
| 24 | भीलवाड़ा | 24,08,523 | 3.51% | 19.6% | 230 | 973 | 928 | 61.4% | 75.9% | 47.2% |
| 25 | राजसमंद | 11,56,597 | 1.69% | 17.7% | 248 | 990 | 890 | 63.1% | 78.4% | 48.0% |
| 26 | डूंगरपुर | 13,88,552 | 2.03% | 25.4% | 368 | 994 (सर्वोच्च) | 922 | 59.5% | 72.9% | 46.2% |
| 27 | बांसवाड़ा | 17,97,485 | 2.62% | 26.5% | 397 | 980 | 934 (सर्वोच्च) | 56.3% | 69.5% (न्यूनतम) | 43.1% |
| 28 | चित्तौड़गढ़ | 15,44,338 | 2.25% | 16.1% | 197 | 972 | 912 | 61.7% | 76.6% | 46.5% |
| 29 | कोटा | 19,51,146 | 2.85% | 24.3% | 374 | 911 | 899 | 76.6% (सर्वोच्च) | 86.3% | 65.9% (सर्वोच्च) |
| 30 | बारां | 12,22,755 | 1.78% | 19.6% | 175 | 929 | 912 | 66.7% | 80.3% | 52.1% |
| 31 | झालावाड़ | 14,11,129 | 2.06% | 19.6% | 227 | 960 | 912 | 61.5% | 75.8% | 46.5% |
| 32 | उदयपुर | 30,68,420 | 4.48% | 23.7% | 262 | 967 | 924 | 61.8% | 74.7% | 48.5% |
| 33 | प्रतापगढ़ | 8,67,848 | 1.26% | 22.8% | 195 | 983 | 933 | 56.0% | 69.5% (न्यूनतम) | 42.4% |
| — | राजस्थान (कुल) | 6,85,48,437 | 100% | 21.31% | 200 | 928 | 888 | 66.11% | 79.19% | 52.12% |
4.3 जनसंख्या घनत्व: भू-आकृतिक वितरण एवं वर्गीकरण स्लैब
जनसंख्या घनत्व किसी भौगोलिक इकाई में मानव बसाव के दबाव को मापने का प्राथमिक सूचकांक है:
$$\text{जनसंख्या घनत्व} = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{कुल भौगोलिक क्षेत्रफल (वर्ग किमी)}}$$
- राजस्थान का औसत जनघनत्व: 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001 में यह 165 था; शुद्ध वृद्धि: +35 अंक)।
- राष्ट्रीय औसत: 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 182 अंक कम है)।
[पूर्वी जलोढ़ मैदान] ──> सघनतम बसाव (400 - 600 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
• उर्वर कछारी मृदा, जल उपलब्धता, सघन रेल व सड़क तंत्र, कृषि एवं औद्योगिक संकेंद्रण।
[अरावली पर्वतीय क्षेत्र] ──> मध्यम बसाव (200 - 350 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
• उथली मृदा, सीढ़ीदार कृषि, खनन गलियारे, जनजातीय बस्तियां।
[हाड़ौती का पठार] ──> संतुलित मध्यम बसाव (200 - 380 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
• काली उपजाऊ कपासी मृदा, चंबल नहरी कमान क्षेत्र, सघन सस्य प्रारूप।
[थार मरुस्थल (पश्चिम)] ──> अति-न्यून विरल बसाव (100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से कम)
• बालू के टीले, जल संकट, अत्यधिक तापांतर, बिखरी हुई ढाणियां।
जनघनत्व वर्गीकरण स्लैब
- अति-उच्च घनत्व वर्ग (500 या अधिक व्यक्ति प्रति वर्ग किमी - 2 जिले):
- जयपुर: 595 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- भरतपुर: 503 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- उच्च घनत्व वर्ग (400 से 499 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी - 2 जिले):
- दौसा: 476 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- अलवर: 438 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- अति-न्यून घनत्व वर्ग (100 से कम व्यक्ति प्रति वर्ग किमी - 3 जिले):
- जैसलमेर: 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (अरुणाचल प्रदेश के समान)
- बीकानेर: 78 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- बाड़मेर: 92 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- राज्य औसत (200) के सर्वाधिक निकटतम जिले:
- सिरोही: 202 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
- चित्तौड़गढ़: 197 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
4.4 जिलेवार जनसंख्या घनत्व चरम (शीर्ष एवं न्यूनतम जिले)
शीर्ष 5 एवं न्यूनतम 5 जनघनत्व वाले जिले
| क्रम | सर्वाधिक घनत्व वाले जिले | घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) | न्यूनतम घनत्व वाले जिले | घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) | राष्ट्रीय संदर्भ एवं टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | जयपुर | 595 | जैसलमेर | 17 | जैसलमेर का घनत्व अरुणाचल प्रदेश (17) के समान भारत में न्यूनतम है |
| 2 | भरतपुर | 503 | बीकानेर | 78 | विशाल मरुस्थलीय क्षेत्रफल (30,239 वर्ग किमी) के कारण विरल बसाव |
| 3 | दौसा | 476 | बाड़मेर | 92 | राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जिला (28,387 वर्ग किमी) |
| 4 | अलवर | 438 | चूरू | 147 | उत्तरी मरुस्थलीय संक्रमण क्षेत्र |
| 5 | धौलपुर | 398 | जोधपुर | 161 | मारवाड़ का केंद्र; विशाल भौगोलिक विस्तार (22,850 वर्ग किमी) |
[सर्वाधिक घनत्व क्रम] ──> जयपुर (595) > भरतपुर (503) > दौसा (476) > अलवर (438) > धौलपुर (398)
[न्यूनतम घनत्व क्रम] ──> जैसलमेर (17) < बीकानेर (78) < बाड़मेर (92) < चूरू (147) < जोधपुर (161)
4.5 सामान्य लिंगानुपात: राज्य, ग्रामीण-शहरी एवं जिलेवार चरम
लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को दर्शाता है:
$$\text{लिंगानुपात} = \left(\frac{\text{स्त्रियों की कुल संख्या}}{\text{पुरुषों की कुल संख्या}}\right) \times 1000$$
- राजस्थान का औसत लिंगानुपात: 928 (2001 में 921 था; शुद्ध सुधार: +7 अंक)।
- राष्ट्रीय औसत: 943 (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 15 अंक पीछे है)।
- ग्रामीण बनाम शहरी लिंगानुपात:
- ग्रामीण लिंगानुपात: 933
- शहरी लिंगानुपात: 914 (शहरी क्षेत्रों में रोजगार हेतु पुरुषों के एकाकी प्रवासन के कारण लिंगानुपात 19 अंक कम है)।
शीर्ष 5 एवं न्यूनतम 5 जिले (सामान्य लिंगानुपात)
| क्रम | सर्वाधिक लिंगानुपात वाले जिले | लिंगानुपात | न्यूनतम लिंगानुपात वाले जिले | लिंगानुपात | सामाजिक व जनसांख्यिकीय कारण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | डूंगरपुर | 994 | धौलपुर | 846 | दक्षिणी जनजातीय संस्कृति बनाम चंबल बीहड़ सीमावर्ती बेल्ट |
| 2 | राजसमंद | 990 | जैसलमेर | 852 | खनन व व्यापार हेतु वयस्क पुरुषों का बाह्य-प्रवासन |
| 3 | पाली | 987 | करौली | 861 | रोजगार हेतु पुरुषों का सूरत व मुंबई प्रवासन |
| 4 | प्रतापगढ़ | 983 | भरतपुर | 880 | पूर्वी मैदानी भागों में गहरी पितृसत्तात्मक रूढ़िवादिता |
| 5 | बांसवाड़ा | 980 | श्रीगंगानगर | 887 | उत्तरी नहरी पट्टी में कन्या जन्म के प्रति संकीर्णता |
ग्रामीण एवं शहरी विशिष्ट चरम
- पाली जिले का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पाली के ग्रामीण क्षेत्र का लिंगानुपात 1003 दर्ज किया गया। यह राज्य का एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ ग्रामीण महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।
- शहरी लिंगानुपात के चरम:
- सर्वाधिक शहरी लिंगानुपात: टोंक (985), तत्पश्चात बांसवाड़ा (964)
- न्यूनतम शहरी लिंगानुपात: जैसलमेर (807), तत्पश्चात धौलपुर (864)
4.6 शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) एवं शेखावाटी विरोधाभास
शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) प्रति 1000 बालकों पर बालिकाओं की संख्या को मापता है:
- राजस्थान शिशु लिंगानुपात (जनगणना 2011): 888 (2001 में 909 था; 21 अंकों की गंभीर गिरावट)।
- राष्ट्रीय औसत: 919 (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 31 अंक नीचे है)।
- ग्रामीण बनाम शहरी शिशु लिंगानुपात:
- ग्रामीण शिशु लिंगानुपात: 892
- शहरी शिशु लिंगानुपात: 874
शीर्ष 5 एवं न्यूनतम 5 जिले (शिशु लिंगानुपात)
| क्रम | सर्वाधिक शिशु लिंगानुपात (दक्षिणी जनजातीय बेल्ट) | मान | न्यूनतम शिशु लिंगानुपात (उत्तरी व शेखावाटी बेल्ट) | मान |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बांसवाड़ा | 934 | झुंझुनूं | 837 |
| 2 | प्रतापगढ़ | 933 | सीकर | 848 |
| 3 | भीलवाड़ा | 928 | करौली | 852 |
| 4 | उदयपुर | 924 | श्रीगंगानगर | 854 |
| 5 | डूंगरपुर | 922 | धौलपुर | 857 |
शेखावाटी जनसांख्यिकीय विरोधाभास
शेखावाटी क्षेत्र (विशेषकर झुंझुनूं व सीकर) सामाजिक विकास का एक गहरा विरोधाभास प्रस्तुत करता है:
[झुंझुनूं: उच्च शैक्षणिक व आर्थिक समृद्धि]
• पुरुष साक्षरता: 86.9% (राज्य में प्रथम स्थान)
• महिला साक्षरता: 61.0% (राज्य में तृतीय स्थान)
• ग्रामीण साक्षरता: 73.3% (राज्य में प्रथम स्थान)
• उच्च सैन्य पेंशन एवं प्रवासी आय का संकेंद्रण
│
▼ (गंभीर सामाजिक विकृति)
[शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष): 837] ──> राज्य में सबसे निचला स्तर
- प्रमुख संरचनात्मक कारण:
- पुत्र-वरीयता की प्रबल चाह: वंश परंपरा, सामाजिक सुरक्षा व पिंडदान हेतु पुत्र जन्म की अनिवार्य सामाजिक बाध्यता।
- प्रौद्योगिकी का वहनीय स्तर: आर्थिक संपन्नता के कारण परिवारों द्वारा अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का आसानी से वहन कर लेना।
- दहेज की कुप्रथा: कन्या जन्म को आर्थिक दायित्व और सामाजिक बोझ मानने की रूढ़िवादी मानसिकता।
4.7 साक्षरता दर: कुल, पुरुष एवं महिला साक्षरता तुलनात्मक विश्लेषण
जनगणना 2011 के अनुसार 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का व्यक्ति जो किसी भी भाषा को समझकर पढ़ व लिख सकता है, उसे साक्षर माना गया है:
$$\text{साक्षरता दर} = \left(\frac{\text{7 वर्ष+ साक्षर जनसंख्या}}{\text{7 वर्ष+ कुल जनसंख्या}}\right) \times 100$$
- राजस्थान की कुल साक्षरता दर: 66.11% (2001 में: 60.40%; शुद्ध सुधार: +5.71%)।
- अखिल भारतीय साक्षरता दर: 73.00% (राजस्थान राष्ट्रीय औसत से 6.89% पीछे है)।
[राजस्थान कुल साक्षरता: 66.11%]
│
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▼ ▼
[पुरुष साक्षरता: 79.19%] [महिला साक्षरता: 52.12%]
• राष्ट्रीय औसत: 80.90% • राष्ट्रीय औसत: 64.60%
• सर्वोच्च: झुंझुनूं (86.9%) • सर्वोच्च: कोटा (65.9%)
• न्यूनतम: प्रतापगढ़ (69.5%) • न्यूनतम: जालौर (38.5%)
साक्षरता की विस्तृत तुलनात्मक तालिका
| संकेतक | राज्य औसत | सर्वाधिक साक्षर जिला | शीर्ष 4 जिले क्रम | न्यूनतम साक्षर जिला | न्यूनतम 4 जिले क्रम |
|---|---|---|---|---|---|
| कुल साक्षरता | 66.11% | कोटा (76.6%) | कोटा (76.6%) > जयपुर (75.5%) > झुंझुनूं (74.1%) > सीकर (71.9%) | जालौर (54.9%) | जालौर (54.9%) < सिरोही (55.3%) < प्रतापगढ़ (56.0%) < बांसवाड़ा (56.3%) |
| पुरुष साक्षरता | 79.19% | झुंझुनूं (86.9%) | झुंझुनूं (86.9%) > कोटा (86.3%) > जयपुर (86.1%) > सीकर (85.1%) | प्रतापगढ़ (69.5%) | प्रतापगढ़ (69.5%) = बांसवाड़ा (69.5%) < सिरोही (70.0%) < जालौर (70.7%) |
| महिला साक्षरता | 52.12% | कोटा (65.9%) | कोटा (65.9%) > जयपुर (64.0%) > झुंझुनूं (61.0%) > श्रीगंगानगर (59.7%) | जालौर (38.5%) | जालौर (38.5%) < सिरोही (39.7%) = जैसलमेर (39.7%) < बाड़मेर (40.6%) |
4.8 ग्रामीण-शहरी साक्षरता एवं लैंगिक साक्षरता खाई
ग्रामीण बनाम शहरी साक्षरता के चरम
- राज्य की ग्रामीण साक्षरता दर: 61.44%
- सर्वाधिक ग्रामीण साक्षरता वाला जिला: झुंझुनूं (73.3%), तत्पश्चात कोटा, जयपुर, सीकर
- न्यूनतम ग्रामीण साक्षरता वाला जिला: सिरोही (49.0%), तत्पश्चात प्रतापगढ़ (51.8%), जालौर (53.2%), बाड़मेर (54.4%)
- राज्य की शहरी साक्षरता दर: 79.68%
- सर्वाधिक शहरी साक्षरता वाला जिला: उदयपुर (87.5%), तत्पश्चात अजमेर, कोटा, जयपुर
- न्यूनतम शहरी साक्षरता वाला जिला: जालौर (71.1%), तत्पश्चात नागौर, धौलपुर, चूरू
लैंगिक साक्षरता खाई
पुरुष एवं महिला साक्षरता दर के बीच का अंतर स्त्री शिक्षा की स्थिति को रेखांकित करता है:
$$\text{लैंगिक साक्षरता खाई} = \text{पुरुष साक्षरता (79.19%)} - \text{महिला साक्षरता (52.12%)} = \mathbf{27.07%}$$
- राष्ट्रीय स्तर पर स्थान: राजस्थान का 27.07% का लैंगिक साक्षरता अंतर देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है (राष्ट्रीय औसत अंतर: 16.30%)।
- जिलेवार चरम स्थिति:
- न्यूनतम लैंगिक अंतर वाला जिला: कोटा (20.4%) — यहाँ उच्च महिला साक्षरता (65.9%) तथा उच्च पुरुष साक्षरता (86.3%) के कारण अंतर सबसे कम है।
- सर्वाधिक लैंगिक अंतर वाले जिले: सवाई माधोपुर (34.0%), करौली (33.9%) एवं जालौर (32.2%) — यहाँ पुरुष साक्षरता 75 से 81% के बीच है, जबकि महिला साक्षरता 38 से 48% पर ही सीमित है।
4.9 स्मरण सूत्र एवं एक-पंक्ति त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य
त्वरित स्मरण सूत्र
- कुल साक्षरता में शीर्ष 4 जिले:
- सूत्र: "को-जै-झु-सी" (कोटा > जयपुर > झुंझुनूं > सीकर)
- महिला साक्षरता में शीर्ष 4 जिले:
- सूत्र: "को-जै-झु-गं" (कोटा > जयपुर > झुंझुनूं > श्रीगंगानगर)
- 100 से कम जनघनत्व वाले 3 जिले:
- सूत्र: "जै-बी-बा" (जैसलमेर 17, बीकानेर 78, बाड़मेर 92)
- सर्वाधिक लिंगानुपात वाले 4 जिले:
- सूत्र: "डू-रा-पा-प्र" (डूंगरपुर 994, राजसमंद 990, पाली 987, प्रतापगढ़ 983)
- 500 से अधिक जनघनत्व वाले 2 जिले:
- सूत्र: "जै-भ" (जयपुर 595, भरतपुर 503)
20 अति-महत्वपूर्ण त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य
- जनगणना 2011 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,85,48,437 (लगभग 6.85 करोड़) है।
- राजस्थान की जनसंख्या भारत की कुल जनसंख्या का 5.66% हिस्सा है।
- जयपुर सर्वाधिक आबादी वाला जिला है (66.26 लाख; राज्य का 9.67%)।
- जैसलमेर न्यूनतम आबादी वाला जिला है (6.69 लाख; राज्य का 0.98%)।
- राज्य का औसत जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
- केवल 2 जिलों का जनघनत्व 500 या अधिक है: जयपुर (595) एवं भरतपुर (503)।
- केवल 3 जिलों का जनघनत्व 100 से कम है: जैसलमेर (17), बीकानेर (78) एवं बाड़मेर (92)।
- जैसलमेर का जनघनत्व (17) अरुणाचल प्रदेश के समान देश में सबसे कम है।
- राज्य का कुल लिंगानुपात 928 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष है।
- डूंगरपुर जिले का कुल लिंगानुपात राज्य में सर्वाधिक (994) है।
- धौलपुर जिले का कुल लिंगानुपात राज्य में सबसे कम (846) है।
- पाली राज्य का एकमात्र जिला है जिसका ग्रामीण लिंगानुपात 1000 से अधिक (1003) है।
- टोंक जिले का शहरी लिंगानुपात राज्य में सर्वोच्च (985) है।
- राज्य का शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) 2001 के 909 से घटकर 2011 में 888 रह गया (21 अंकों की गिरावट)।
- बांसवाड़ा जिले का शिशु लिंगानुपात राज्य में सर्वाधिक (934) है।
- झुंझुनूं जिले का शिशु लिंगानुपात राज्य में सबसे कम (837) है।
- कोटा कुल साक्षरता (76.6%) एवं महिला साक्षरता (65.9%) दोनों में राज्य में प्रथम है।
- झुंझुनूं पुरुष साक्षरता (86.9%) एवं ग्रामीण साक्षरता (73.3%) दोनों में राज्य में प्रथम है।
- जालौर कुल साक्षरता (54.9%) एवं महिला साक्षरता (38.5%) दोनों में सबसे निचले पायदान पर है।
- राजस्थान का लैंगिक साक्षरता अंतर 27.07% पूरे भारत में सर्वाधिक है।