राजस्थान की ऐतिहासिक जनसांख्यिकी एवं वृद्धि दर (1901–2011) GK
भाग - 2: राजस्थान की ऐतिहासिक जनसांख्यिकी एवं वृद्धि दर (1901–2011)#
विस्तृत विषय-सूची#
| खंड |
विषय |
परीक्षा में महत्व |
| 2.1 |
ग्यारह दशकों की जनसांख्यिकीय यात्रा (1901–2011) |
★★★★★ |
| 2.2 |
प्रत्येक दशक की ऐतिहासिक घटनाएँ एवं जनसांख्यिकीय प्रभाव |
★★★★★ |
| 2.3 |
जनसांख्यिकीय संक्रमण के 4 चरण |
★★★★★ |
| 2.4 |
राजस्थान बनाम राष्ट्रीय औसत: तुलनात्मक विश्लेषण |
★★★★★ |
| 2.5 |
परीक्षा-उपयोगी मुख्य बिंदु एवं सांख्यिकी |
★★★★★ |
| 2.6 |
स्मरण सूत्र |
★★★★ |
| 2.7 |
एक-पंक्ति में त्वरित पुनरावृत्ति |
★★★★★ |
| 2.8 |
वर्णनात्मक प्रश्न एवं उत्तर संकेत |
★★★★ |
| 2.9 |
चार्ट एवं टेबल सारांश |
★★★★★ |
2.1 ग्यारह दशकों की जनसांख्यिकीय यात्रा (1901 से 2011)#
राजस्थान में 20वीं सदी के प्रारंभ (1901) से लेकर 2011 तक जनसंख्या लगभग 6.6 गुना बढ़ी है (1.03 करोड़ से बढ़कर 6.85 करोड़)। इस 110 वर्षों की अवधि में राज्य की शुद्ध जनसंख्या वृद्धि 5,82,54,347 दर्ज की गई, जो 566% की भारी बढ़ोतरी को दर्शाती है।
| जनगणना वर्ष |
कुल जनसंख्या |
शुद्ध दशकीय वृद्धि |
राजस्थान वृद्धि दर (%) |
भारत वृद्धि दर (%) |
अंतर (राज.–भारत) |
ऐतिहासिक घटनाक्रम एवं जनसांख्यिकीय प्रभाव |
| 1901 |
1,02,94,090 |
— |
— |
— |
— |
20वीं सदी की प्रथम व्यवस्थित जनगणना। आधार वर्ष संदर्भ जनसंख्या। |
| 1911 |
1,09,83,509 |
+6,89,419 |
+6.70% |
+5.75% |
+0.95% |
सामान्य कृषि आधारित धीमी वृद्धि; उच्च शिशु एवं मातृ मृत्यु दर के कारण वृद्धि सीमित रही। |
| 1921 |
1,02,92,648 |
−6,90,861 |
−6.29% |
−0.31% |
−5.98% |
महान जनसांख्यिकीय विभाजक वर्ष: 1918 के स्पैनिश फ्लू (इन्फ्लुएंजा), प्लेग, हैजा, प्रथम विश्व युद्ध और 1899 के छप्पनिया अकाल के दुष्प्रभावों से जनसंख्या में भारी गिरावट आई। राजस्थान में गिरावट भारत की तुलना में लगभग 20 गुना अधिक तीव्र थी। |
| 1931 |
1,17,47,974 |
+14,55,326 |
+14.14% |
+11.00% |
+3.14% |
सुधार का दौर; अकाल राहत कार्यों व महामारियों पर आंशिक नियंत्रण से मृत्यु दर में कमी आई। |
| 1941 |
1,38,63,859 |
+21,15,885 |
+18.01% |
+14.22% |
+3.79% |
द्वितीय विश्व युद्ध काल; सार्वजनिक स्वच्छता व प्राथमिक उपचार सेवाओं का क्रमिक विस्तार। |
| 1951 |
1,59,70,774 |
+21,06,915 |
+15.20% |
+13.31% |
+1.89% |
स्वतंत्र भारत की प्रथम गणना; विभाजन के समय सिंध व पंजाब से विस्थापितों का पुनर्वास। |
| 1961 |
2,01,55,602 |
+41,84,828 |
+26.20% |
+21.51% |
+4.69% |
पेनिसिलिन (एंटीबायोटिक्स) का बड़े पैमाने पर प्रयोग; चेचक व मलेरिया उन्मूलन से मृत्यु दर में भारी गिरावट। |
| 1971 |
2,57,65,806 |
+56,10,204 |
+27.83% |
+24.80% |
+3.03% |
गंग नहर व इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण से सिंचित कृषि व खाद्य सुरक्षा का विस्तार। |
| 1981 |
3,42,61,862 |
+84,96,056 |
+32.97% |
+24.66% |
+8.31% |
राजस्थान के इतिहास की सर्वोच्च वृद्धि दर: 'जनसंख्या विस्फोट' का चरम काल; ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से मृत्यु दर न्यूनतम, किंतु सामाजिक कारणों से जन्म दर अत्यधिक उच्च रही। |
| 1991 |
4,40,05,990 |
+97,44,128 |
+28.44% |
+23.87% |
+4.57% |
पश्चिमी मरुस्थलीय जिलों में नहरी बसावट; परिवार कल्याण कार्यक्रमों का धीमा प्रसार। |
| 2001 |
5,65,07,188 |
+1,25,01,198 |
+28.41% |
+21.54% |
+6.87% |
कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में मामूली कमी; महिला साक्षरता अभियानों का असर प्रारंभ। |
| 2011 |
6,85,48,437 |
+1,20,41,249 |
+21.31% |
+17.70% |
+3.61% |
तीव्र जनसांख्यिकीय मंदी: 2001 की तुलना में 7.10% अंकों की ऐतिहासिक गिरावट; जनसांख्यिकीय संक्रमण के परिपक्व चरण में प्रवेश। |
2.2 प्रत्येक दशक की ऐतिहासिक घटनाएँ एवं जनसांख्यिकीय प्रभाव#
| दशक |
ऐतिहासिक घटना |
जनसांख्यिकीय प्रभाव |
| 1901–1911 |
20वीं सदी की प्रथम व्यवस्थित जनगणना |
सामान्य कृषि आधारित धीमी वृद्धि (+6.70%); शिशु मृत्यु दर अत्यधिक उच्च। |
| 1911–1921 |
प्रथम विश्व युद्ध, 1918 का स्पैनिश फ्लू (इन्फ्लुएंजा), प्लेग, हैजा, 1899 के छप्पनिया अकाल के दुष्परिणाम |
महान जनसांख्यिकीय विभाजक वर्ष (1921): राज्य की जनसंख्या में −6.29% (−6,90,861) की भारी ऋणात्मक वृद्धि। भारत की तुलना में (~20 गुना) अधिक गंभीर गिरावट। |
| 1921–1931 |
महामारियों पर आंशिक नियंत्रण, अकाल राहत कार्य, रेल परिवहन द्वारा अनाज आपूर्ति |
मृत्यु दर में निरंतर कमी; वृद्धि दर पलटकर +14.14% पर पहुँची। |
| 1931–1941 |
द्वितीय विश्व युद्ध काल, सार्वजनिक स्वच्छता व प्राथमिक उपचार का विस्तार |
मृत्यु दर में और कमी; वृद्धि दर बढ़कर +18.01% हुई। |
| 1941–1951 |
देश का विभाजन (1947), स्वतंत्र भारत की प्रथम जनगणना (1951) |
सिंध व पश्चिमी पंजाब से शरणार्थियों का पुनर्वास; वृद्धि दर +15.20% दर्ज हुई। |
| 1951–1961 |
पंचवर्षीय योजनाएँ, पेनिसिलिन (एंटीबायोटिक्स), मलेरिया व चेचक उन्मूलन अभियान |
मृत्यु दर में अभूतपूर्व गिरावट किंतु जन्म दर उच्च; वृद्धि दर उछलकर +26.20% पहुँची। |
| 1961–1971 |
गंग नहर का विस्तार एवं इंदिरा गांधी नहर (आईजीएनपी) का प्रथम चरण |
सिंचित कृषि का प्रसार, पोषण स्तर में सुधार; वृद्धि दर +27.83% दर्ज। |
| 1971–1981 |
स्वास्थ्य सेवाओं (पीएचसी/सीएचसी) का ग्राम स्तर पर विस्तार, हरित क्रांति का प्रभाव |
राज्य के इतिहास की सर्वोच्च वृद्धि दर (+32.97%); वास्तविक 'जनसंख्या विस्फोट' का दशक। राष्ट्रीय औसत से +8.31% अधिक। |
| 1981–1991 |
पश्चिमी मरुस्थलीय जिलों में आईजीएनपी के विस्तार से बसावट |
वृद्धि दर उच्च स्तर (+28.44%) पर बनी रही; परिवार नियोजन का सीमित असर। |
| 1991–2001 |
आर्थिक उदारीकरण, बालिका शिक्षा एवं टीकाकरण अभियान |
वृद्धि दर में आंशिक स्थिरता (+28.41%); शुद्ध जनसंख्या वृद्धि 1.25 करोड़ रही। |
| 2001–2011 |
महिला साक्षरता में तीव्र वृद्धि, संस्थागत प्रसव, परिवार कल्याण कार्यक्रम |
ऐतिहासिक जनसांख्यिकीय मंदी: वृद्धि दर 28.41% से घटकर 21.31% पर आ गई (7.10% अंकों की ऐतिहासिक गिरावट)। |
2.3 जनसांख्यिकीय संक्रमण के 4 चरण#
[चरण 1: 1901-1921] ──> [चरण 2: 1921-1951] ──> [चरण 3: 1951-1981] ──> [चरण 4: 1981-2011]
स्थिर / ऋणात्मक धीमी नियमित वृद्धि तीव्र जनसंख्या विस्फोट स्थिरीकरण एवं मंदी
(उच्च जन्म दर / उच्च मृत्यु दर) (उच्च जन्म दर / घटती मृत्यु दर) (उच्च जन्म दर / निम्न मृत्यु दर) (घटती जन्म दर / निम्न मृत्यु दर)
| चरण |
काल |
जन्म दर |
मृत्यु दर |
दशकीय वृद्धि दर |
प्रमुख विशेषता |
| प्रथम चरण |
1901–1921 |
उच्च |
उच्च |
स्थिर / ऋणात्मक (−6.29% तक) |
प्राकृतिक आपदाओं, भुखमरी और संक्रामक रोगों (स्पैनिश फ्लू, प्लेग) के कारण जनसंख्या वृद्धि अत्यंत अनिश्चित रही। 1921 में भारी ऋणात्मक गिरावट दर्ज हुई। |
| द्वितीय चरण |
1921–1951 |
उच्च |
निरंतर घटती |
धीमी नियमित (+14% से +18%) |
अकाल प्रबंधन, रेल परिवहन द्वारा खाद्यान्न आपूर्ति और महामारियों पर आंशिक नियंत्रण से मृत्यु दर में गिरावट प्रारंभ हुई, जबकि जन्म दर उच्च बनी रही। |
| तृतीय चरण |
1951–1981 |
उच्च |
तीव्र गिरावट (निम्न) |
तीव्र जनसंख्या विस्फोट (+26% से +33%) |
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं (पीएचसी/सीएचसी), व्यापक टीकाकरण व आधुनिक औषधियों से मृत्यु दर न्यूनतम स्तर पर पहुँची, किंतु सामाजिक कारणों से जन्म दर उच्च बनी रही। 1981 में 32.97% का ऐतिहासिक शिखर बना। |
| चतुर्थ चरण |
1981–2011 |
घटती हुई |
निम्न एवं स्थिर |
मंदी एवं स्थिरीकरण (+28% से 21.31%) |
महिला साक्षरता में सुधार, विवाह की औसत आयु में वृद्धि तथा परिवार कल्याण कार्यक्रमों के प्रसार से जन्म दर में तीव्र गिरावट आई। 2001–2011 में 7.10% अंकों की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई। |
2.4 राजस्थान बनाम राष्ट्रीय औसत: तुलनात्मक विश्लेषण#
- सतत उच्च वृद्धि दर: 1911–1921 के एकमात्र अपवाद को छोड़कर, 1921 के बाद से प्रत्येक दशक में राजस्थान की जनसंख्या वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अनिवार्य रूप से अधिक रही है।
- चरम विचलन का दशक (1971–1981): इस दशक में राजस्थान की वृद्धि दर (+32.97%) राष्ट्रीय औसत (+24.66%) से +8.31% अधिक थी। यह पूरे 20वीं सदी में राजस्थान और भारत के बीच दर्ज किया गया सबसे बड़ा अंतर था।
- क्षेत्रीय विषमता का प्रभाव:
- पूर्वी मैदानी जिले (जयपुर, अलवर, भरतपुर आदि): 1951 से 1981 के दौरान तीव्र औद्योगिक एवं कृषि विकास के कारण उच्च वृद्धि के केंद्र रहे।
- पश्चिमी मरुस्थलीय जिले (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर आदि): इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के आगमन, नए कृषि क्षेत्रों की बसावट और उच्च कुल प्रजनन दर (टीएफआर) के कारण 1981 के बाद भी 30% से अधिक की वृद्धि दर बनाए रखे।
- 2011 का तुलनात्मक अंतर: 2011 में राजस्थान की वृद्धि दर 21.31% रही, जो राष्ट्रीय औसत (17.70%) से +3.61% अधिक थी।
2.5 परीक्षा-उपयोगी मुख्य बिंदु एवं सांख्यिकी#
| मुख्य परीक्षा बिंदु |
सांख्यिकी / तथ्य |
प्रतियोगी परीक्षा संदर्भ |
| महान विभाजक वर्ष |
1921 |
राजस्थान में ऋणात्मक वृद्धि: −6.29% (−6,90,861) |
| 1921 में अखिल भारतीय वृद्धि दर |
−0.31% |
राजस्थान में भारत से लगभग 20 गुना अधिक गंभीर गिरावट |
| सर्वोच्च दशकीय वृद्धि दर वाला दशक |
1971–1981 (32.97%) |
'जनसंख्या विस्फोट' का दशक; शुद्ध वृद्धि +84.96 लाख |
| न्यूनतम धनात्मक वृद्धि दर वाला दशक |
1901–1911 (+6.70%) |
20वीं सदी की सबसे धीमी धनात्मक वृद्धि |
| सर्वाधिक दशकीय गिरावट |
2001–2011 (7.10% अंक) |
28.41% से घटकर 21.31% पर आई |
| राजस्थान–भारत का अधिकतम अंतर |
+8.31% (1971–1981) |
राजस्थान 32.97% बनाम भारत 24.66% |
| 1901 में राजस्थान की जनसंख्या |
1,02,94,090 |
1.03 करोड़ (20वीं सदी का आधार वर्ष) |
| 2011 में राजस्थान की जनसंख्या |
6,85,48,437 |
6.85 करोड़ (देश की कुल आबादी का 5.66%) |
| 1901 से 2011 तक शुद्ध जनसंख्या वृद्धि |
5,82,54,347 |
लगभग 566% या 6.6 गुना वृद्धि |
| जनसांख्यिकीय संक्रमण का वर्तमान चरण |
तृतीय/चतुर्थ संक्रमण चरण |
जन्म दर में तीव्र गिरावट, मृत्यु दर नियंत्रित |
2.6 स्मरण सूत्र#
- महान विभाजक वर्ष: 1921 → ऋणात्मक वृद्धि (−6.29%)
- सर्वोच्च वृद्धि दशक: 1971–1981 → 32.97% (जनसंख्या विस्फोट)
- सर्वाधिक मंदी दशक: 2001–2011 → 28.41% से 21.31% (7.10% अंकों की भारी गिरावट)
- चार चरण सूत्र: स्थिर (1901-21) → धीमी (1921-51) → विस्फोट (1951-81) → मंदी (1981-2011)
- शताब्दी वृद्धि (1901–2011): 1.03 करोड़ से 6.85 करोड़ (6.6 गुना या 566% की शुद्ध वृद्धि)
- सर्वोच्च अंतर सूत्र: 1981 में अंतर +8.31% (32.97% − 24.66%)
2.7 एक-पंक्ति में त्वरित पुनरावृत्ति#
- 1901 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 1,02,94,090 (लगभग 1.03 करोड़) थी।
- 2011 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,85,48,437 (लगभग 6.85 करोड़) दर्ज की गई।
- 1901 से 2011 के बीच राजस्थान की जनसंख्या में कुल वृद्धि 6.6 गुना रही।
- 1901–2011 के बीच राजस्थान की शुद्ध जनसंख्या वृद्धि 5,82,54,347 रही।
- 1901–2011 के 110 वर्षों में जनसंख्या में कुल प्रतिशत वृद्धि 566% रही।
- 1921 को महान जनसांख्यिकीय विभाजक वर्ष कहा जाता है।
- 1911–1921 के दशक में राजस्थान की दशकीय वृद्धि दर −6.29% (ऋणात्मक) रही।
- 1921 में भारत की वृद्धि दर −0.31% थी, जिससे राजस्थान में गिरावट लगभग 20 गुना अधिक रही।
- 1921 में ऋणात्मक वृद्धि के मुख्य कारण प्रथम विश्व युद्ध, 1918 का स्पैनिश फ्लू, प्लेग तथा 1899 का छप्पनिया अकाल थे।
- राजस्थान के इतिहास में सर्वोच्च दशकीय वृद्धि दर 1971–1981 (32.97%) के दशक में दर्ज हुई।
- 1971–1981 के दशक में भारत की वृद्धि दर 24.66% थी।
- 1971–1981 के दशक में राजस्थान और भारत के बीच वृद्धि दर का अंतर +8.31% था, जो 20वीं सदी का सबसे बड़ा अंतराल था।
- 20वीं सदी में राजस्थान की न्यूनतम धनात्मक वृद्धि दर 1901–1911 (+6.70%) में रही।
- 2001 की जनगणना में राजस्थान की वृद्धि दर 28.41% थी।
- 2011 की जनगणना में राजस्थान की वृद्धि दर घटकर 21.31% पर आ गई।
- 2001–2011 के दशक में राजस्थान की वृद्धि दर में 7.10% अंकों की शुद्ध गिरावट दर्ज हुई, जो सर्वाधिक है।
- 2011 में भारत की दशकीय वृद्धि दर 17.70% थी, जिससे राजस्थान +3.61% अधिक रहा।
- जनसांख्यिकीय संक्रमण का प्रथम चरण 1901–1921 तक रहा (उच्च जन्म दर एवं उच्च मृत्यु दर)।
- जनसांख्यिकीय संक्रमण का तृतीय चरण 1951–1981 तक रहा (तीव्र जनसंख्या विस्फोट)।
- जनसांख्यिकीय संक्रमण का चतुर्थ चरण 1981–2011 तक रहा (प्रजनन दर में गिरावट एवं स्थिरीकरण की ओर गमन)।
2.8 वर्णनात्मक प्रश्न एवं उत्तर संकेत#
प्रश्न 1: राजस्थान में 1901–2011 के बीच जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्तियों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)#
**उत्तर संकेत:**
- **प्रस्तावना:** 1901 (1.03 करोड़) से 2011 (6.85 करोड़) तक 6.6 गुना व 566% की शुद्ध वृद्धि।
- **प्रमुख चरण:** 1901-21 (अस्थिर काल, 1921 में -6.29%), 1921-51 (धीमी वृद्धि, 14-18%), 1951-81 (जनसंख्या विस्फोट, 1981 में 32.97% चरम), 1981-2011 (मंदी का काल, 2011 में 21.31%)।
- **राष्ट्रीय तुलना:** 1921 के बाद प्रत्येक दशक में राष्ट्रीय औसत से अधिक वृद्धि।
- **निष्कर्ष:** तीव्र वृद्धि के बाद अब राज्य जनसांख्यिकीय स्थिरीकरण की दिशा में अग्रसर।
प्रश्न 2: राजस्थान में 1921 को 'महान जनसांख्यिकीय विभाजक वर्ष' क्यों कहा जाता है? स्पष्ट कीजिए। (200 शब्द)#
**उत्तर संकेत:**
- **परिभाषा:** 1921 ही एकमात्र जनगणना वर्ष है जिसमें जनसंख्या में शुद्ध कमी दर्ज हुई (-6,90,861 व्यक्ति, -6.29%)।
- **कारण:** 1899 का छप्पनिया अकाल, प्रथम विश्व युद्ध के आर्थिक दुष्प्रभाव, 1918 का स्पैनिश फ्लू (इन्फ्लुएंजा), प्लेग व हैजा महामारियाँ।
- **राष्ट्रीय स्तर से तुलना:** भारत की वृद्धि दर -0.31% की तुलना में राजस्थान में 20 गुना तीव्र गिरावट।
- **महत्व:** 1921 के पश्चात राज्य ने कभी ऋणात्मक वृद्धि नहीं देखी, निरंतर धनात्मक वृद्धि का सूत्रपात हुआ।
प्रश्न 3: राजस्थान में जनसांख्यिकीय संक्रमण के चारों चरणों की विवेचना कीजिए। (300 शब्द)#
**उत्तर संकेत:**
- **चरण 1 (1901-21):** उच्च जन्म दर + उच्च मृत्यु दर = स्थिर/ऋणात्मक जनसंख्या।
- **चरण 2 (1921-51):** उच्च जन्म दर + घटती मृत्यु दर = नियमित मध्यम वृद्धि (14-18%)।
- **चरण 3 (1951-81):** उच्च जन्म दर + न्यूनतम मृत्यु दर = तीव्र जनसंख्या विस्फोट (चरम 32.97%)।
- **चरण 4 (1981-2011):** घटती जन्म दर + निम्न मृत्यु दर = मंदी एवं स्थिरीकरण (21.31%)।
प्रश्न 4: 1971–1981 के दशक में राजस्थान में सर्वोच्च जनसंख्या वृद्धि दर के कारणों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)#
**उत्तर संकेत:**
- **32.97% का ऐतिहासिक चरम:** राज्य के लिखित इतिहास की सर्वोच्च वृद्धि।
- **कारण:** स्वास्थ्य सेवाओं (पीएचसी/सीएचसी) का ग्राम स्तर पर जाल, जीवन रक्षक एंटीबायोटिक्स, चेचक-मलेरिया पर नियंत्रण, शिशु मृत्यु दर में भारी गिरावट।
- **सामाजिक कारक:** बाल विवाह, पुत्र प्राथमिकता, संयुक्त परिवार प्रणाली से जन्म दर 40+ प्रति हजार पर बनी रही।
- **सिंचाई विकास:** गंग नहर व आईजीएनपी चरण 1 से खाद्यान्न सुरक्षा व पोषण सुधार।
प्रश्न 5: राजस्थान की जनसंख्या वृद्धि दर सदैव राष्ट्रीय औसत से अधिक क्यों रही है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)#
**उत्तर संकेत:**
- **ऐतिहासिक तथ्य:** 1911-21 के अपवाद को छोड़कर 1921 से 2011 तक हर दशक में राष्ट्रीय औसत से अधिक।
- **सामाजिक कारण:** महिला साक्षरता की ऐतिहासिक निम्न दर, बाल विवाह, उच्च कुल प्रजनन दर (टीएफआर)।
- **भौगोलिक कारण:** पश्चिमी राजस्थान के विशाल मरुस्थलीय भूभाग में जागरूकता व सेवाओं का देर से पहुँचना।
- **शिखर अंतर:** 1971-81 में +8.31% का अंतराल (राजस्थान 32.97% बनाम भारत 24.66%)।
प्रश्न 6: 2001–2011 के दशक में राजस्थान की जनसंख्या वृद्धि दर में आई 7.10% की गिरावट के कारणों की व्याख्या कीजिए। (200 शब्द)#
**उत्तर संकेत:**
- **ऐतिहासिक मंदी:** 28.41% (2001) से घटकर 21.31% (2011) पर आना।
- **कारण:** महिला साक्षरता में तीव्र वृद्धि, विवाह की औसत आयु में बढ़ोतरी, परिवार कल्याण एवं गर्भनिरोधक सेवाओं की स्वीकार्यता।
- **संस्थागत प्रसव:** जननी सुरक्षा योजना, आशा सहयोगिनी नेटवर्क, घटती शिशु मृत्यु दर से छोटे परिवार की अवधारणा।
- **निष्कर्ष:** जनसांख्यिकीय संक्रमण के तीसरे चरण की परिपक्वता।
2.9 चार्ट एवं टेबल सारांश#
सारांश 1: दशकीय वृद्धि दर तुलनात्मक चार्ट (1901–2011)#
```
दशक राजस्थान (%) भारत (%) अंतर (%) टिप्पणी
1901-11 +6.70 +5.75 +0.95 धीमी कृषि आधारित वृद्धि
1911-21 -6.29 -0.31 -5.98 महान विभाजक वर्ष (महामारी/अकाल)
1921-31 +14.14 +11.00 +3.14 धनात्मक वृद्धि का प्रारंभ
1931-41 +18.01 +14.22 +3.79 द्वितीय विश्व युद्ध काल
1941-51 +15.20 +13.31 +1.89 विभाजन व शरणार्थी पुनर्वास
1951-61 +26.20 +21.51 +4.69 एंटीबायोटिक्स व स्वास्थ्य सुधार
1961-71 +27.83 +24.80 +3.03 नहरी सिंचाई व हरित क्रांति
1971-81 +32.97 +24.66 +8.31 सर्वोच्च वृद्धि दर (जनसंख्या विस्फोट)
1981-91 +28.44 +23.87 +4.57 पश्चिमी मरुस्थल में बसावट
1991-01 +28.41 +21.54 +6.87 स्थिरता का दौर
2001-11 +21.31 +17.70 +3.61 ऐतिहासिक मंदी (7.10% की गिरावट)
```
सारांश 2: 11 दशकों की जनसंख्या वृद्धि रेखाचित्र#
```
जनसंख्या (करोड़ में)
7.0 │ ● 6.85 करोड़
6.0 │ ● 5.65 करोड़
5.0 │ ● 4.40 करोड़
4.0 │ ● 3.43 करोड़
3.0 │ ● 2.58 करोड़
2.0 │ ● 1.60 करोड़ ● 2.02 करोड़
1.0 │ ● 1.03 करोड़ ● 1.10 करोड़ ● 1.03 करोड़ ● 1.17 करोड़ ● 1.39 करोड़
0.0 └───┴────┴────┴────┴────┴────┴────┴────┴────┴────┴────┴───
1901 1911 1921 1931 1941 1951 1961 1971 1981 1991 2001 2011
```