राजस्थान IMD जलवायु वर्गीकरण GK

PART - 10: भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं सामान्य जलवायु वर्गीकरण

PART - 10: India Meteorological Department (IMD) & General Climate Classification


विषय सूची

खंड विषय परीक्षा में महत्व
10.1 वर्गीकरण का आधार एवं परिचय ★★★★
10.2 पाँचों जलवायु प्रदेशों की तुलनात्मक सारणी ★★★★★
10.3 शुष्क जलवायु प्रदेश ★★★★★
10.4 अर्द्ध-शुष्क जलवायु प्रदेश ★★★★★
10.5 उप-आर्द्र जलवायु प्रदेश ★★★★
10.6 आर्द्र जलवायु प्रदेश ★★★★
10.7 अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश ★★★★★
10.8 IMD के मौसम विज्ञान मानक ★★★★★
10.9 परीक्षा-उपयोगी मुख्य बिंदु ★★★★★
10.10 तुलनात्मक अध्ययन ★★★

📖 10.1 वर्गीकरण का आधार एवं परिचय

📖 10.1 Basis & Conceptual Framework

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department - IMD) तथा राजस्थान ग्रंथ अकादमी के मानक भौगोलिक वर्गीकरण के अनुसार, राज्य की जलवायु को किसी एकल कारक के बजाय तीन प्रमुख मौसमी चरों के संयुक्त विश्लेषण के आधार पर विभाजित किया गया है:

  1. औसत वार्षिक वर्षा की मात्रा (Mean Annual Rainfall)
  2. तापीय दशाएँ एवं तापांतर (Temperature Profile & Ranges)
  3. वातावरणीय सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity)

इस त्रि-आयामी आधार पर राजस्थान को 5 प्रमुख जलवायु प्रदेशों (5 Distinct Climatic Zones) में वर्गीकृत किया गया है। यह विभाजन पश्चिम (शुष्क मरुस्थल) से दक्षिण-पूर्व (अति-आर्द्र पठार) की ओर स्पष्ट जलवायविक प्रवणता (Climatic Gradient) को प्रदर्शित करता है।

क्र.सं. जलवायु प्रदेश औसत वार्षिक वर्षा ग्रीष्मकालीन तापमान शीतकालीन तापमान प्रतिनिधि जिले वनस्पति
1. शुष्क जलवायु प्रदेश 0-20 सेमी 34°C-40°C+ 12°C-16°C जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर (प.), फलौदी मरुद्भिद (Xerophytes)
2. अर्द्ध-शुष्क जलवायु प्रदेश 20-40 सेमी 32°C-36°C 10°C-17°C सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर, जालौर, पाली स्टेपी तुल्य, कंटीली झाड़ियाँ
3. उप-आर्द्र जलवायु प्रदेश 40-60 सेमी 28°C-34°C 12°C-18°C जयपुर, अजमेर, अलवर, दौसा, भीलवाड़ा पतझड़
4. आर्द्र जलवायु प्रदेश 60-80 सेमी 30°C-34°C 14°C-18°C भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक सघन मानसूनी वन
5. अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश 80-150 सेमी+ 28°C-32°C 14°C-18°C कोटा, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, माउंट आबू सवाना तुल्य

यह राजस्थान का धुर पश्चिमी सीमान्त क्षेत्र है, जो महान थार मरुस्थल (Marusthali) के मुख्य भाग का प्रतिनिधित्व करता है:

📍 विस्तार (Geographical Extent)

जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर का पश्चिमी भाग, बाड़मेर का उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र तथा जोधपुर ग्रामीण का पश्चिमी छोर।

🌧️ वर्षा का स्वरूप

| पहलू | विवरण | |------|-------| | **मात्रा** | 0-20 सेमी (सम गाँव में 0-5 सेमी) | | **वर्षा दिवस** | औसतन मात्र 5-8 दिन | | **परिवर्तनशीलता** | 50% से अधिक (राज्य में सर्वाधिक अनिश्चितता) |

🌡️ तापीय दशाएँ

- ग्रीष्मकाल में अत्यधिक भीषण गर्मी; दोपहर का तापमान प्रायः 45°C से 49°C तक - शीतकाल में तीव्र स्थलीय विकिरण के कारण रात का तापमान 0°C से 3°C तक - **दैनिक तापांतर:** 20°C से 25°C (राज्य में उच्चतम)

💧 सापेक्षिक आर्द्रता

ग्रीष्मकाल में 10% से 25% तक न्यून।

🌱 मृदा एवं वनस्पति

- **मृदा:** रेतीली बलुई मृदा (Desert Soil / Entisols) - **वनस्पति:** मरुद्भिद (Xerophytes) — पत्तियाँ छोटी, काँटों में रूपांतरित, छाल मोटी और जड़ें गहरी - **मुख्य प्रजातियाँ:** फोग (Calligonum polygonoides), कैर (Capparis decidua), आकड़ा, थूहर, सेवण घास (Lasiurus scindicus)

यह प्रदेश शुष्क मरुस्थल और अरावली पर्वतमाला के मध्य 'संक्रमण पेटी' (Transitional Belt / Rajasthan Bangar) के रूप में अवस्थित है:

📍 विस्तार (Geographical Extent)

शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं, चूरू), नागौर, डीडवाना-कुचामन, पाली, जालौर, सांचौर तथा जोधपुर का पूर्वी भाग।

🌧️ वर्षा का स्वरूप

| पहलू | विवरण | |------|-------| | **मात्रा** | 20-40 सेमी (25 सेमी समवर्षा रेखा पश्चिमी सीमांत से गुजरती है) | | **वर्षा दिवस** | औसतन 10-15 दिन |

🌡️ तापीय दशाएँ

- ग्रीष्मकाल में तापमान 36°C से 42°C - चूरू जिले में **वार्षिक तापांतर राज्य में सर्वाधिक** - शीतकाल में तीव्र 'शीत लहर'; फतेहपुर (सीकर) में पारा हिमांक बिंदु से नीचे

🌱 मृदा एवं वनस्पति

- **मृदा:** सिरोजम (धूसर मरुस्थलीय मृदा) एवं रेतीली दोमट (Aridisols) - **वनस्पति:** स्टेपी (Steppe) प्रकार - **मुख्य प्रजातियाँ:** खेजड़ी (Prosopis cineraria), रोहिड़ा (Tecomella undulata), बेर, बबूल, धामण घास

यह प्रदेश मुख्यतः अरावली पर्वतमाला के पर्वतीय एवं तलहटीय ढालों पर विस्तृत है:

📍 विस्तार (Geographical Extent)

जयपुर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर, अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, राजसमंद तथा सिरोही का उत्तरी भाग।

🌧️ वर्षा का स्वरूप

| पहलू | विवरण | |------|-------| | **मात्रा** | 40-60 सेमी (50 सेमी समवर्षा रेखा मध्य से गुजरती है) | | **वर्षा दिवस** | औसतन 20-30 दिन |

🌡️ तापीय दशाएँ

- ग्रीष्मकाल अपेक्षाकृत कम कष्टप्रद; औसत तापमान 30°C से 36°C - शीतकाल सुखद एवं शीतोष्ण; औसत तापमान 10°C से 15°C

🌱 मृदा एवं वनस्पति

- **मृदा:** लाल-पीली मृदा, पर्वतीय मृदा (Inceptisols) एवं कछारी दोमट - **वनस्पति:** उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती/मिश्रित पतझड़ वन - **मुख्य वृक्ष:** धौकड़ा (Anogeissus pendula), सालर, खैर, नीम, शीशम, बहेड़ा

यह प्रदेश अरावली के पूर्व में स्थित उपजाऊ जलोढ़ मैदानी बेसिन (बनास एवं बाणगंगा बेसिन) को आच्छादित करता है:

📍 विस्तार (Geographical Extent)

भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, चित्तौड़गढ़ का उत्तरी भाग।

🌧️ वर्षा का स्वरूप

| पहलू | विवरण | |------|-------| | **मात्रा** | 60-80 सेमी (बंगाल की खाड़ी की 'पुरवइया' द्वारा) | | **वर्षा दिवस** | औसतन 30-35 दिन |

🌡️ तापीय दशाएँ

- ग्रीष्मकालीन तापमान 32°C से 38°C - शीतकालीन तापमान 12°C से 16°C - शीत ऋतु में मावठ तथा सघन कोहरा (Radiation Fog)

🌱 मृदा एवं वनस्पति

- **मृदा:** जलोढ़ / कांप / दोमट मृदा (Alfisols) - **वनस्पति:** सघन पतझड़ वन - **मुख्य वृक्ष:** बड़ (बरगद), पीपल, गूलर, ढाक/पलाश ('जंगल की ज्वाला'), जामुन, महुआ

यह राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला, उच्चतम आर्द्रता और सघनतम वानस्पतिक आवरण वाला प्रदेश है:

📍 विस्तार (Geographical Extent)

1. **हाड़ौती का पठार:** झालावाड़, बारां, कोटा का दक्षिणी भाग 2. **दक्षिणी वागड़ क्षेत्र:** बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ 3. **विशिष्ट पर्वतीय खंड:** सिरोही जिले का माउंट आबू क्षेत्र

🌧️ वर्षा का स्वरूप

| पहलू | विवरण | |------|-------| | **मात्रा** | 80-100 सेमी+ (माउंट आबू में 150 सेमी तक) | | **वर्षा दिवस** | औसतन 35-45 दिन (झालावाड़ 40, माउंट आबू 48) |

🌡️ तापीय दशाएँ

- ग्रीष्मकाल में तापमान 30°C से 35°C; उच्च आर्द्रता के कारण उमस - शीतकाल अत्यंत सुखद और शीतोष्ण (14°C से 18°C) - माउंट आबू में ऊँचाई के कारण तापमान शून्य से नीचे

🌱 मृदा एवं वनस्पति

- **मृदा:** मध्यम काली मृदा (Vertisols) तथा दक्षिणी भाग में लाल-लोमी (Red Loam) - **वनस्पति:** - सवाना तुल्य सघन वन तथा **उष्णकटिबंधीय शुष्क सागवान वन** (बांसवाड़ा, डूंगरपुर) - **मुख्य प्रजातियाँ:** सागवान (Tectona grandis), बाँस (Dendrocalamus), महुआ, तेंदू, आम - माउंट आबू में **उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वनस्पति**

भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा राजस्थान के संदर्भ में प्रयुक्त प्रमुख तकनीकी मानक:

मानक परिघटना IMD द्वारा निर्धारित वैज्ञानिक पैमाना
वर्षा दिवस (Rainy Day) वह दिन जिसमें कम से कम 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा दर्ज की जाए
उष्ण लहर (Heat Wave) जब मैदानी केंद्र का अधिकतम तापमान ≥ 40°C हो तथा सामान्य से 4.5°C से 6.4°C अधिक हो (गंभीर: >6.4°C अधिक)
शीत लहर (Cold Wave) जब मैदानी भागों में न्यूनतम तापमान ≤ 10°C हो तथा सामान्य से 4.5°C से 6.4°C कम हो
सामान्य सूखा (Normal Drought) मौसमी वर्षा सामान्य से 26% से 50% कम
भीषण सूखा (Severe Drought) वर्षा में सामान्य से 50% से अधिक की कमी
  • वर्गीकरण का आधार: IMD / सामान्य वर्गीकरण का मुख्य आधार वर्षा की मात्रा, तापमान और सापेक्षिक आर्द्रता है (जबकि कोपेन का आधार मुख्य रूप से वनस्पति है)।
  • विभाजक समवर्षा रेखाएँ:
    • 20-25 सेमी रेखा: शुष्क और अर्द्ध-शुष्क प्रदेश को अलग करती है
    • 40 सेमी रेखा: अर्द्ध-शुष्क को उप-आर्द्र से अलग करती है
    • 60 सेमी रेखा: उप-आर्द्र को आर्द्र प्रदेश से अलग करती है
    • 80 सेमी रेखा: आर्द्र को अति-आर्द्र प्रदेश से अलग करती है
  • सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला प्रदेश: शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेश (पश्चिमी राजस्थान) — कुल भू-भाग के लगभग 61%
  • सागवान के वनों का क्षेत्र: अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़)
  • पलाश (जंगल की ज्वाला): आर्द्र एवं उप-आर्द्र जलवायु प्रदेशों (राजसमंद, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर) में

परीक्षा पुनरावृत्ति

वर्षा + तापमान + आर्द्रता -> 5 जलवायु प्रदेश -> 20/40/60/80 सेमी समवर्षा रेखाएँ -> शुष्क से अति-आर्द्र क्रम -> IMD मानक -> हीटवेव, कोल्डवेव और सूखा

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