राजस्थान में परिवहन एवं आधारभूत संरचना (Transport and Infrastructure in Rajasthan)

1. राजस्थान में सड़क नेटवर्क एवं सांख्यिकीय परिदृश्य

सड़क सांख्यिकी (आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार)

- **कुल सड़क लंबाई (Total Road Length):** 31 मार्च 2023 तक राज्य में सड़कों की कुल लंबाई **2,78,813.23 किमी** (2.78 लाख किमी से अधिक) दर्ज की गई। - वर्ष 1949 (एकीकरण के समय): मात्र 13,553 किमी। - **सड़क घनत्व (Road Density):** - राजस्थान का सड़क घनत्व: **81.47 किमी प्रति 100 वर्ग किमी**। - राष्ट्रीय औसत सड़क घनत्व: **165.23 किमी प्रति 100 वर्ग किमी**। - तुलना: राजस्थान का सड़क घनत्व राष्ट्रीय औसत से लगभग आधा है, क्योंकि राज्य के कुल क्षेत्रफल का 60% से अधिक भाग थार मरुस्थल के अंतर्गत आता है जो अत्यंत विरल आबादी वाला है। - **प्रति लाख जनसंख्या पर सड़क लंबाई:** राजस्थान में लगभग 408 किमी (राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक), क्योंकि विशाल क्षेत्रफल में दूर-दूर बसी ढाणियों को जोड़ने के लिए लंबी सड़कों की आवश्यकता होती है। - **सड़क वर्गीकरण:** 1. राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways - NH): लगभग 10,706 किमी 2. राज्य उच्च मार्ग (State Highways - SH): लगभग 17,233 किमी 3. मुख्य जिला सड़कें (Major District Roads - MDR): लगभग 13,270 किमी 4. अन्य जिला सड़कें (Other District Roads - ODR): लगभग 54,545 किमी 5. ग्रामीण सड़कें (Village Roads - PMGSY आदि): लगभग 1,83,059 किमी (सर्वाधिक हिस्सा)

2. राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) एवं प्रमुख एक्सप्रेसवे

राष्ट्रीय राजमार्गों का नया और पुराना नंबरिंग तंत्र

MoRTH (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के नंबरिंग का नया तंत्र लागू किया है: - **उत्तर-दक्षिण (North-South) दिशा:** सम संख्या (Even numbers) - जैसे NH 44, NH 48, NH 52, NH 62, NH 68। - **पूर्व-पश्चिम (East-West) दिशा:** विषम संख्या (Odd numbers) - जैसे NH 11, NH 21, NH 27।

प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग

1. **NH 48 (पुराना NH 8):** - दिल्ली-जयपुर-अजमेर-उदयपुर-अहमदाबाद-मुंबई। - राजस्थान का सर्वाधिक व्यस्त एवं आर्थिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग। - स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना (Golden Quadrilateral) का मुख्य भाग। 2. **NH 27 (पुराना NH 76):** - पोरबंदर (गुजरात) से सिलचर (असम) को जोड़ने वाला **पूर्व-पश्चिम गलियारा (East-West Corridor)**। - राजस्थान में मार्ग: पिंडवाड़ा (सिरोही) - उदयपुर - चित्तौड़गढ़ - कोटा - बारां। - राजस्थान से गुजरने वाला एकमात्र राष्ट्रीय पूर्व-पश्चिम महामार्ग गलियारा। 3. **NH 52 (पुराना NH 12 एवं अन्य):** - संगरूर (पंजाब) से अंकोला (कर्नाटक)। - राजस्थान में मार्ग: चुरू - सीकर - जयपुर - टोंक - बूंदी - कोटा - झालावाड़। 4. **NH 62 (पुराना NH 15 का उत्तरी भाग):** - अबोहर (पंजाब) से पिण्डवाड़ा (सिरोही)। - राजस्थान में मार्ग: श्रीगंगानगर - सूरतगढ़ - बीकानेर - नागौर - जोधपुर - पाली - सिरोही। 5. **NH 68 (पुराना NH 15 का दक्षिणी भाग):** - जैसलमेर - बाड़मेर - सांचौर - राधनपुर (गुजरात)। पश्चिमी सीमांत रक्षा एवं व्यापारिक मार्ग। 6. **NH 11 (पुराना आगरा-बीकानेर मार्ग):** - म्याजलार (जैसलमेर) - पोकरण - बीकानेर - रतनगढ़ - फतेहपुर - झुंझुनूं - सिंघाना - हरियाणा सीमा। 7. **NH 919 (पुराना NH 71B):** - राजस्थान का सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग (लगभग 5 किमी, भिवाड़ी, अलवर के पास)।

प्रमुख एक्सप्रेसवे (Access-Controlled Expressways)

1. **दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NE-4):** - भारत का सबसे लंबा 8-लेन (12 लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (कुल लंबाई: 1,386 किमी)। - राजस्थान में लंबाई: **लगभग 374 किमी** (अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा जिलों से होकर गुजरता है)। - प्रथम चरण (सोहना-दौसा-लालसोट खंड: 246 किमी) प्रधानमंत्री द्वारा फरवरी 2023 में राष्ट्र को समर्पित किया गया। 2. **अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारा (NH-754K / NE-5):** - उत्तर भारत की रिफाइनरियों (बठिंडा) को गुजरात के बंदरगाहों (जामनगर, कांडला) से जोड़ने वाला 1,257 किमी लंबा गलियारा। - राजस्थान में लंबाई: **लगभग 637 किमी** (हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, सांचौर जिलों से होकर)।

3. ग्रामीण सड़क संपर्क एवं प्रबंधन संस्थाएँ

ग्रामीण सड़कें एवं योजनाएँ

- **प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY):** - 25 दिसंबर 2000 को प्रारंभ। - सामान्य क्षेत्रों में 500+ आबादी तथा मरुस्थलीय/जनजातीय क्षेत्रों में 250+ आबादी वाली बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ना। - राजस्थान में 99% से अधिक पात्र राजस्व गाँव पक्की सड़कों से जोड़े जा चुके हैं। - वर्तमान में PMGSY-III के तहत ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों को जोड़ने वाले मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है।

प्रमुख संस्थाएँ

- **राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (RSRDC):** - स्थापना: 1979 (पूर्व नाम RSBCC)। बड़े पुलों, भवनों, टोल सड़कों और BOT परियोजनाओं का निर्माण। - **RRFD (राजस्थान राज्य सड़क निधि अधिनियम, 2004):** - पेट्रोल और डीजल पर उपकर (Cess) लगाकर गैर-विपुलनीय राज्य सड़क निधि बनाई गई।

4. राजस्थान में रेल परिवहन एवं रेलवे जोन

रेलवे नेटवर्क संरचना

- 31 मार्च 2023 तक राजस्थान में रेल मार्गों की कुल लंबाई **6,019 किमी** है। - **गेज परिवर्तन (Project Unigauge):** राजस्थान में अधिकांश मीटर गेज को ब्रॉड गेज (BG - 1.676 मीटर) में बदला जा चुका है। ब्रॉड गेज का हिस्सा 90% से अधिक है।

उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway - NWR)

- **मुख्यालय:** **जयपुर** (स्थापना: 1 अक्टूबर 2002)। - NWR के अंतर्गत 4 रेल मंडल आते हैं: 1. **जयपुर मंडल (Jaipur Division)** 2. **जोधपुर मंडल (Jodhpur Division)** 3. **अजमेर मंडल (Ajmer Division)** 4. **बीकानेर मंडल (Bikaner Division)** - **पश्चिम मध्य रेलवे (WCR):** - मुख्यालय: जबलपुर (मध्य प्रदेश)। - राजस्थान का **कोटा मंडल (Kota Division)** पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के अंतर्गत आता है। (यह मुंबई-दिल्ली मुख्य रेलमार्ग पर स्थित है)। - **उत्तर रेलवे (Northern Railway):** - श्रीगंगानगर/हनुमानगढ़ के कुछ हिस्से उत्तर रेलवे (अंबाला/दिल्ली मंडल) से भी जुड़े हैं।

राजस्थान में पहली रेलगाड़ी

- रियासत काल में राजस्थान में पहली रेलगाड़ी **अप्रैल 1874** में जयपुर रियासत में **बांदीकुई से आगरा फोर्ट** के बीच चलाई गई थी। - मेवाड़ स्टेट रेलवे (1895), जोधपुर-बीकानेर रेलवे (JBR - 1882) रियासतों के अपने रेल नेटवर्क थे।

वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express)

- राजस्थान की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस **12 अप्रैल 2023** को **अजमेर-जयपुर-दिल्ली कैंट** के बीच प्रारंभ की गई (यह विश्व की पहली हाई-राइज ओवरहेड वायर वंदे भारत ट्रेन है)। - बाद में जोधपुर-साबरमती तथा उदयपुर-जयपुर वंदे भारत ट्रेनें भी प्रारंभ की गईं।

5. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) एवं माल परिवहन

पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा (Western DFC)

- दादरी (उत्तर प्रदेश) से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT - नवी मुंबई) तक कुल लंबाई: **1,506 किमी**। - **राजस्थान में लंबाई:** **लगभग 565 किमी (लगभग 39% - किसी भी राज्य में सबसे लंबा हिस्सा)**। - राजस्थान में जिले: अलवर (रेवाड़ी सीमा), सीकर, जयपुर (फुलेरा जंक्शन), अजमेर, पाली (मारवाड़ जंक्शन), सिरोही (आबू रोड) से पालनपुर (गुजरात)। - **फुलेरा जंक्शन:** पश्चिमी DFC का एक बड़ा ऑपरेशनल हब और क्रू चेंजिंग सेंटर। - विशेषता: डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें (Double-stack containers) 100 किमी/घंटे की गति से चलती हैं।

दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC)

- पश्चिमी DFC के दोनों ओर 150 किमी के प्रभाव क्षेत्र (Influence Zone) में DMIC विकसित किया जा रहा है। - **राजस्थान का हिस्सा:** देश के DMIC प्रभाव क्षेत्र का लगभग **39%** भूभाग राजस्थान में आता है। - राजस्थान में दो प्रारंभिक निवेश क्षेत्र/नोड्स: 1. **खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना निवेश क्षेत्र (KBNIR):** इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, जापानी जोन। 2. **जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA):** टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट, इंजीनियरिंग।

6. अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD) / शुष्क बंदरगाह (Dry Ports)

  • राजस्थान चारों ओर से स्थल-रुद्ध (landlocked) राज्य है। समुद्र तट के अभाव में निर्यातकों को स्थानीय स्तर पर सीमा शुल्क निकासी (Customs Clearance) और कंटेनर हैंडलिंग की सुविधा देने हेतु शुष्क बंदरगाह (Inland Container Depots - ICDs) स्थापित किए गए हैं।
  • राजसीको (RAJSICO - राजस्थान लघु उद्योग निगम):
    • राजस्थान में सार्वजनिक क्षेत्र के इनलैंड कंटेनर डिपो का संचालन करता है:
      1. मानसरोवर / सांगानेर (जयपुर)
      2. बासनी (जोधपुर)
      3. रावठा रोड (कोटा)
      4. भीलवाड़ा
  • कॉनकॉर (CONCOR - Container Corporation of India):
    • कनकपुरा (जयपुर), जोधपुर, रावतभाटा आदि में निजी/केंद्रीय ICDs।

7. वायु परिवहन (Civil Aviation) एवं हवाई अड्डे

प्रमुख नागरिक हवाई अड्डे (AAI संचालित)

1. **जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (सांगानेर, जयपुर):** - राजस्थान का एकमात्र पूर्ण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (2005 में अंतर्राष्ट्रीय दर्जा)। - वर्तमान में पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत 50 वर्षों के लिए अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स द्वारा प्रबंधित। 2. **महाराणा प्रताप हवाई अड्डा (डबोक, उदयपुर):** - प्रमुख पर्यटन एवं घरेलू हवाई अड्डा। 3. **जोधपुर सिविल एन्क्लेव:** - वायु सेना स्टेशन के साथ सिविल एन्क्लेव। 4. **बीकानेर हवाई अड्डा (नाल):** - सिविल एन्क्लेव। 5. **किशनगढ़ हवाई अड्डा (अजमेर):** - मार्बल सिटी किशनगढ़ तथा अजमेर-पुष्कर के तीर्थयात्रियों हेतु पूर्णतः AAI द्वारा विकसित हवाई अड्डा। 6. **कोटा हवाई अड्डा:** - वर्तमान में शंभूपुरा (कोटा-बूंदी सीमा) पर नया ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित किया जा रहा है। 7. **जैसलमेर हवाई अड्डा:** - रणनीतिक एवं पर्यटन सिविल एन्क्लेव। 8. **उत्तरलाई (बाड़मेर):** - हाल ही में नागरिक उड़ानों (उड़ान योजना) के लिए नागरिक टर्मिनल विकसित।

आरसीएस-उड़ान (UDAN - Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना

- क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत किशनगढ़, बीकानेर, जैसलमेर को अंतरराज्यीय उड़ानों से जोड़ा गया।

8. जयपुर मेट्रो रेल परियोजना (Jaipur Metro)

चरण एवं विकास

- **संचालन संस्था:** **जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (JMRC)** - स्थापना: 1 जनवरी 2010। - **प्रथम चरण (Phase 1-A - पिंक लाइन):** - मार्ग: **मानसरोवर से चाँदपोल** (लंबाई: 9.63 किमी, 9 स्टेशन)। - व्यावसायिक संचालन: **3 जून 2015** से प्रारंभ। - **चरण 1-B (विस्तार):** - मार्ग: **चाँदपोल से बड़ी चौपड़** (परकोटे के भीतर भूमिगत मेट्रो - 2.12 किमी)। - व्यावसायिक संचालन: **23 सितंबर 2020** से प्रारंभ। - **चरण 1-C:** बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर (प्रस्तावित/निर्माणाधीन)। - **चरण 1-D:** मानसरोवर से 200 फीट बाईपास (अजमेर रोड)। - **चरण 2 (ऑरेंज लाइन):** सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया से अंबाबाड़ी (प्रस्तावित 23.5 किमी)।

9. लॉजिस्टिक्स, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) एवं नीतियाँ

राजस्थान लॉजिस्टिक्स नीति

- **राजस्थान हस्तशिल्प एवं एमएसएमई नीतियाँ 2022:** लॉजिस्टिक्स पार्कों, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन को औद्योगिक प्रोत्साहन। - **मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP):** - NHAI / NHLML द्वारा जयपुर (किशनगढ़/फुलेरा क्षेत्र) तथा जोधपुर में एकीकृत MMLP विकसित किए जा रहे हैं। - उद्देश्य: रेल, सड़क और कंटेनर फ्रेट का एकीकृत हब तैयार करना ताकि लॉजिस्टिक्स लागत को घटाया जा सके।