1. संख्या एवं आकृति शृंखला: अध्याय का उद्देश्य
शृंखला में पद एक निश्चित क्रम में दिए जाते हैं। प्रश्न का काम उस क्रम में छिपे सरल, संगत नियम को पहचानना है। संख्या शृंखला में पद संख्याएँ होती हैं; आकृति शृंखला में आकार, दिशा, रंग, स्थिति या उनकी संख्या बदलती है। इस अध्याय में लुप्त पद, गलत पद, दो शृंखलाओं पर समान नियम और आकृति का अगला चित्र — चारों प्रश्न-स्वरूप शामिल हैं।
सीमित पदों से गणितीय रूप से अनेक नियम बनाए जा सकते हैं। परीक्षा में ऐसा नियम चुनें जो हर दिए गए पद पर लागू हो, कम अतिरिक्त मान्यताएँ माँगे और प्रश्न की दिशा से मेल खाए। केवल पहले दो पद देखकर उत्तर तय न करें। यदि दो सरल नियम समान रूप से फिट बैठें, उपलब्ध जानकारी से उत्तर निश्चित नहीं है; विकल्प या अतिरिक्त पद देखें।
| शब्द | अर्थ | छोटा उदाहरण |
|---|---|---|
| पद | शृंखला में एक संख्या या आकृति | 5, 9, 13 में 9 दूसरा पद है |
| पद का स्थान | पहला, दूसरा, तीसरा…; इसे $n$ लिखते हैं | $n=1,2,3,\ldots$ |
| अंतर | अगला पद − पिछला पद | 5, 9, 13 में अंतर 4, 4 |
| अनुपात | अगला पद ÷ पिछला पद, जब पिछला पद शून्य न हो | 3, 6, 12 में अनुपात 2, 2 |
| उपशृंखला | एकांतर स्थानों से बनी अलग शृंखला | पहले, तीसरे, पाँचवें पद अलग देखें |
महत्त्वपूर्ण: अंकगणितीय प्रगति में अंतर स्थिर रहता है। गुणोत्तर प्रगति में अनुपात स्थिर रहता है। हर शृंखला इन दोनों में से किसी एक की ही हो, यह आवश्यक नहीं।
2. उत्तर तक पहुँचने की भरोसेमंद जाँच-पद्धति
- पहले देखें कि पद बढ़ रहे हैं, घट रहे हैं या ऊपर-नीचे हो रहे हैं। खाली जगह बीच में है तो उसके दोनों ओर के पद पढ़ें।
- पड़ोसी पदों के प्रथम अंतर लिखें। अंतर स्थिर हो तो जोड़/घटाव का नियम; अंतर अपने आप किसी क्रम में हों तो उनका भी अंतर निकालें।
- संख्या बहुत तेजी से बदल रही हो तो गुणा, भाग और अनुपात जाँचें। गुणन के बाद कुछ जोड़ने या घटाने की संभावना भी देखें।
- पदों को उनके स्थान $n$ से मिलाएँ: $n^2$, $n^3$, $n^2+1$, $n^2-1$, अभाज्य संख्याएँ, त्रिकोणीय संख्याएँ आदि।
- बार-बार दिशा बदलती हो या एक ही नियम न मिले तो विषम स्थान (पहला, तीसरा, पाँचवाँ) और सम स्थान (दूसरा, चौथा, छठा) अलग लिखें।
- जाँचें कि अगला पद पिछले दो पदों से बन रहा है या नहीं; फ़िबोनैचि जैसा संबंध देखें।
- अपना नियम आरंभ से अंतिम ज्ञात पद तक लागू करें। गलत पद में उसके पहले और बाद — दोनों तरफ के पड़ोसियों से जाँचें।
अंतर निकालने से पहले बड़ी संख्या को देखकर घात का अनुमान लगा सकते हैं, लेकिन अनुमान को हर पद पर जाँचना आवश्यक है। शून्य से भाग न दें। ऋणात्मक पदों में संकेत का ध्यान रखें: −2, 4, −8, 16 का अनुपात −2 है।
3. अंकगणितीय या अंतर आधारित शृंखला
जब हर बार समान संख्या जोड़ी या घटाई जाती है, प्रथम अंतर स्थिर होता है। उदाहरण: 11, 16, 21, 26, ? के अंतर +5, +5, +5 हैं; उत्तर 31। घटती शृंखला 50, 43, 36, 29, ? में हर बार −7 है; उत्तर 22।
यदि पहला पद $a$ और स्थिर अंतर $d$ हो, तो $n$वाँ पद $a+(n-1)d$ होता है। उदाहरण में $a=11$, $d=5$ और पाँचवाँ पद $11+4(5)=31$। इस सूत्र की आवश्यकता अक्सर नहीं पड़ती, पर दूर के पद या बीच का लुप्त पद पूछे जाने पर उपयोगी है।
अंतर बढ़ते या घटते क्रम में भी हो सकते हैं। 4, 7, 12, 19, 28, ? के अंतर 3, 5, 7, 9 हैं; अगले अंतर 11 से उत्तर 39। इसे सीधे +3, +5, +7… के रूप में लिखना भी सही है।
4. द्वितीय और बहुस्तरीय अंतर
प्रथम अंतर का फिर से अंतर निकालने पर द्वितीय अंतर मिलता है। 2, 5, 10, 17, 26, ? में प्रथम अंतर 3, 5, 7, 9; द्वितीय अंतर 2, 2, 2। अगला प्रथम अंतर 11, इसलिए उत्तर 26+11=37। यही शृंखला $n^2+1$ भी है। एक ही सही शृंखला को दो उपयोगी ढंग से पढ़ा जा सकता है।
घन-आधारित शृंखला में तीसरा अंतर स्थिर मिल सकता है। 2, 9, 28, 65, 126, ? वास्तव में $n^3+1$ है: $1^3+1=2$, $2^3+1=9$,… अगला $6^3+1=217$। इसके प्रथम अंतर 7, 19, 37, 61; द्वितीय अंतर 12, 18, 24; तृतीय अंतर 6, 6 हैं।
जाँच में सावधानी: केवल तीन पद देखकर द्वितीय अंतर का नियम मान लेना जोखिमपूर्ण है; बहुत से अलग नियम इतने कम पदों पर सही बैठ सकते हैं। उपलब्ध सभी पदों को जाँचें। यदि वर्ग/घन से नियम तुरंत साफ हो रहा है, उसी संक्षिप्त रूप का उपयोग करें।
5. गुणन या गुणोत्तर शृंखला
स्थिर अनुपात हो तो हर पद पिछले पद का निश्चित गुणक होता है: 3, 6, 12, 24, ? में हर बार $\times2$, इसलिए 48। यदि पहला पद $a$ और अनुपात $r$ हो, तो $n$वाँ पद $ar^{n-1}$ है।
गुणक भी बदल सकता है। 5, 10, 30, 120, 600, ? में क्रमशः $\times2,\times3,\times4,\times5$ है; अगला $\times6$, इसलिए 3600। यहाँ केवल यह देखकर कि हर अगला पद बड़ा है, $\times2$ नहीं मानना चाहिए।
बड़े पद और बढ़ते अनुपात पहले गुणन की ओर संकेत करते हैं; फिर भी 2, 5, 12, 27 जैसे पदों में सादा गुणा नहीं, गुणा और जोड़ का संयुक्त नियम है।
6. भाग या घटती गुणन शृंखला
भाग में पद तेज़ी से घटते हैं। 96, 48, 24, 12, ? में हर बार $\div2$, अतः 6। बदलते भाजक का उदाहरण: 720, 360, 120, 30, 6, ? में क्रम से $\div2,\div3,\div4,\div5$ होता है; अगला $\div6$, अतः 1।
भाग को गुणा के अनुपात से भी समझ सकते हैं: $\div2$ का अर्थ $\times\tfrac12$ है। पूर्णांक से शुरू हुई शृंखला का अगला पद भिन्न भी हो सकता है; विकल्प देखकर मनमाने ढंग से पूर्णांक मानने से बचें। बीच के पद का समाधान दोनों ओर से जाँचें: यदि 48, ?, 12 में $\div2$ है, तो बीच का पद 24 है।
7. वर्ग, घन और उनके आसपास के पद
मूल वर्ग हैं $1^2=1$, $2^2=4$, $3^2=9$, $4^2=16$, $5^2=25$, $6^2=36$। मूल घन हैं $1^3=1$, $2^3=8$, $3^3=27$, $4^3=64$, $5^3=125$। इनका क्रम पद के स्थान से जोड़कर देखें।
| नियम | शुरुआती पद | अगला पद |
|---|---|---|
| $n^2$ | 1, 4, 9, 16, 25 |
36 |
| $n^2+1$ | 2, 5, 10, 17, 26 |
37 |
| $n^2-1$ | 0, 3, 8, 15, 24 |
35 |
| $n^3$ | 1, 8, 27, 64 |
125 |
| $n^3+1$ | 2, 9, 28, 65 |
126 |
एक ही स्थिर अंतर की आशा न करें: लगातार वर्गों के अंतर 3, 5, 7, 9… होते हैं। घनों के अंतर और तेज़ी से बढ़ते हैं। $n^2\pm1$ जैसे रूपों के अलावा $n^2+2$ भी संभव है: 3, 6, 11, 18, 27, 38।
8. अभाज्य संख्या शृंखला
अभाज्य संख्या वह धनात्मक पूर्णांक है जिसके ठीक दो धनात्मक भाजक हों: 1 और वह संख्या स्वयं। शुरुआती अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29 हैं। 1 अभाज्य नहीं; 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।
सीधी शृंखला 2, 3, 5, 7, 11, 13, ? का अगला पद 17 है। इनके अंतर 1, 2, 2, 4, 2, 4… स्थिर नहीं होते। ऐसा अंतर देखकर जल्दबाज़ी में कोई कृत्रिम जोड़ नियम बनाने से पहले मूल संख्याओं की अभाज्यता देखें।
अभाज्य संख्या पर समान परिवर्तन भी हो सकता है: 3, 4, 6, 8, 12, ? प्रत्येक क्रमिक अभाज्य संख्या से 1 अधिक है, इसलिए अगला 13+1=14। अंतर-आधारित दूसरा नियम भी कभी फिट हो सकता है; सभी ज्ञात पदों और विकल्पों से पुष्टि करें।
9. फ़िबोनैचि और पिछले दो पदों का संबंध
फ़िबोनैचि शृंखला का प्रचलित रूप 1, 1, 2, 3, 5, 8, 13, ? है। हर अगला पद पिछले दो पदों का योग है; उत्तर 21। कुछ पुस्तकों में आरंभ 0, 1, 1, 2… से होता है। आरंभ बदले तो शृंखला के लिखे पदों के अनुसार चलें।
योग का नियम अन्य प्रारंभिक पदों पर भी लागू हो सकता है: 2, 4, 6, 10, 16, 26, ? में 2+4=6, 4+6=10,…, 16+26=42। अतः इस उदाहरण को केवल याद किए हुए फ़िबोनैचि पदों से पहचानना आवश्यक नहीं; संबंध जाँचना अधिक विश्वसनीय है।
कभी $a_n=a_{n-1}+a_{n-2}+1$ जैसे रूप भी दिए जाते हैं। ऐसा कोई अतिरिक्त +1 तभी मानें जब वह हर उपलब्ध जोड़ पर एक समान लागू हो।
10. एकांतर या जुड़वाँ शृंखला
जब एक ही पंक्ति में दो क्रम मिले हों, पदों को स्थान के अनुसार बाँटें। 2, 100, 4, 90, 6, 80, 8, ? में विषम स्थान 2, 4, 6, 8 हैं; सम स्थान 100, 90, 80, ? हैं। अतः उत्तर 70। पूरे क्रम के प्रथम अंतर देखने पर कोई उपयोगी सरल नियम नहीं मिलता।
यह तकनीक केवल दो शृंखलाओं तक सीमित नहीं: कभी पहला, चौथा, सातवाँ पद एक समूह; दूसरा, पाँचवाँ, आठवाँ दूसरा; तीसरा, छठा, नौवाँ तीसरा समूह बना सकते हैं। तीन उपशृंखलाओं का अनुमान लगाने से पहले जाँचें कि उनमें पर्याप्त पद हैं। कम पद होने पर नियम अस्पष्ट रह सकता है।
स्थान तालिका बनाना विशेष रूप से तब मदद करता है जब दोनों उपशृंखलाओं के नियम अलग हों:
| स्थान | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पद | 2 | 100 | 4 | 90 | 6 | 80 | 8 | ? |
| समूह | विषम | सम | विषम | सम | विषम | सम | विषम | सम |
11. मिश्रित संक्रियाएँ: गुणा, जोड़ और घटाव साथ में
2, 5, 12, 27, 58, ? में नियम $\times2+1$, $\times2+2$, $\times2+3$, $\times2+4$ है। इसलिए अगला पद $58\times2+5=121$। हर तीर पर लिखें: 2 → 5 (×2+1), 5 → 12 (×2+2) आदि। इससे यह सुनिश्चित होता है कि बदलती जोड़ संख्या एक क्रम में चल रही है।
स्थिर संयुक्त नियम भी मिलता है: 1, 2, 5, 14, 41, ? में हर बार $\times3-1$; उत्तर $41\times3-1=122$। कभी संक्रियाएँ एकांतर हों, जैसे 2, 3, 6, 7, 14, 15, ? में क्रमशः +1, ×2, +1, ×2…; अगला 30।
यदि केवल पदों के बीच के अंतर देखेंगे, मिश्रित नियम छिप सकता है। पहले दो-तीन चरणों में गुणक और उसके बाद बची राशि लिखकर देखें; बढ़ते गुणकों को स्थिर मानने की भूल न करें।
12. अतिरिक्त उपयोगी पैटर्न: त्रिकोणीय संख्या, क्रमगुणित और अंकों का खेल
प्रतियोगी प्रश्नों में नीचे के रूप ऊपर की मुख्य श्रेणियों के साथ मिल सकते हैं:
| रूप | उदाहरण | कैसे पहचानें |
|---|---|---|
| त्रिकोणीय संख्याएँ | 1, 3, 6, 10, 15, 21 |
क्रमशः +2, +3, +4, +5, +6; $n(n+1)/2$ |
| क्रमगुणित | 1, 2, 6, 24, 120, 720 |
$1!,2!,3!,4!,5!,6!$; या क्रमशः ×2, ×3… |
| दो की घात | 2, 4, 8, 16, 32 |
प्रत्येक बार ×2; $2^n$ |
| अभाज्य अंतर | 4, 6, 9, 14, 21, 32 |
अंतर 2, 3, 5, 7, 11 हैं |
| अंक पलटना | 12, 21, 13, 31, 14, 41, 15 |
12/21, 13/31, 14/41 जोड़ी; दो क्रम मिले हैं |
क्रमगुणित में $0!=1$ भी है। किन्तु पदों को अपने मन से शून्यवें स्थान से शुरू न करें; दिए गए पद-क्रम को समझाएँ। अंक पलटने में 10 को उलटने पर 01 को संख्या के रूप में 1 माना जाता है; प्रश्न की प्रस्तुति और विकल्पों से आशय स्पष्ट करें।
13. लुप्त पद: आखिर में या बीच में खाली स्थान
अंतिम पद गायब हो तो ज्ञात नियम को एक कदम आगे बढ़ाएँ। 7, 12, 17, 22, ? का उत्तर 27 है। बीच का पद गायब हो तो बाएँ और दाएँ दोनों तरफ से जाँचें: 5, 11, ?, 29, 41 के अंतर +6, +8, +10, +12 होने चाहिए; उत्तर 19। जाँच: 11+8=19 और 19+10=29।
यदि बीच के लुप्त पद पर किसी प्रस्तावित नियम का एक ओर मेल हो लेकिन दूसरी ओर न हो, तो वह नियम पर्याप्त नहीं। एकांतर शृंखला में पहले तय करें कि खाली स्थान विषम या सम उपशृंखला में है।
14. गलत पद: अपेक्षित शृंखला से कौन हट रहा है?
गलत पद के प्रश्न में एक पद को बदलकर पूरा क्रम ठीक किया जाता है। 2, 5, 10, 17, 27, 37 में $n^2+1$ के अनुसार पद 2, 5, 10, 17, 26, 37 होने चाहिए। अतः गलत पद 27 है; उसका सही स्थानापन्न 26 है। केवल अगला पद पूछे जाने से यह प्रश्न अलग है।
1, 4, 9, 15, 25, 36 में चौथा पद 16 होना चाहिए, अतः गलत पद 15 है। जाँच में 15 के बाद के 25, 36 भी वर्गक्रम में हैं। गलत पद के आसपास के दो अंतर प्रायः बिगड़ते हैं; इसलिए सिर्फ एक अंतर देखकर दोषी पद न चुनें।
यदि दो अलग पद बदलने पड़ें, शायद आपका चुना नियम गलत है या प्रश्न में एक से अधिक त्रुटियाँ हैं। प्रश्न के निर्देश के अनुसार ही उत्तर दें: कभी गलत दिया हुआ पद पूछा जाता है, कभी सही प्रतिस्थापन।
15. नई पद्धति या कूटबद्ध दो शृंखलाएँ
दो शृंखलाओं वाले प्रश्न में पहली शृंखला नियम बताती है और दूसरी उसी क्रिया-क्रम पर चलती है। पहले पहली शृंखला के हर तीर पर संक्रिया निकालें, फिर उसी स्थान के तीर पर दूसरी शृंखला में लगाएँ। मूल पदों का बराबर होना आवश्यक नहीं।
उदाहरण: शृंखला I: 2, 5, 11, 23, 47। प्रत्येक बार $\times2+1$। शृंखला II: 3, 7, 15, ?, 63। अतः 15×2+1=31 और जाँच 31×2+1=63; उत्तर 31।
बदलती संक्रिया का उदाहरण: I: 1, 3, 6, 10, 15 में +2, +3, +4, +5; II: 4, 6, 9, 13, 18, ? में वही शुरुआत, फिर +6; उत्तर 24। केवल दोनों की संख्यात्मक समानता ढूँढ़ने के बजाय तीरों के स्थान मिलाएँ।
यदि पहली शृंखला पर दो सरल नियम फिट होते हों, दूसरी शृंखला उन्हें अलग करने में मदद कर सकती है। दोनों में संगत नियम ही चुनें; दूसरी को मनमाने नए नियम से पूरा न करें।
16. अशाब्दिक या आकृति शृंखला
आकृति प्रश्नों में प्रत्येक चित्र को कई गुणों में बाँटें: आकार, दिशा, रंग/भराव, वस्तुओं की संख्या, स्थान, घुमाव और प्रतिबिंब। एक चित्र से अगले चित्र में कौन-सा गुण कितनी नियमितता से बदला, यह देखें। एक साथ दो गुण बदलें तो दोनों को अलग-अलग दर्ज करें।
| नियम | दिखाया गया क्रम | अगला चित्र | कारण |
|---|---|---|---|
| 90° दक्षिणावर्त घुमाव | ▲ ▶ ▼ ◀ ▲ ? |
▶ |
ऊपर → दाएँ → नीचे → बाएँ |
| भरा/खाली एकांतर | ● ○ ● ○ ? |
● |
काला और खाली वृत्त बारी-बारी |
| आकृतियों की संख्या +1 | ● ●● ●●● ? |
●●●● |
1, 2, 3, 4 वस्तुएँ |
| दो गुण साथ बदलते हैं | ● ○○ ●●● ○○○○ ? |
●●●●● |
संख्या +1; भराव एकांतर |
दक्षिणावर्त का अर्थ घड़ी की सुई की दिशा है; वामावर्त विपरीत दिशा। त्रिकोण और तीर के सिरों की दिशा अलग लग सकती है, इसलिए पहले पूरे चित्र की दिशा देखें। प्रतिबिंब और घुमाव को भी अलग रखें: दाएँ-बाएँ प्रतिबिंब में स्थिति पलटती है; घुमाव में पूरा चित्र घूमता है। यदि चित्र में बिंदु कोनों पर चल रहा हो तो हर चित्र में उसकी कोने की स्थिति तालिका में दर्ज करें।
17. समय बचाने और अस्पष्टता सँभालने के नियम
- छोटे अंतर हों तो प्रथम/द्वितीय अंतर; तेज़ बढ़त या घटत हो तो गुणा/भाग; लगभग वर्ग या घन दिखें तो पद का स्थान जाँचें।
- हर उत्तर से पहले सभी ज्ञात पदों पर नियम लागू करें। एक भाग सही होना पर्याप्त नहीं।
- बीच का खाली स्थान, गलत पद और दो शृंखलाओं में दोनों दिशाओं या दोनों शृंखलाओं से पुष्टि करें।
- एकांतर नियम की जाँच में विषम तथा सम स्थान अलग लिखें; उनके आपसी पड़ोसी पदों को गलती से न जोड़ें।
- विकल्पों का उपयोग पुष्टिकरण के लिए करें, नियम गढ़ने के लिए नहीं। लंबी, अपवादों से भरी व्याख्या की जगह छोटा संगत नियम चुनें।
- बहुत कम पदों वाली शृंखला का एकमात्र गणितीय उत्तर हमेशा निर्धारित नहीं होता। एक से अधिक सरल नियम संभव हों तो प्रश्न की उपलब्ध सूचना और विकल्प के अनुसार ही निर्णय दें।
18. हल किए हुए उदाहरण: क्रम से सोचें
उदाहरण 1 — घटती अंतर शृंखला: 52, 45, 38, 31, ?। प्रत्येक अंतर −7 है, अतः 24।
उदाहरण 2 — द्वितीय अंतर: 4, 9, 16, 25, 36, ?। अंतर 5, 7, 9, 11; अगला 13, अतः 49। यही $n^2$ भी है।
उदाहरण 3 — तृतीय अंतर और घन: 2, 9, 28, 65, 126, ?। पद $n^3+1$ हैं; छठा 217। प्रथम अंतर 7, 19, 37, 61; द्वितीय 12, 18, 24; तृतीय 6, 6 पुष्टि करते हैं।
उदाहरण 4 — बदलता गुणन: 5, 10, 30, 120, 600, ?। $\times2,\times3,\times4,\times5$ के बाद $\times6$, अतः 3600।
उदाहरण 5 — बदलता भाग: 5040, 2520, 840, 210, 42, 7, ?। $\div2,\div3,\div4,\div5,\div6$ के बाद $\div7$, अतः 1।
उदाहरण 6 — वर्ग से एक कम: 0, 3, 8, 15, 24, ?। $1^2-1,2^2-1,\ldots$; छठा पद $6^2-1=35$।
उदाहरण 7 — पिछले दो पदों का योग: 1, 3, 4, 7, 11, 18, ?। 7+11=18, इसलिए अगला 11+18=29।
उदाहरण 8 — दो छिपे क्रम: 2, 100, 4, 90, 6, 80, 8, ?। सम स्थानों पर 100, 90, 80, 70; उत्तर 70।
उदाहरण 9 — संयुक्त क्रिया: 1, 2, 5, 14, 41, ?। प्रत्येक पद को ×3−1 करें; उत्तर 122।
उदाहरण 10 — गलत पद: 5, 10, 20, 40, 81, 160। $\times2$ के अनुसार पाँचवाँ पद 80 होना चाहिए; गलत दिया हुआ पद 81 है।
19. स्वतंत्र अभ्यास: पहले उत्तर स्वयं निकालें
सभी प्रश्नों में एक ही सरल, संगत नियम खोजें। प्रश्न 12–14 में गलत दिया हुआ पद लिखें। प्रश्न 15 में दोनों रिक्त स्थान भरें। प्रश्न 17–18 में अगली आकृति बनाएँ या प्रतीक लिखें। समाधान अगले खंड में हैं।
अभ्यास 01
4, 9, 14, 19, ?
अभ्यास 02
2, 5, 10, 17, 26, ?
अभ्यास 03
3, 6, 18, 72, 360, ?
अभ्यास 04
720, 360, 120, 30, 6, ?
अभ्यास 05
3, 6, 11, 18, 27, ?
अभ्यास 06
1, 8, 27, 64, ?
अभ्यास 07
2, 3, 5, 7, 11, 13, ?
अभ्यास 08
2, 4, 6, 10, 16, 26, ?
अभ्यास 09
2, 10, 4, 20, 6, 30, 8, ?
अभ्यास 10
2, 5, 12, 27, 58, ?
अभ्यास 11
96, 48, 24, 12, ?
अभ्यास 12
गलत पद पहचानें: 2, 4, 8, 16, 31, 64।
अभ्यास 13
गलत पद पहचानें: 1, 4, 9, 15, 25, 36।
अभ्यास 14
गलत पद पहचानें: 2, 3, 5, 8, 11, 13।
अभ्यास 15
पहली शृंखला का नियम दूसरी में लगाएँ। दोनों रिक्त स्थान भरें:
- शृंखला I:
2, 5, 11, 23, ? - शृंखला II:
3, 7, 15, ?, 63
अभ्यास 16
पहली शृंखला के चरण दूसरी में लगाएँ। दूसरी शृंखला का अगला पद बताएँ:
- शृंखला I:
1, 3, 6, 10, 15 - शृंखला II:
4, 6, 9, 13, 18, ?
अभ्यास 17
अगली आकृति चुनें: ▲ ▶ ▼ ◀ ▲ ?
अभ्यास 18
अगली आकृति बनाएँ: ● | ●● | ●●● | ?
अभ्यास 19
1, 2, 6, 24, 120, ?
अभ्यास 20
कठिन एकांतर शृंखला: 1, 2, 4, 6, 9, 12, 16, ?
20. उत्तर और कारण: प्रत्येक नियम की जाँच
उत्तर 01
24। अंतर लगातार +5 है: 4→9→14→19→24।
उत्तर 02
37। अंतर 3, 5, 7, 9 हैं; अगला 11, इसलिए 26+11=37। इसी क्रम के पद $n^2+1$ हैं।
उत्तर 03
2160। गुणक क्रम से ×2, ×3, ×4, ×5 हैं। अगला 360×6=2160। स्थिर ×2 नियम दूसरे ही चरण पर टूटता है।
उत्तर 04
1। भाजक 2, 3, 4, 5 हैं। 720÷2=360, 360÷3=120, 120÷4=30, 30÷5=6; अगला 6÷6=1।
उत्तर 05
38। $n^2+2$ के लिए 1²+2=3, 2²+2=6,…, 5²+2=27; छठा 6²+2=38। अंतर 3, 5, 7, 9 के बाद 11 से भी यही उत्तर मिलता है।
उत्तर 06
125। पद $1^3,2^3,3^3,4^3$ हैं। अगला $5^3=125$।
उत्तर 07
17। ये क्रमिक अभाज्य संख्याएँ हैं; 13 के बाद 17 आता है। 1 इस सूची का प्रारंभ नहीं हो सकता क्योंकि वह अभाज्य नहीं है।
उत्तर 08
42। तीसरे पद से प्रत्येक पद पिछले दो का योग है: 2+4=6, 4+6=10, 6+10=16, 10+16=26; अगला 16+26=42।
उत्तर 09
40। विषम स्थान: 2,4,6,8 में +2; सम स्थान: 10,20,30,? में +10। आठवाँ स्थान सम है, इसलिए 40।
उत्तर 10
121। तीरों पर ×2+1, ×2+2, ×2+3, ×2+4 है। अगला 58×2+5=121। जाँच: 27×2+4=58।
उत्तर 11
6। प्रत्येक चरण में ÷2: 96,48,24,12,6।
उत्तर 12
गलत पद 31; सही पद 32। हर बार ×2 होना चाहिए: 2,4,8,16,32,64। 31 को 32 करने पर आगे का 64 भी सही बैठता है।
उत्तर 13
गलत पद 15; सही पद 16। क्रमिक वर्ग 1²,2²,3²,4²,5²,6² हैं, अर्थात 1,4,9,16,25,36।
उत्तर 14
गलत पद 8; सही पद 7। क्रमिक अभाज्य संख्या क्रम 2,3,5,7,11,13 है। 8 संयुक्त संख्या है और अपेक्षित चौथा पद 7।
उत्तर 15
शृंखला I: 47; शृंखला II: 31। दोनों में हर कदम $\times2+1$ है। पहली में 23×2+1=47; दूसरी में 15×2+1=31। आगे 31×2+1=63 मिलने से मध्य का उत्तर जाँचा जाता है।
उत्तर 16
24। पहली शृंखला के चरण +2,+3,+4,+5 हैं। दूसरी में 4→6→9→13→18 पर वही चरण हैं; अगला +6 कर 24।
उत्तर 17
▶। प्रत्येक त्रिकोण 90° दक्षिणावर्त घूमता है: ऊपर, दाएँ, नीचे, बाएँ, फिर ऊपर और दाएँ।
उत्तर 18
●●●●। आकृतियों की संख्या 1,2,3 है; अगले चित्र में चार भरे वृत्त होंगे। यहाँ दिशा या रंग नहीं बदल रहा।
उत्तर 19
720। चरण ×2, ×3, ×4, ×5 हैं; अगला 120×6=720। इन्हें $1!,2!,3!,4!,5!,6!$ भी लिख सकते हैं।
उत्तर 20
20। विषम स्थानों पर 1,4,9,16 क्रमिक वर्ग $1^2,2^2,3^2,4^2$ हैं। सम स्थानों पर 2,6,12,? क्रमशः $1×2,2×3,3×4,4×5$ हैं। आठवाँ पद 4×5=20। पूरे क्रम के पड़ोसी अंतर 1,2,2,3,3,4,4 भी इसी उत्तर की पुष्टि करते हैं।
21. एक पृष्ठ पर पुनरावृत्ति
| दिखे तो पहले जाँचें | पहचान का संकेत | अंतिम जाँच |
|---|---|---|
| लगभग समान दूरी | स्थिर जोड़/घटाव | सभी प्रथम अंतर |
| अंतर स्वयं नियमित | द्वितीय/तृतीय अंतर | अंतर का अगला चरण |
| तेज़ बढ़ती संख्याएँ | गुणन, घात, क्रमगुणित | हर गुणक और शेष जोड़ |
| तेज़ घटती संख्याएँ | भाग | भाजकों का क्रम |
| वर्ग/घन के करीब | $n^2\pm k$, $n^3\pm k$ | पद का सही स्थान $n$ |
| अभाज्य जैसा क्रम | 2,3,5,7,11… |
1 को अभाज्य न मानें |
| पिछले दो पदों से मेल | फ़िबोनैचि जैसा योग | हर तीन लगातार पद |
| एक चरण छोड़कर मेल | विषम/सम उपशृंखला | रिक्त पद की स्थान-समता |
| दो शृंखलाएँ | एक जैसे तीर/संक्रिया | दोनों पर पूरा नियम |
| आकृतियाँ | दिशा, भराव, संख्या, स्थान | हर चित्र में वही बदलाव |
अंतिम नियम: पहले पैटर्न पहचानें, फिर उत्तर निकालें, फिर पूरी ज्ञात शृंखला से उत्तर की पुष्टि करें।
यह जानकारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा तैयार की गई है।