1. रीजनिंग में जल प्रतिबिंब का अर्थ

जल प्रतिबिंब किसी मुद्रित आकृति का क्षैतिज रेखा के सापेक्ष ऊपर–नीचे का परावर्तन है। आकृति के नीचे शांत जल या क्षैतिज दर्पण की कल्पना करें। ऊपर का भाग नीचे और नीचे का भाग ऊपर आता है; बायाँ तथा दायाँ भाग समान रहता है।

इन प्रश्नों में आदर्श द्विविमीय परावर्तन लिया जाता है। पानी की लहरें, देखने का कोण तथा प्रकाशीय विकृति इस पद्धति का हिस्सा नहीं हैं। आकार, लंबाइयाँ, रंग और भागों की संख्या मूल आकृति जैसी रहती हैं। प्रत्येक बिंदु जल-रेखा के दूसरी ओर उतनी ही लंबवत दूरी पर बनता है। रेखा पर स्थित बिंदु नहीं बदलता।

क्षैतिज जल-रेखा में असममित आकृति का प्रतिबिंब

2. दिशा और कोनों की सारणी

मूल स्थिति या चिह्न जल प्रतिबिंब
ऊपर / नीचे नीचे / ऊपर
बायाँ / दायाँ बायाँ / दायाँ
ऊपरी-बायाँ कोना निचला-बायाँ कोना
ऊपरी-दायाँ कोना निचला-दायाँ कोना
तीर ↑ / ↓ ↓ / ↑
तीर → / ← → / ←
तीर ↗ / ↖ ↘ / ↙
तिरछी रेखा / विपरीत तिरछी रेखा \

ऊपरी-बाएँ कोने का बिंदु निचले-बाएँ कोने में जाता है। दाईं ओर जाता तीर दाईं ओर ही रहेगा, हालाँकि उसका स्थान ऊपरी हिस्से से निचले हिस्से में आ सकता है। आकृति के ऊपर रखा क्षैतिज दर्पण भी ऊपर–नीचे का यही बदलाव करेगा; पूरी छवि उस ऊपरी दर्पण रेखा के दूसरी ओर बनेगी।

जल-रेखा से समान दूरी

बिंदु जल-रेखा से 3 सेमी ऊपर हो, तो छवि 3 सेमी नीचे बनेगी। दोनों के बीच 6 सेमी दूरी होगी। पानी के ऊपर खड़ी आकृति का निचला भाग जल-रेखा के पास होता है; उसका प्रतिबिंब भी रेखा के पास होगा। अधिक ऊँचे भाग का प्रतिबिंब पानी की ओर अधिक नीचे बनेगा।

3. बड़े अंग्रेज़ी अक्षर और क्षैतिज सममिति

परीक्षाओं में प्रचलित आदर्श बड़े अक्षरों की सूची में 8 अक्षर अपरिवर्तित माने जाते हैं:

C, D, E, H, I, K, O, X

उसी परंपरागत बनावट में शेष 18 अक्षर बदलते हैं:

A, B, F, G, J, L, M, N, P, Q, R, S, T, U, V, W, Y, Z

यह सूची सीधे और आदर्श अक्षर-रूपों पर आधारित है; हर मुद्रण शैली पर लागू नहीं होती। उदाहरण के लिए, समान ऊपरी और निचले घुमाव तथा ठीक बीच में जोड़ वाला B क्षैतिज सममिति रख सकता है, हालाँकि वह सामान्य आठ-अक्षर सूची में नहीं आता। सजावटी सिरे, असमान घुमाव तथा तिरछी बनावट उत्तर बदल सकते हैं। चित्र दिया हो, तो वास्तविक रूपरेखा को प्राथमिकता दें।

परंपरागत सूची का अक्षर-समूह दर्पण प्रतिबिंब जल प्रतिबिंब
H, I, O, X समान समान
A, M, T, U, V, W, Y समान परिवर्तित
C, D, E, K परिवर्तित समान
B, F, G, J, L, N, P, Q, R, S, Z परिवर्तित परिवर्तित

परावर्तन और घूर्णन अलग हैं। आदर्श N या Z आधा चक्कर घुमाने पर समान हो सकता है, लेकिन क्षैतिज परावर्तन में बदलता है। घुमाकर समान होने से जल प्रतिबिंब समान नहीं माना जा सकता।

4. अंक: वास्तविक आकृति से निर्णय लें

कई परीक्षा-सारांश 0, 3 और 8 की जल छवि को समान या लगभग समान बताते हैं। इसके लिए सममित बनावट चाहिए: केंद्रित 0, समान ऊपरी–निचले घुमाव वाला 3 और समान दोनों घेरों वाला 8। वास्तविक मुद्रण में ऊपर का घेरा अक्सर छोटा होता है, इसलिए पूर्ण सममिति नहीं मिलती।

केवल सीधी खड़ी रेखा जैसा 1 भी क्षैतिज सममित है। असमान हुक और आधार वाला 1 ऐसा होना आवश्यक नहीं है। तिरछी काट वाले शून्य तथा सजावटी अंकों को अलग से देखें। सामान्य परीक्षा-बनावट में 2, 4, 5, 6, 7 और 9 प्रायः बदलते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय चित्र से करें।

ऊपर–नीचे पलटे 6 को अपने-आप सामान्य 9 नहीं लिख सकते। यह धारणा प्रायः 180 अंश घुमाने से आती है, जिसमें बायाँ–दायाँ भी बदलता है। जल प्रतिबिंब केवल ऊपर–नीचे पलटता है।

5. क्षैतिज शब्द में अक्षरों का स्थान-क्रम समान रहता है

एक क्षैतिज पंक्ति में लिखे शब्द का जल प्रतिबिंब लेने पर अक्षरों के स्थानों का बाएँ से दाएँ क्रम समान रहता है। हर अक्षर अपने स्थान पर ऊपर–नीचे पलटता है।

ABC के स्थान A, B, C के क्रम में रहेंगे, लेकिन प्रत्येक अक्षर की आकृति क्षैतिज रेखा में परावर्तित होगी। सामान्य ABC लिखने से आकृतियों का यह बदलाव नहीं दिखता। CBA लिखना भी गलत होगा, क्योंकि उससे अनावश्यक रूप से क्रम उलट जाएगा।

क्षैतिज शब्द का क्रम समान रहता है और प्रत्येक अक्षर ऊपर–नीचे पलटता है

यदि हर अक्षर क्षैतिज सममित हो, तो पूरा क्षैतिज शब्द समान रह सकता है। आदर्श अक्षरों में CODE, CHECK और HIDE ऐसे उदाहरण हैं। शब्द का आगे–पीछे समान होना जरूरी नहीं है, क्योंकि क्षैतिज क्रम नहीं बदलता। MOM आगे–पीछे समान है, पर सामान्य M क्षैतिज सममित नहीं होने से उसकी जल छवि बदलती है।

6. कई पंक्तियाँ, खड़ा क्रम और जाली

आयताकार व्यवस्था में पंक्तियों का ऊपर से नीचे का क्रम उलटें। हर पंक्ति में बाएँ से दाएँ का क्रम समान रखें। प्रत्येक अक्षर का आकार भी परावर्तित करें। सममित वृत्तों से स्थान का बदलाव स्पष्ट दिखता है:

मूल             जल प्रतिबिंब
● ○ ○           ○ ● ●
○ ● ●           ● ○ ○

खड़े क्रम में सबसे नीचे का पद सबसे ऊपर और सबसे ऊपर का पद सबसे नीचे आएगा। ऊपर से नीचे H, O, X हों, तो क्षैतिज सममित आदर्श अक्षरों में जल प्रतिबिंब X, O, H होगा।

R पंक्तियों और C स्तंभों की जाली में गिनती ऊपरी-बाएँ से शुरू करें। नया स्थान होगा: (पंक्ति r, स्तंभ c) → (R + 1 − r, c)। 6 पंक्तियों की जाली में (2, 4) पर चिह्न (5, 4) पर आएगा। स्तंभ नहीं बदलता। यह प्रतिबिंबित जाली के भीतर का स्थान है; पूरी छवि जल-रेखा के दूसरी ओर बनती है।

7. निर्देशांक और दूरी की जाँच

कार्तीय निर्देशांक में x दाईं ओर और y ऊपर की ओर बढ़ता है।

क्षैतिज परावर्तन रेखा परिवर्तन
x-अक्ष, y = 0 (x, y) → (x, −y)
क्षैतिज रेखा y = b (x, y) → (x, 2b − y)

उदाहरण: (4, 7) को y = 2 में परावर्तित करें। मूल बिंदु रेखा से 5 इकाई ऊपर है, इसलिए प्रतिबिंब 5 इकाई नीचे (4, −3) पर होगा। x-निर्देशांक 4 ही रहता है। दोनों y-निर्देशांकों का औसत 2 है।

कंप्यूटर स्क्रीन पर पंक्ति संख्या सामान्यतः नीचे जाते हुए बढ़ती है। इसे ऊपर जाते हुए बढ़ने वाले कार्तीय y-निर्देशांक से न मिलाएँ। जाली और निर्देशांक के सूत्र एक ही परावर्तन को अलग तरीके से बताते हैं।

8. जल प्रतिबिंब, दर्पण प्रतिबिंब और घूर्णन की तुलना

गुण लंबवत दर्पण जल प्रतिबिंब 180 अंश घूर्णन
बायाँ–दायाँ बदलता है समान बदलता है
ऊपर–नीचे समान बदलता है बदलता है
ऊपरी-बायाँ बिंदु ऊपरी-दायाँ निचला-बायाँ निचला-दायाँ
तीर ↗ ↖ ↘ ↙
जाली की पंक्तियाँ समान क्रम उलटा क्रम उलटा क्रम
जाली के स्तंभ उलटा क्रम समान क्रम उलटा क्रम

एक ही क्षैतिज रेखा में दो परावर्तन मूल आकृति लौटा देते हैं। उसी रेखा में विषम संख्या बार परावर्तन का प्रभाव एक परावर्तन जैसा और सम संख्या बार का प्रभाव शून्य होता है।

एक ही केंद्र से गुजरती परस्पर लंब रेखाओं में लंबवत और क्षैतिज परावर्तन मिलकर उनके प्रतिच्छेद बिंदु के चारों ओर आधा चक्कर घुमाने के बराबर होते हैं। दो अलग समांतर क्षैतिज रेखाओं में क्रमिक परावर्तन से स्थानांतरण होता है: पहले y = a, फिर y = b करने पर y का मान y + 2(b − a) होगा।

9. घड़ी और भ्रामक छोटे नियम

घड़ी की जल छवि के लिए सुइयों और डायल के चित्र को क्षैतिज रेखा में परावर्तित करें। लंबवत दर्पण वाला 11:60 − समय का नियम यहाँ न लगाएँ।

ऐसा कोई एक सामान्य समय-घटाने वाला नियम नहीं है, जो क्षैतिज परावर्तित दोनों सुइयों को हर बार सामान्य अंकों वाली घड़ी के वैध समय में बदल दे। 3:00 पर मिनट की सुई ऊपर और घंटे की सुई ठीक दाईं ओर होती है। जल प्रतिबिंब में मिनट की सुई नीचे होगी और घंटे की सुई ठीक दाईं ओर ही रहेगी। वास्तविक 3:30 पर घंटे की सुई 3 और 4 के बीच होती है। इसलिए परावर्तित चित्र ठीक 3:30 का समय नहीं दिखाता। कुछ परीक्षा-चित्र सुइयों की स्थिति सरल करके बनाते हैं; दिए चित्र और शर्त का पालन करें।

डिजिटल समय की जल छवि भी अंकों की आकृति और स्थान का प्रश्न है। समय के संख्यात्मक मान पर घटाव करने के बजाय पूरे प्रदर्शन को चित्र मानकर पलटें।

10. गलत विकल्प हटाने की विधि

  1. क्षैतिज परावर्तन रेखा पहचानें।
  2. ऊपर और नीचे में अंतर बताने वाला संकेत चुनें: बिंदु, खुला भाग, तीर या रंगा कोना।
  3. बायाँ–दायाँ समान रखते हुए उस संकेत को विपरीत ऊर्ध्वाधर स्थान पर रखें।
  4. कई पंक्तियाँ हों, तो उनका क्रम उलटें।
  5. हर असममित चिह्न की आकृति भी पलटी है या नहीं, जाँचें।
  6. बायाँ–दायाँ उलटने, आधा चक्कर घुमाने, भागों की संख्या बदलने या दूरी बदलने वाले विकल्प हटाएँ।

दो विकल्पों में केवल छोटे चिह्न का अंतर हो, तो उस चिह्न की पूरी यात्रा देखें। बिंदु वाला वर्ग, बिना चिह्न वाले सममित वर्ग जैसा नहीं है।

11. हल किए हुए उदाहरण

उदाहरण 1 — कोने में बिंदु

वर्ग के ऊपरी-दाएँ कोने में बिंदु है। जल प्रतिबिंब में बिंदु निचले-दाएँ कोने में होगा। निचले-बाएँ रखना अनावश्यक क्षैतिज उलटाव जोड़ देगा।

उदाहरण 2 — तीर

↗ दिशा का तीर जल प्रतिबिंब में ↘ होगा। दाईं दिशा का भाग दाईं ओर रहता है; ऊपर जाने वाला भाग नीचे हो जाता है।

उदाहरण 3 — समान रहने वाला शब्द

आदर्श क्षैतिज सममित C, O, D, E में CODE का जल प्रतिबिंब CODE है। क्रम समान रहता है और प्रत्येक अक्षर अपनी छवि जैसा है।

उदाहरण 4 — दो पंक्तियाँ

ऊपरी पंक्ति ● ○ ● तथा निचली पंक्ति ○ ● ○ है। प्रतिबिंब में ऊपर ○ ● ○ और नीचे ● ○ ● होगा। किसी पंक्ति का बाएँ–दाएँ क्रम नहीं उलटेगा।

उदाहरण 5 — जाली

7 पंक्तियों और 5 स्तंभों की जाली में बिंदु (2, 3) पर है। नया स्थान (6, 3) है, क्योंकि 7 + 1 − 2 = 6। नई पंक्ति के सूत्र में स्तंभों की संख्या का प्रयोग नहीं होता।

उदाहरण 6 — निर्देशांक

(−2, 8) को y = 3 में परावर्तित करें। 2 × 3 − 8 = −2, इसलिए प्रतिबिंब (−2, −2) है। मूल x-निर्देशांक −2 नहीं बदला।

उदाहरण 7 — दो प्रकार के परावर्तन

ऊपरी-बाएँ बिंदु को डिब्बे के केंद्र से गुजरते अक्षों में पहले जल और फिर लंबवत दर्पण परावर्तन दें। वह पहले निचले-बाएँ और फिर निचले-दाएँ जाता है। परिणाम मूल डिब्बे को आधा चक्कर घुमाने जैसा है।

उदाहरण 8 — समांतर क्षैतिज रेखाएँ

(3, 1) को पहले y = 2, फिर y = 5 में परावर्तित करें। बीच का बिंदु (3, 3) तथा अंतिम बिंदु (3, 7) है। कुल स्थानांतरण 2(5 − 2) = 6 इकाई ऊपर है।

12. त्वरित पुनरावृत्ति

  • जल प्रतिबिंब: ऊपर–नीचे बदलता है; बायाँ–दायाँ समान रहता है।
  • आकृति के ऊपर या नीचे क्षैतिज दर्पण यही दिशा-परिवर्तन करता है।
  • प्रचलित अपरिवर्तित बड़े अक्षर: C, D, E, H, I, K, O, X।
  • 0, 3, 8 और 1 का व्यवहार वास्तविक अंक-बनावट पर निर्भर है।
  • एक क्षैतिज शब्द में स्थान-क्रम समान रहता है; अक्षरों की आकृतियाँ पलटती हैं।
  • कई पंक्तियाँ ऊपर–नीचे उलटती हैं; स्तंभ अपने क्रम में रहते हैं।
  • जल प्रतिबिंब 180 अंश घूर्णन के बराबर नहीं है।
  • लंबवत दूरी सुरक्षित रखें और पूरी संयुक्त आकृति जाँचें।
  • घड़ी का चित्र ज्यामितीय ढंग से परावर्तित करें; सार्वभौमिक समय-सूत्र न मानें।

अभ्यास: 30 प्रश्न

उत्तर-व्याख्या देखने से पहले हल करें। ऑनलाइन परीक्षाओं के 80 प्रश्नों में ये अभ्यास प्रश्न भी शामिल हैं।

अभ्यास 01

जल प्रतिबिंब में कौन-सा जोड़ा बदलता है?

  • A. ऊपर और नीचे
  • B. बायाँ और दायाँ
  • C. रंग और आकार
  • D. हर पंक्ति और स्तंभ

अभ्यास 02

डिब्बे के ऊपरी-बाएँ बिंदु का जल प्रतिबिंब कहाँ होगा?

  • A. ऊपरी-बायाँ
  • B. निचला-बायाँ
  • C. ऊपरी-दायाँ
  • D. निचला-दायाँ

अभ्यास 03

बिंदु जल-रेखा से 5 सेमी ऊपर है। उसकी छवि कहाँ होगी?

  • A. 5 सेमी दाईं ओर
  • B. रेखा पर
  • C. रेखा से 5 सेमी नीचे
  • D. रेखा से 10 सेमी नीचे

अभ्यास 04

बिंदु क्षैतिज दर्पण से 8 सेमी ऊपर है। मूल बिंदु से छवि तक दूरी कितनी होगी?

  • A. 8 सेमी
  • B. 4 सेमी
  • C. 24 सेमी
  • D. 16 सेमी

अभ्यास 05

जल-रेखा पर स्थित बिंदु का क्या होगा?

  • A. वह स्थिर रहेगा
  • B. वह एक पंक्ति नीचे जाएगा
  • C. वह एक स्तंभ दाईं ओर जाएगा
  • D. वह गायब होगा

अभ्यास 06

कौन-सा आदर्श बड़ा अक्षर जल प्रतिबिंब में समान और लंबवत दर्पण में परिवर्तित होगा?

  • A. M
  • B. T
  • C. E
  • D. A

अभ्यास 07

3 के ऊपरी और निचले घुमाव असमान हैं। क्या जल छवि निश्चित रूप से बिल्कुल समान होगी?

  • A. नहीं; वास्तविक रूपरेखा देखनी होगी
  • B. हाँ, हर मुद्रित 3 के लिए
  • C. वह अवश्य 8 बनेगा
  • D. वह अवश्य 0 बनेगा

अभ्यास 08

एक क्षैतिज पंक्ति के अक्षर-स्थानों का जल परावर्तन में क्या होता है?

  • A. वे खड़ा क्रम बनते हैं
  • B. वे अनियमित स्तंभों में जाते हैं
  • C. बाएँ से दाएँ का क्रम समान रहता है
  • D. बाएँ से दाएँ का क्रम हमेशा उलटता है

अभ्यास 09

आदर्श क्षैतिज सममित अक्षरों में कौन-सा शब्द जल छवि में समान रहता है?

  • A. MOM
  • B. TAX
  • C. WAY
  • D. CODE

अभ्यास 10

खड़ा क्रम ऊपर से नीचे H, O, X है। सममित बड़े अक्षरों में जल छवि का क्रम क्या होगा?

  • A. H, X, O
  • B. X, O, H
  • C. H, O, X
  • D. O, H, X

अभ्यास 11

क्षैतिज दर्पण आकृति के नीचे की जगह ऊपर रखा है। कौन-सा दिशा-परिवर्तन फिर भी होगा?

  • A. ऊपर और नीचे बदलेंगे
  • B. केवल बायाँ-दायाँ बदलेगा
  • C. आकृति हमेशा 90 अंश घूमेगी
  • D. कोई गुण नहीं बदल सकता

अभ्यास 12

जल छवि वाली घड़ी में 11:60 से समय घटाने की जगह चित्र क्यों देखें?

  • A. घड़ी में क्षैतिज अक्ष नहीं होता
  • B. हर जल छवि में 6:00 होता है
  • C. वह घटाव लंबवत परावर्तन के लिए है
  • D. जल छवि सुइयों का आकार बदलती है

अभ्यास 13

तीर ↑ दिशा में है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद दिशा क्या होगी?

  • A. ↓
  • B. ↑
  • C. ↗
  • D. →

अभ्यास 14

तीर → दिशा में है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद दिशा क्या होगी?

  • A. ↗
  • B. ↘
  • C. →
  • D. ↑

अभ्यास 15

तीर ↙ दिशा में है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद दिशा क्या होगी?

  • A. →
  • B. ↖
  • C. ↑
  • D. ↗

अभ्यास 16

जाली में 4 पंक्तियाँ और 5 स्तंभ हैं; गिनती ऊपरी-बाएँ से होती है। बिंदु (पंक्ति, स्तंभ) = (1, 2) पर है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद प्रतिबिंबित जाली के अंदर उसका स्थान बताइए।

  • A. (4, 2)
  • B. (1, 2)
  • C. (1, 4)
  • D. (4, 4)

अभ्यास 17

जाली में 6 पंक्तियाँ और 7 स्तंभ हैं; गिनती ऊपरी-बाएँ से होती है। बिंदु (पंक्ति, स्तंभ) = (5, 3) पर है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद प्रतिबिंबित जाली के अंदर उसका स्थान बताइए।

  • A. (5, 5)
  • B. (2, 5)
  • C. (2, 3)
  • D. (5, 3)

अभ्यास 18

जाली में 9 पंक्तियाँ और 10 स्तंभ हैं; गिनती ऊपरी-बाएँ से होती है। बिंदु (पंक्ति, स्तंभ) = (4, 8) पर है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद प्रतिबिंबित जाली के अंदर उसका स्थान बताइए।

  • A. (6, 3)
  • B. (6, 8)
  • C. (4, 8)
  • D. (4, 3)

अभ्यास 19

कार्तीय निर्देशांक में y ऊपर बढ़ता है। (2, 5) को y = 7 में परावर्तित करें। सही छवि-बिंदु कौन-सा है?

  • A. (2, 9)
  • B. (2, 5)
  • C. (12, 5)
  • D. (12, 9)

अभ्यास 20

कार्तीय निर्देशांक में y ऊपर बढ़ता है। (6, -2) को y = -1 में परावर्तित करें। सही छवि-बिंदु कौन-सा है?

  • A. (-8, -2)
  • B. (-8, 0)
  • C. (6, 0)
  • D. (6, -2)

अभ्यास 21

कार्तीय निर्देशांक में y ऊपर बढ़ता है। (9, 3) को y = -2 में परावर्तित करें। सही छवि-बिंदु कौन-सा है?

  • A. (-13, -7)
  • B. (9, -7)
  • C. (9, 3)
  • D. (-13, 3)

अभ्यास 22

वृत्तों का पैटर्न ● ○ ○ / ○ ● ● / ○ ● ○ है। / से ऊपर से नीचे की पंक्तियाँ अलग हैं। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद कौन-सा पैटर्न मिलेगा?

  • A. ○ ● ○ / ○ ● ● / ● ○ ○
  • B. ● ○ ○ / ○ ● ● / ○ ● ○
  • C. ○ ○ ● / ● ● ○ / ○ ● ○
  • D. ○ ● ○ / ● ● ○ / ○ ○ ●

अभ्यास 23

वृत्तों का पैटर्न ● ○ ○ ● / ● ○ ● ○ है। / से ऊपर से नीचे की पंक्तियाँ अलग हैं। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद कौन-सा पैटर्न मिलेगा?

  • A. ● ○ ○ ● / ● ○ ● ○
  • B. ● ○ ○ ● / ○ ● ○ ●
  • C. ○ ● ○ ● / ● ○ ○ ●
  • D. ● ○ ● ○ / ● ○ ○ ●

अभ्यास 24

वृत्तों का पैटर्न ○ ● ○ / ● ○ ○ / ● ● ● है। / से ऊपर से नीचे की पंक्तियाँ अलग हैं। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद कौन-सा पैटर्न मिलेगा?

  • A. ○ ● ○ / ○ ○ ● / ● ● ●
  • B. ● ● ● / ○ ○ ● / ○ ● ○
  • C. ● ● ● / ● ○ ○ / ○ ● ○
  • D. ○ ● ○ / ● ○ ○ / ● ● ●

अभ्यास 25

CHECK का प्रत्येक मुद्रित अक्षर अपने क्षैतिज मध्य अक्ष में सममित है। शब्द एक क्षैतिज पंक्ति में है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन को सामान्य अक्षरों में कौन-सा क्रम सही दिखाता है?

  • A. HCECK
  • B. CHECK
  • C. KCEHC
  • D. HECKC

अभ्यास 26

वर्ग में बिंदु ऊपरी-बायाँ कोने पर और तीर ↑ है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद बिंदु का कोना और तीर की दिशा दोनों सही चुनिए।

  • A. निचला-बायाँ; तीर ↓
  • B. ऊपरी-बायाँ; तीर ↑
  • C. ऊपरी-दायाँ; तीर ↑
  • D. निचला-दायाँ; तीर ↓

अभ्यास 27

वर्ग में बिंदु निचला-दायाँ कोने पर और तीर ↖ है। क्षैतिज रेखा में जल परावर्तन के बाद बिंदु का कोना और तीर की दिशा दोनों सही चुनिए।

  • A. निचला-दायाँ; तीर ↖
  • B. निचला-बायाँ; तीर ↗
  • C. ऊपरी-बायाँ; तीर ↘
  • D. ऊपरी-दायाँ; तीर ↙

अभ्यास 28

बिंदु (6, -4) को उसी x-अक्ष (y = 0) में 14 बार परावर्तित किया गया। अंतिम बिंदु कौन-सा है?

  • A. (-6, 4)
  • B. (-6, -4)
  • C. (6, -4)
  • D. (6, 4)

अभ्यास 29

(-2, 5) को पहले y = -1, फिर y = 2 में परावर्तित करें। अंतिम बिंदु कौन-सा है?

  • A. (-2, 5)
  • B. (-2, -7)
  • C. (-2, -1)
  • D. (-2, 11)

अभ्यास 30

क्षैतिज परावर्तन में (5, -2) की छवि (5, -8) है। जल-रेखा कौन-सी है?

  • A. y = -6
  • B. x = -5
  • C. y = -5
  • D. y = -4

उत्तर और व्याख्या

उत्तर 01

A. ऊपर और नीचे — जल प्रतिबिंब क्षैतिज रेखा में परावर्तन है; ऊर्ध्वाधर स्थिति उलटती है।

उत्तर 02

B. निचला-बायाँ — ऊपर नीचे होता है; बाईं ओर की स्थिति बाईं रहती है।

उत्तर 03

C. रेखा से 5 सेमी नीचे — परावर्तन क्षैतिज रेखा से लंबवत दूरी समान रखता है।

उत्तर 04

D. 16 सेमी — छवि 8 सेमी नीचे होगी, इसलिए कुल दूरी 16 सेमी है।

उत्तर 05

A. वह स्थिर रहेगा — परावर्तन रेखा से शून्य दूरी वाला बिंदु स्वयं पर ही आता है।

उत्तर 06

C. E — प्रचलित रूप में E क्षैतिज सममित है; A, M और T में लंबवत सममिति होती है।

उत्तर 07

A. नहीं; वास्तविक रूपरेखा देखनी होगी — क्षैतिज सममिति में ऊपरी-निचले भाग मेल खाने चाहिए; अनुमानित सूची हर बनावट की गारंटी नहीं है।

उत्तर 08

C. बाएँ से दाएँ का क्रम समान रहता है — क्षैतिज स्थान समान रहता है, जबकि हर अक्षर ऊपर-नीचे पलटता है।

उत्तर 09

D. CODE — C, O, D और E क्षैतिज सममित हैं तथा उनका क्रम समान रहता है।

उत्तर 10

B. X, O, H — खड़े क्रम का ऊपर-नीचे क्रम उलटता है; ये तीनों अक्षर स्वयं समान रहते हैं।

उत्तर 11

A. ऊपर और नीचे बदलेंगे — दोनों स्थितियों में परावर्तन रेखा क्षैतिज है; केवल पूरी छवि का स्थान अलग है।

उत्तर 12

C. वह घटाव लंबवत परावर्तन के लिए है — क्षैतिज रेखा सुइयों की दिशा अलग तरह बदलती है; दोनों सुइयों को ज्यामितीय रूप से पलटें।

उत्तर 13

A. ↓ — ↑ से ↓ मिलता है: ऊर्ध्वाधर दिशा उलटती है; क्षैतिज दिशा समान रहती है।

उत्तर 14

C. → — → से → मिलता है: ऊर्ध्वाधर दिशा उलटती है; क्षैतिज दिशा समान रहती है।

उत्तर 15

B. ↖ — ↙ से ↖ मिलता है: ऊर्ध्वाधर दिशा उलटती है; क्षैतिज दिशा समान रहती है।

उत्तर 16

A. (4, 2) — नई पंक्ति R + 1 − r है; स्तंभ समान रहता है। परिणाम (4, 2) है।

उत्तर 17

C. (2, 3) — नई पंक्ति R + 1 − r है; स्तंभ समान रहता है। परिणाम (2, 3) है।

उत्तर 18

B. (6, 8) — नई पंक्ति R + 1 − r है; स्तंभ समान रहता है। परिणाम (6, 8) है।

उत्तर 19

A. (2, 9) — y-निर्देशांक 2 × (7) − (5) होगा; दूसरा निर्देशांक समान रहता है। परिणाम (2, 9) है।

उत्तर 20

C. (6, 0) — y-निर्देशांक 2 × (-1) − (-2) होगा; दूसरा निर्देशांक समान रहता है। परिणाम (6, 0) है।

उत्तर 21

B. (9, -7) — y-निर्देशांक 2 × (-2) − (3) होगा; दूसरा निर्देशांक समान रहता है। परिणाम (9, -7) है।

उत्तर 22

A. ○ ● ○ / ○ ● ● / ● ○ ○ — पंक्तियों का क्रम उलटें; हर पंक्ति में वृत्तों का क्रम समान रखें। परिणाम: ○ ● ○ / ○ ● ● / ● ○ ○।

उत्तर 23

D. ● ○ ● ○ / ● ○ ○ ● — पंक्तियों का क्रम उलटें; हर पंक्ति में वृत्तों का क्रम समान रखें। परिणाम: ● ○ ● ○ / ● ○ ○ ●।

उत्तर 24

C. ● ● ● / ● ○ ○ / ○ ● ○ — पंक्तियों का क्रम उलटें; हर पंक्ति में वृत्तों का क्रम समान रखें। परिणाम: ● ● ● / ● ○ ○ / ○ ● ○।

उत्तर 25

B. CHECK — बाएँ-दाएँ का क्रम समान रखें। शर्त के अनुसार हर अक्षर क्षैतिज सममित है। उत्तर CHECK है।

उत्तर 26

A. निचला-बायाँ; तीर ↓ — बिंदु के स्थान और तीर की दिशा पर परावर्तन अलग-अलग लागू करें: निचला-बायाँ; तीर ↓।

उत्तर 27

D. ऊपरी-दायाँ; तीर ↙ — बिंदु के स्थान और तीर की दिशा पर परावर्तन अलग-अलग लागू करें: ऊपरी-दायाँ; तीर ↙।

उत्तर 28

C. (6, -4) — 14 सम है, इसलिए परावर्तन जोड़ों में समाप्त होंगे। परिणाम (6, -4) है।

उत्तर 29

D. (-2, 11) — पहली छवि (-2, -7) है। दूसरी रेखा में परावर्तन से (-2, 11) मिलता है। y में कुल खिसकाव 2 × (2 − (-1)) है।

उत्तर 30

C. y = -5 — क्षैतिज रेखा मध्यबिंदु से गुजरती है: y = (-2 + (-8))/2 = -5।

यह जानकारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा तैयार की गई है।