राजस्थान परीक्षा उपयोगी अति महत्वपूर्ण तथ्य एवं क्विक रिवीजन GK
भाग - 21: परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण तथ्य एवं क्विक रिवीजन#
विस्तृत विषय-सूची#
| खंड |
विषय |
परीक्षा में महत्व |
| 21.1 |
जलवायु संबंधी अति-महत्वपूर्ण सांख्यिकी एवं चरम बिंदु |
★★★★★ |
| 21.2 |
जलवायु वर्गीकरण: कोड एवं प्रतिनिधि जिले |
★★★★★ |
| 21.3 |
मृदा का वैज्ञानिक वर्गीकरण एवं रासायनिक तथ्य |
★★★★★ |
| 21.4 |
मृदा अवनयन एवं प्रमुख पर्यावरणीय संकट |
★★★★★ |
| 21.5 |
राजस्थान के 10 कृषि-जलवायु खंड |
★★★★★ |
| 21.6 |
भारत में राजस्थान का कृषिगत स्थान एवं जीआई टैग |
★★★★★ |
| 21.7 |
प्रमुख अनुसंधान संस्थान एवं उत्कृष्टता केंद्र |
★★★★★ |
| 21.8 |
कन्फ्यूजन निवारण: परीक्षोपयोगी सूक्ष्म अंतर |
★★★★★ |
📖 21.1 जलवायु संबंधी अति-महत्वपूर्ण सांख्यिकी एवं चरम बिंदु
| प्राचल / विषय |
स्थान / जिला |
सटीक मान / सांख्यिकी |
परीक्षा-उपयोगी वैज्ञानिक कारण |
| सर्वाधिक वर्षा वाला जिला |
झालावाड़ |
लगभग 100 सेमी (40 वर्षा दिवस) |
बंगाल की खाड़ी शाखा का सीधा प्रवेश, विंध्यन ढाल व सघन वन। |
| न्यूनतम वर्षा वाला जिला |
जैसलमेर |
मात्र 10 सेमी (5 वर्षा दिवस) |
अरावली की वृष्टि-छाया, अत्यधिक दूरी, वायु का अवतलन। |
| सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान |
माउंट आबू (सिरोही) |
लगभग 150 सेमी (48 वर्षा दिवस) |
पर्वतीय वर्षण, ऊँचाई >1200 मीटर। |
| न्यूनतम वर्षा वाला स्थान |
सम गाँव (जैसलमेर) |
0-5 सेमी |
वनस्पतिविहीन गतिशील बालुका स्तूप, चरम शुष्कता। |
| सर्वाधिक गर्म स्थान |
फलौदी |
51.0°C (सर्वकालिक रिकॉर्ड) |
मरुस्थलीय बालू का तीव्र तापन, शुष्क वायु संचरण। |
| सर्वाधिक ठंडा स्थान |
माउंट आबू (सिरोही) |
-1°C से -3°C |
सामान्य ताप ह्रास दर (प्रति 165 मी. पर 1°C कमी)। |
| मैदानी भागों में सबसे ठंडा स्थान |
फतेहपुर (सीकर) |
-3°C से -4.5°C |
रेतीली दोमट मृदा, वायु का अवतलन, तीव्र स्थलीय विकिरण। |
| सर्वाधिक वार्षिक तापांतर वाला जिला |
चूरू |
ग्रीष्म: 50°C, शीत: 0°C |
चरम महाद्वीपीयता, चूना पत्थर की अधोपरत, वनस्पति का अभाव। |
| सर्वाधिक दैनिक तापांतर वाला क्षेत्र |
जैसलमेर (पश्चिमी मरुस्थल) |
तापांतर: 20°C से 25°C |
क्वार्ट्ज बालू रेत की न्यून विशिष्ट ऊष्मा। |
| न्यूनतम वार्षिक तापांतर वाला क्षेत्र |
बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर |
सम जलवायु |
कर्क रेखा की निकटता तथा सागरीय वायुमंडलीय प्रभाव। |
| सर्वाधिक आँधियों वाला जिला |
श्रीगंगानगर |
औसतन 27 दिन/वर्ष |
तीव्र संवहनीय धाराएँ, उत्तरी अक्षांश। |
| न्यूनतम आँधियों वाला जिला |
झालावाड़ |
औसतन 3 दिन/वर्ष |
सघन वन आवरण, उच्च वातावरणीय आर्द्रता। |
| राज्य की औसत वार्षिक वर्षा |
सम्पूर्ण राजस्थान |
57.51 सेमी (575 मिमी) |
दक्षिण-पश्चिम मानसून (90-95%) एवं मावठ (5-10%) द्वारा। |
| राज्य में औसत वर्षा दिवस |
सम्पूर्ण राजस्थान |
29 दिन |
IMD मानक: ≥2.5 मिमी वर्षा वाला दिन। |
📖 21.2 जलवायु वर्गीकरण: कोड एवं प्रतिनिधि जिले
| वैज्ञानिक वर्गीकरण |
सांकेतिक कोड |
जलवायु का नाम |
प्रतिनिधि जिला |
प्रमुख विस्तार क्षेत्र |
| कोपेन |
BWhw |
उष्ण कटिबंधीय शुष्क मरुस्थलीय |
बीकानेर |
जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर, अनूपगढ़, प. बाड़मेर |
|
BShw |
अर्द्ध-शुष्क / स्टेपी तुल्य |
नागौर |
शेखावाटी, नागौर, पाली, जालौर (क्षेत्रफल में सबसे बड़ा) |
|
Cwg |
उप-आर्द्र / गंगा तुल्य मानसूनी |
टोंक |
जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर |
|
Aw |
उष्ण कटिबंधीय सवाना / आर्द्र |
डूंगरपुर |
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, माउंट आबू |
| थार्नथवेट |
EA'd |
उष्ण मरुस्थलीय अति-शुष्क |
जैसलमेर |
जैसलमेर, बाड़मेर, फलौदी, पश्चिमी बीकानेर |
|
DB'w |
मध्य तापीय अर्द्ध-शुष्क मिश्रित |
बीकानेर |
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू |
|
DA'w |
उष्ण कटिबंधीय अर्द्ध-शुष्क |
अजमेर |
अजमेर, जयपुर, पाली, सिरोही, भीलवाड़ा (सबसे बड़ा) |
|
CA'w |
उप-आर्द्र / उष्ण आर्द्र |
डूंगरपुर |
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, बारां |
| डॉ. ए.के. तिवारी |
— |
अति-शुष्क मरुस्थलीय (10-20 सेमी) |
जैसलमेर |
पश्चिमी सीमांत मरुस्थल |
|
— |
शुष्क मरुस्थलीय (20-30 सेमी) |
बीकानेर |
बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ |
|
— |
अर्द्ध-शुष्क प्रदेश (30-50 सेमी) |
नागौर |
शेखावाटी, लूनी बेसिन, जोधपुर |
|
— |
उप-आर्द्र प्रदेश (50-70 सेमी) |
जयपुर |
अरावली पर्वतमाला एवं पूर्वी मैदान |
|
— |
आर्द्र प्रदेश (70-100+ सेमी) |
झालावाड़ |
हाड़ौती का पठार एवं दक्षिणी वागड़ क्षेत्र |
📖 21.3 मृदा का वैज्ञानिक वर्गीकरण एवं रासायनिक तथ्य
USDA मृदा वर्गीकरण#
| वैज्ञानिक गण |
सामान्य / पारंपरिक नाम |
मुख्य विस्तार वाले जिले |
विशिष्ट भौतिक-रासायनिक विशेषताएँ |
| एंटीसोल्स |
पीली-भूरी रेतीली बालू मृदा |
पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) |
राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल। संस्तरविहीन, अत्यधिक पारगम्य, ह्यूमस न्यून। |
| एरिडीसोल्स |
शुष्क एवं सिरोजम (धूसर मरुस्थलीय) |
चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, पाली |
शुष्क जलवायु की मृदा; नीचे कैल्शियम कार्बोनेट की कंकड़ परत। |
| अल्फीसोल्स |
जलोढ़ / कछारी दोमट मृदा |
जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर |
राज्य की सर्वाधिक उपजाऊ मृदा। गेहूँ व सरसों हेतु उत्तम। |
| वर्टीसोल्स |
मध्यम काली / रेगुर मृदा |
कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़ |
क्ले (40-50%), मोंटमोरिलोनाइट, स्वतः जुताई गुण, कपास व सोयाबीन हेतु। |
| इन्सेप्टीसोल्स |
आर्द्र लाल-पीली एवं पर्वतीय मृदा |
सिरोही, पाली, उदयपुर, राजसमंद |
अरावली के ढलानों पर उथली, कंकरीली मृदा। |
मृदा के प्रमुख रासायनिक एवं सुधारात्मक तथ्य#
| तथ्य |
विवरण |
| तत्वों की स्थिति |
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं ह्यूमस की भारी कमी; पोटैशियम एवं कैल्शियम प्रचुर। |
| क्षारीय मृदा सुधार (pH > 8.5) |
जिप्सम, आयरन पाइराइट्स तथा हरी खाद ढैंचा। |
| अम्लीय मृदा सुधार (pH < 6.0) |
चूना पत्थर (CaCO₃)। |
| लवणीय मृदा सुधार (EC > 4) |
जल निकास एवं स्वच्छ मीठे पानी से निक्षालन। |
| मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना |
19 फरवरी 2015 को सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) से; ध्येय वाक्य: "स्वस्थ धरा, खेत हरा"। |
📖 21.4 मृदा अवनयन एवं प्रमुख पर्यावरणीय संकट
[वायु अपरदन] ──────────> पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर शीर्ष) ──> मरुस्थलीकरण
[अवनालिका अपरदन] ──────> चंबल बेसिन (सवाई माधोपुर, धौलपुर) ──> बीहड़ / उत्खात भूमि
[चादरी अपरदन] ─────────> अरावली ढलान (सिरोही शीर्ष) ──> उपजाऊ ऊपरी परत का ह्रास
['सैम' की समस्या] ─────> IGNP नहरी क्षेत्र (बड़ोपल गाँव) ──> जलभराव एवं दलदली लवणता
| तथ्य |
विवरण |
| मृदा की रेंगती हुई मृत्यु |
मृदा अपरदन को किसानों की मूक मृत्यु कहा जाता है। |
| अवनालिका अपरदन |
राज्य में सर्वाधिक जल अपरदन चंबल नदी द्वारा कोटा, सवाई माधोपुर, धौलपुर व करौली में बीहड़ों के रूप में। |
| चादरी अपरदन |
अरावली के खड़े ढलानों पर भारी वर्षा से मिट्टी की पतली चादर का बह जाना; सिरोही जिला सर्वाधिक प्रभावित। |
| 'सैम' आपदा |
अत्यधिक नहरी रिसाव और नीचे जिप्सम हार्डपैन के कारण भूजल का ऊपर आना; सर्वाधिक सैम-ग्रस्त गाँव बड़ोपल (हनुमानगढ़)। |
| डांग क्षेत्र |
डांग का राजा: धौलपुर। डांग की रानी: करौली। |
📖 21.5 राजस्थान के 10 कृषि-जलवायु खंड
| जोन कोड |
खंड का आधिकारिक नाम |
प्रमुख जिले |
प्रमुख सस्य पहचान |
| I A |
शुष्क पश्चिमी मैदानी खंड |
बाड़मेर, जोधपुर |
काजरी एवं आफरी संस्थान स्थित। बाजरा, मोठ, ग्वार। |
| I B |
सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान |
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ |
राज्य का सर्वाधिक सिंचित खंड। अमेरिकन कपास व किन्नू। |
| I C |
अति-शुष्क आंशिक सिंचित |
बीकानेर, जैसलमेर, चूरू |
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा खंड। मूँगफली। |
| II A |
अंतःप्रवाह अंतर्वर्ती खंड |
सीकर, झुंझुनूं, नागौर |
शेखावाटी खंड; दलहन एवं कसूरी मेथी। |
| II B |
लूनी बेसिन का संक्रांति मैदान |
जालौर, सांचौर, पाली, सिरोही |
गोडवाड़ प्रदेश; ईसबगोल, जीरा, सोजत की मेंहदी। |
| III A |
अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदान |
जयपुर, अजमेर, दौसा, टोंक |
कछारी मृदा; कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर स्थित। |
| III B |
बाढ़ संभाव्य पूर्वी मैदान |
अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली |
राज्य का सर्वाधिक सरसों उत्पादक खंड। सेवर संस्थान स्थित। |
| IV A |
उप-आद्र दक्षिणी मैदान |
भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ |
अरावली तलहटी; मक्का एवं अफ़ीम की खेती। |
| IV B |
आर्द्र दक्षिणी मैदानी खंड |
डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ |
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा खंड। मक्का व चावल। |
| V |
आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान |
कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़ |
राज्य का सर्वाधिक वर्षा वाला खंड। सोयाबीन, संतरा। |
📖 21.6 भारत में राजस्थान का कृषिगत स्थान एवं जीआई टैग
| फसल / कृषि उत्पाद |
देश में राजस्थान का स्थान |
प्रमुख उत्पादक संभाग / जिले |
| बाजरा |
प्रथम (~40-45%) |
बाड़मेर, जोधपुर, अलवर, जयपुर, नागौर |
| राई एवं सरसों |
प्रथम (~40-45%) |
भरतपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, टोंक, सवाई माधोपुर |
| कुल तिलहन |
प्रथम (~21-22%) |
सम्पूर्ण राजस्थान |
| पोषक अनाज / श्री अन्न |
प्रथम |
बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो |
| ग्वार गम / ग्वार बीज |
प्रथम (~70-75%) |
बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू |
| चना |
द्वितीय (म.प्र. के बाद) |
बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं |
| मूँगफली |
द्वितीय (गुजरात के बाद) |
बीकानेर (लूणकरणसर), जोधपुर, जयपुर ग्रामीण |
| सोयाबीन |
तृतीय (म.प्र., महाराष्ट्र के बाद) |
झालावाड़, बारां, कोटा, चित्तौड़गढ़ |
| कुल दलहन |
शीर्ष (1st/2nd) |
नागौर, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं |
विशिष्ट जीआई टैग कृषि उत्पाद#
| उत्पाद |
जिला |
विशेषता |
| सोजत की मेंहदी |
पाली |
प्राकृतिक गाढ़े लाल रंग और उच्च लॉसन सामग्री हेतु GI Tag प्राप्त। |
📖 21.7 प्रमुख अनुसंधान संस्थान एवं उत्कृष्टता केंद्र
| संस्थान / केंद्र का नाम |
अवस्थिति |
स्थापना वर्ष / एजेंसी |
प्रमुख कार्य |
| काजरी (CAZRI) |
जोधपुर |
1959 (ICAR) |
मरुस्थलीकरण नियंत्रण, रेत के टीलों का स्थिरीकरण, शुष्क कृषि। |
| आफरी (AFRI) |
जोधपुर |
1987 (ICFRE) |
वानिकी अनुसंधान, जैव विविधता संरक्षण। |
| डीआरएमआर (DRMR) |
सेवर (भरतपुर) |
20 अक्टूबर 1993 (ICAR) |
सरसों की उच्च उपज व रोग-रोधी किस्मों का विकास। |
| सीआईएएच (CIAH) |
बिछवाल (बीकानेर) |
1993/2000 (ICAR) |
बेर, खजूर, गोंदा, मतीरा पर शोध। |
| एनआरसीएसएस (NRCSS) |
तबीजी (अजमेर) |
2000 (ICAR) |
जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी पर शोध। |
| खजूर एवं बेर अनुसंधान केंद्र |
बीकानेर |
राज्य कृषि विश्वविद्यालय |
खजूर टिश्यू कल्चर एवं बेर की किस्में। |
| मक्का एवं चावल अनुसंधान केंद्र |
बांसवाड़ा |
MPUAT |
'माही कंचन' (मक्का) तथा 'माही सुगंधा' (चावल)। |
| ज्वार अनुसंधान केंद्र |
वल्लभनगर (उदयपुर) |
MPUAT |
ज्वार की संकर किस्में। |
| ईसबगोल अनुसंधान केंद्र |
मंडोर (जोधपुर) |
कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर |
ईसबगोल की उन्नत किस्में (RI-89)। |
📖 21.8 कन्फ्यूजन निवारण: परीक्षोपयोगी सूक्ष्म अंतर
1. स्थान बनाम जिला (वर्षा एवं तापमान के जाल)#
| जाल |
सही उत्तर |
| सर्वाधिक वर्षा वाला जिला |
झालावाड़ (100 सेमी) |
| सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान |
माउंट आबू (150 सेमी) |
| न्यूनतम वर्षा वाला जिला |
जैसलमेर (10 सेमी) |
| न्यूनतम वर्षा वाला स्थान |
सम गाँव (0-5 सेमी) |
| सर्वाधिक गर्म स्थान |
फलौदी (51°C) |
| सर्वाधिक वार्षिक तापांतर वाला जिला |
चूरू |
2. माही किस्मों का जाल#
| किस्म |
फसल |
| माही कंचन एवं माही धवल |
मक्का |
| माही सुगंधा |
चावल (धान) |
3. वालरा का जाल (स्थानांतरित कृषि)#
| रूप |
विवरण |
| चिमाता |
भील जनजाति द्वारा पहाड़ी ढालों पर झूमिंग खेती। |
| दजिया |
मैदानी वनों को साफ करके खेती। |
4. कपास मृदा विरोधाभास#
| पहलू |
विवरण |
| कपास हेतु सर्वश्रेष्ठ मिट्टी |
मध्यम काली (वर्टीसोल्स - हाड़ौती) |
| सर्वाधिक वास्तविक कपास उत्पादन |
श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ (कछारी दोमट व नहरी सिंचाई) |
5. बाजरा: क्षेत्रफल बनाम उत्पादन#
| पहलू |
जिला |
| बाजरे का सर्वाधिक बोया गया क्षेत्रफल |
बाड़मेर |
| बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन |
सामान्यतः अलवर या जयपुर |
6. सफेद सोना बनाम काला सोना#
| शब्द |
फसल |
| कृषि में 'सफेद सोना' |
कपास (बणिया) |
| कृषि में 'काला सोना' |
अफ़ीम (अमल) |
7. मावठ का उत्पत्ति स्रोत#
| पहलू |
विवरण |
| पश्चिमी विक्षोभों की उत्पत्ति |
भूमध्य सागर |
| भारत लाने वाली ऊपरी वायुमंडलीय पवन |
उपोष्ण पछुवा जेट स्ट्रीम |
8. खड़ीन प्रणाली#
| पहलू |
विवरण |
| आविष्कार |
15वीं शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा |
| प्रकार |
पारंपरिक जल संचयन एवं रबी बारानी कृषि पद्धति |
परीक्षा पुनरावृत्ति#
सर्वाधिक वर्षा वाला जिला: झालावाड़ (100 सेमी, 40 दिन) -> सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान: माउंट आबू (150 सेमी, 48 दिन) -> न्यूनतम वर्षा: जैसलमेर जिला (10 सेमी), सम गाँव (0-5 सेमी) -> सबसे गर्म स्थान: फलौदी (51.0°C सर्वकालिक रिकॉर्ड) -> सबसे ठंडा स्थान: माउंट आबू (-1°C से -3°C) -> मैदानी भागों में सबसे ठंडा: फतेहपुर सीकर (-3°C से -4.5°C) -> सर्वाधिक वार्षिक तापांतर: चूरू -> सर्वाधिक दैनिक तापांतर: जैसलमेर (20-25°C) -> न्यूनतम वार्षिक तापांतर: बांसवाड़ा व डूंगरपुर -> सर्वाधिक आँधियाँ: श्रीगंगानगर (27 दिन) -> न्यूनतम आँधियाँ: झालावाड़ (3 दिन) -> राज्य की औसत वर्षा: 57.51 सेमी (575 मिमी, 29 दिन) -> कोपेन कोड: BWhw (बीकानेर), BShw (नागौर - सर्वाधिक क्षेत्र), Cwg (टोंक), Aw (डूंगरपुर) -> थार्नथवेट कोड: EA'd (जैसलमेर), DB'w (बीकानेर), DA'w (अजमेर - सबसे बड़ा), CA'w (डूंगरपुर) -> त्रिवार्था: BWh (जैसलमेर), BSh (जालौर), Caw (जयपुर), Aw (बांसवाड़ा) -> USDA मृदा वर्गीकरण: एंटीसोल्स (सर्वाधिक क्षेत्र, रेतीली/अक्षेत्रीय), एरिडीसोल्स (धूसर मरुस्थलीय), अल्फीसोल्स (जलोढ़/कछारी - सर्वाधिक उपजाऊ), वर्टीसोल्स (हाड़ौती काली - स्वतः जुताई, मॉन्टमोरिलोनाइट), इन्सेप्टीसोल्स (अरावली ढलानी) -> मृदा सुधार: क्षारीय मृदा (जिप्सम, पाइराइट्स, ढैंचा), अम्लीय मृदा (चूना), लवणीय मृदा (निक्षालन/लीचिंग) -> मृदा स्वास्थ्य कार्ड: 19 फरवरी 2015 (सूरतगढ़ श्रीगंगानगर, 'स्वस्थ धरा, खेत हरा', 12 प्राचल) -> अपरदन संकट: वायु अपरदन (जैसलमेर शीर्ष), अवनालिका अपरदन/बीहड़ (चंबल बेसिन), चादरी अपरदन (सिरोही शीर्ष), सैम समस्या (बड़ोपल हनुमानगढ़, उपाय: सफेदा बायो-ड्रेनेज) -> डांग क्षेत्र: राजा धौलपुर, रानी करौली -> 10 कृषि-जलवायु खंड: सबसे बड़ा (I C - अति-शुष्क आंशिक सिंचित), सबसे छोटा (IV B - आर्द्र दक्षिणी मैदान), सर्वाधिक सिंचित (I B), सर्वाधिक सरसों (III B), सर्वाधिक वर्षा (V) -> राष्ट्रीय प्रथम स्थान: बाजरा, राई-सरसों, कुल तिलहन, श्रीअन्न/पोषक अनाज, ग्वार गम -> द्वितीय स्थान: चना (म.प्र. बाद), मूँगफली (गुजरात बाद) -> विशिष्ट जीआई टैग: सोजत की मेंहदी (पाली) -> प्रमुख संस्थान: काजरी (जोधपुर, 1959), आफरी (जोधपुर, 1987), डीआरएमआर (सेवर भरतपुर, 20 अक्टूबर 1993), सीआईएएच (बिछवाल बीकानेर), एनआरसीएसएस (तबीजी अजमेर, 2000) -> प्रमुख किस्में: मक्का (माही कंचन, माही धवल), चावल (माही सुगंधा) -> कृषि उपनाम: सफेद सोना (कपास), काला सोना (अफ़ीम) -> खड़ीन: 15वीं सदी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा
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