राजस्थान के वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य (Wildlife, National Parks and Sanctuaries of Rajasthan)
1. विधिक एवं संस्थागत ढांचा (Legal and Institutional Framework)
1.1 वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं राजस्थान में इसका प्रवर्तन
भारत में वन्यजीवों, पक्षियों और पौधों की सुरक्षा के लिए संसद द्वारा **वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (Wild Life Protection Act, 1972)** पारित किया गया, जिसे राजस्थान में **1 सितंबर 1973** से लागू किया गया।अधिनियम के प्रमुख संशोधन एवं अनुसूचियों का वर्गीकरण:
- **2022 का ऐतिहासिक संशोधन (प्रभावी 1 अप्रैल 2023):** इसके तहत पूर्ववर्ती 6 अनुसूचियों को युक्तिसंगत बनाकर **4 अनुसूचियों** में समाहित किया गया: 1. **अनुसूची-I (Schedule-I):** सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त प्रजातियाँ (जैसे बाघ, पैंथर, गोडावण, चिंकारा, कृष्णमृग, घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन)। इनके शिकार या अवैध व्यापार पर न्यूनतम 3 से 7 वर्ष का कठोर कारावास और ₹25,000 से ₹1,00,000 तक का जुर्माना। 2. **अनुसूची-II (Schedule-II):** सामान्य वन्यजीव प्रजातियाँ जिन्हें उच्च संरक्षण प्राप्त है। 3. **अनुसूची-III (Schedule-III):** संरक्षित पादप प्रजातियाँ (Protected Plant Species - जैसे लेडीज स्लीपर ऑर्किड, पिचर प्लांट, साइकस)। 4. **अनुसूची-IV (Schedule-IV):** CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora) के परिशिष्टों में सूचीबद्ध संकटापन्न प्रजातियाँ। - *वर्मिन (Vermin) की पुरानी अनुसूची-V को समाप्त कर दिया गया; अब केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा किसी प्रजाति को विशिष्ट अवधि के लिए वर्मिन घोषित कर सकती है।*राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थागत ढांचा:
- **राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife - NBWL):** प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कार्य करता है। - **राज्य वन्यजीव बोर्ड (State Board for Wildlife - SBWL):** राजस्थान के **मुख्यमंत्री की अध्यक्षता** में गठित होता है। राज्य में किसी भी अभयारण्य की सीमा में परिवर्तन, वन भूमि का गैर-वानिकी उपयोग या नई परियोजना की स्वीकृति हेतु SBWL की अनुशंसा अनिवार्य है। - **राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority - NTCA):** 2006 के संशोधन द्वारा गठित वैधानिक निकाय, जो भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के संचालन और नए टाइगर रिजर्व की अंतिम अधिसूचना को मंजूरी देता है। - **केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority - CZA):** राज्य के जंतुआलयों (Zoos) और जैविक उद्यानों (Biological Parks) का नियमन करता है।2. संरक्षित क्षेत्रों का श्रेणीवार वर्गीकरण एवं अंतर (Classification of Protected Areas)
वन्यजीव अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्रों को उनके संरक्षण स्तर, मानवीय हस्तक्षेप और स्वामित्व के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
| श्रेणी (Category) | घोषित करने वाला प्राधिकार | मानवीय अधिकार एवं हस्तक्षेप | चराई व वनोपज संग्रहण | सीमा में परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|
| 1. राष्ट्रीय उद्यान (National Park) | राज्य सरकार (धारा 35) | शून्य मानवीय अधिकार; किसी भी प्रकार के निजी अधिकार, अधिवास या भूमि पट्टे की अनुमति नहीं होती। | पूर्णतः प्रतिबंधित | केवल राज्य विधानमंडल के प्रस्ताव और NBWL की पूर्व अनुमति से। |
| 2. वन्यजीव अभयारण्य (Sanctuary) | राज्य सरकार (धारा 26A/38) | मुख्य वन्यजीव वार्डन (CWLW) की अनुमति से कुछ सीमित पारंपरिक अधिकार (जैसे मार्ग, निजी भूखंड) जारी रह सकते हैं। | सीमित एवं नियंत्रित पशु चराई की अनुमति दी जा सकती है। | NBWL और सर्वोच्च न्यायालय की अधिकार प्राप्त समिति की मंजूरी से। |
| 3. संरक्षण रिजर्व (Conservation Reserve) | राज्य सरकार (धारा 36A) | सरकारी स्वामित्व वाली भूमि; स्थानीय समुदाय के अधिकारों पर प्रतिबंध नहीं; बफर जोन व गलियारों का संरक्षण। | स्थानीय ग्राम पंचायतों/सामुदायिक परामर्श से नियमित। | राज्य सरकार द्वारा SBWL के परामर्श से। |
| 4. सामुदायिक रिजर्व (Community Reserve) | राज्य सरकार (धारा 36C) | निजी या सामुदायिक भूमि पर समुदाय द्वारा स्वेच्छा से वन्यजीव संरक्षण हेतु घोषित क्षेत्र। | समुदाय के पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रबंधित। | सामुदायिक समिति के परामर्श से। |
3. राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks of Rajasthan)
राजस्थान में वर्तमान में 3 अधिसूचित राष्ट्रीय उद्यान हैं:
┌────────────────────────────────────────────────────────┐
│ राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) │
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│ 1. रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान│ • 1 नवम्बर 1980 (392 वर्ग किमी)│
│ 2. केवलादेव घाना रा. उद्यान │ • 27 अगस्त 1981 (28.73 वर्ग किमी)│
│ 3. मुकुंदरा हिल्स रा.उद्यान │ • 9 जनवरी 2012 (199.55 वर्ग किमी)│
└────────────────────────────┴───────────────────────────┘
3.1 रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (Ranthambhore National Park)
- **जिला:** सवाई माधोपुर (विस्तार करौली सीमा तक)। - **इतिहास:** 1955 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित; 1973 में भारत के पहले 9 'टाइगर प्रोजेक्ट' में शामिल; **1 नवम्बर 1980** को राजस्थान का **प्रथम राष्ट्रीय उद्यान** अधिसूचित। - **भौगोलिक विशेषताएं:** अरावली और विंध्याचल पर्वतमालाओं का संगम; बनास नदी उत्तर में तथा चंबल नदी दक्षिण में बहती है। - **प्रमुख जल स्रोत:** पदम तालाब, राजबाग झील, मलिक तालाब। ऐतिहासिक 10वीं सदी का रणथंभौर दुर्ग और त्रिनेत्र गणेश मंदिर उद्यान के भीतर स्थित हैं। - **वनस्पति एवं वन्यजीव:** मुख्य वनस्पति **धौंक (Anogeissus pendula)**; प्रमुख वन्यजीव: रॉयल बंगाल टाइगर (बाघों का घर / 'Land of Tigers'), पैंथर, सांभर, चीतल, मगरमच्छ, रीछ। विश्व प्रसिद्ध बाघिन 'मछली' (T-16, 'क्वीन ऑफ रणथंभौर') इसी उद्यान की पहचान थी।3.2 केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo Ghana National Park)
- **जिला:** भरतपुर। - **उपनाम:** पक्षियों का स्वर्ग (Bird Paradise)। - **इतिहास:** पूर्व में भरतपुर रियासत के महाराजाओं की बत्तख शिकारगाह; 1956 में पक्षी अभयारण्य घोषित; **27 अगस्त 1981** को राष्ट्रीय उद्यान अधिसूचित। - **अंतरराष्ट्रीय दर्जा:** - **1981:** राजस्थान का **प्रथम रामसर स्थल (Ramsar Wetland Site)** घोषित। - **1985:** यूनेस्को (UNESCO) की **विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल (World Natural Heritage Site)** सूची में शामिल। - **1990:** पारिस्थितिकीय संकट के कारण **मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record)** में सूचीबद्ध। - **जल आपूर्ति:** बाणगंगा और गंभीर नदी के संगम पर स्थित; मुख्य जल आपूर्ति **अजान बांध** तथा वर्तमान में गोवर्धन ड्रेन व चंबल-धौलपुर-भरतपुर पाइपलाइन से होती है। - **प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी:** साइबेरियन क्रेन (Siberian Crane - Grus leucogeranus), जो शीत ऋतु में साइबेरिया से हजारों किमी उड़कर यहाँ आता था; चकवा-चकवी, कलहंस, पेलिकन। डॉ. सलीम अली (प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी) की कर्मस्थली।3.3 मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (Mukundra Hills National Park)
- **जिले:** कोटा, झालावाड़, बूंदी और चित्तौड़गढ़ (रावतभाटा)। - **इतिहास:** पूर्व नाम 'दर्रा अभयारण्य' (1955); 2003 में राजीव गांधी नेशनल पार्क नाम रखा गया; 2006 में वसुंधरा राजे सरकार ने 'मुकुंदरा हिल्स' नाम दिया; **9 जनवरी 2012** को राज्य का **तीसरा राष्ट्रीय उद्यान** अधिसूचित। - **प्रमुख नदियाँ:** चंबल, आहू, कालीसिंध और अमझर नदियाँ। - **सांस्कृतिक धरोहर:** गुप्तकालीन बाड़ोली के शिव मंदिर, अबली मीणी का महल (मुकुंद सिंह हाड़ा द्वारा निर्मित) तथा गागरोन दुर्ग की सीमाएं इसके समीप हैं। दुर्लभ गागरोनी तोता (हिरामन तोता - Alexandrine Parakeet) यहाँ पाया जाता है।4. राजस्थान के टाइगर रिजर्व (Tiger Reserves of Rajasthan)
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अधिनियम के तहत राजस्थान में वर्तमान में 5 अधिसूचित टाइगर रिजर्व हैं:
| क्र.सं. | टाइगर रिजर्व का नाम | अधिसूचना वर्ष | शामिल जिले | कोर क्षेत्र एवं मुख्य विशेषताएं |
|---|---|---|---|---|
| 1. | रणथंभौर टाइगर रिजर्व | 1973 (प्रथम) | सवाई माधोपुर, करौली | भारत के मूल 9 टाइगर प्रोजेक्ट्स में शामिल; विश्व प्रसिद्ध बाघ प्रजनन केंद्र। |
| 2. | सरिस्का टाइगर रिजर्व | 1978 (द्वितीय) | अलवर | 2004-05 में शिकार के कारण शून्य बाघ; 28 जून 2008 को रणथंभौर से हेलीकॉप्टर द्वारा बाघ (ST-1) का भारत का पहला एयरलिफ्ट पुनर्वास। |
| 3. | मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व | 9 अप्रैल 2013 (तृतीय) | कोटा, झालावाड़, बूंदी, चित्तौड़गढ़ | दर्रा, जवाहर सागर और चंबल घड़ियाल अभयारण्य के हिस्सों को मिलाकर गठित। |
| 4. | रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व | 16 मई 2022 (चतुर्थ) | बूंदी, भीलवाड़ा, कोटा | देश का 52वां और राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व; रणथंभौर और मुकुंदरा के मध्य प्राकृतिक कॉरिडोर; मेज नदी का प्रवाह क्षेत्र। |
| 5. | धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व | अगस्त 2023 (पंचम) | धौलपुर, करौली | देश का 54वां और राज्य का 5वां टाइगर रिजर्व; चंबल बीहड़ों में बाघों की सुरक्षित शरणस्थली। |
प्रस्तावित 6ठा टाइगर रिजर्व: कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व (राजसमंद, उदयपुर, पाली).
5. राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य (Wild Life Sanctuaries Master Matrix)
राजस्थान में कुल 27 वन्यजीव अभयारण्य हैं। प्रमुख अभयारण्यों का विस्तृत विवरण:
| अभयारण्य का नाम | जिला | स्थापना वर्ष | प्रमुख वन्यजीव एवं विशिष्ट आकर्षण |
|---|---|---|---|
| मरु राष्ट्रीय उद्यान (Desert National Park) | जैसलमेर एवं बाड़मेर | 1981 | राजस्थान का सबसे बड़ा अभयारण्य (3,162 वर्ग किमी: जैसलमेर 1900 + बाड़मेर 1262); नाम में 'राष्ट्रीय उद्यान' होने के बावजूद विधिक दर्जा केवल अभयारण्य का है; गोडावण (Great Indian Bustard) का मुख्य आवास; आकल वुड फॉसिल पार्क (18 करोड़ वर्ष पुराने जुरासिक जीवाश्म); पीवणा सांप। |
| सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य | अलवर | 1955 | 'हरे कबूतरों' (Yellow-footed Green Pigeon) के लिए प्रसिद्ध; क्रास्का एवं कंकनवाड़ी पठार; नीलकंठ महादेव मंदिर व भर्तृहरि तपोभूमि। |
| सीता माता अभयारण्य | प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर | 1979 | उड़न गिलहरी (Flying Squirrel - Petaurista philippensis) का स्वर्ग; 'महुआ' के वृक्षों पर वास; सागवान व बांस के सघन वन; जाखम बांध; लव-कुश शीतल व गर्म जल के झरने; 'चौसिंगा' (Four-horned Antelope / स्थानीय नाम 'भेंडल')। |
| ताल छापर अभयारण्य | चूरू (सुजानगढ़) | 1971 | कृष्णमृग (Blackbuck) एवं प्रवासी पक्षी 'कुरंजां' (Demoiselle Crane) की शरणस्थली; 'मोबिया' (Cyperus rotundus) नामक पौष्टिक मुलायम घास; द्रोणाचार्य की तपोभूमि (गोपालपुरा)। |
| राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य | कोटा, बूंदी, स.माधोपुर, करौली, धौलपुर | 1979 | भारत का एकमात्र त्रिकोणीय अंतरराज्यीय नदीय अभयारण्य (राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की संयुक्त परियोजना); घड़ियाल (Gavialis gangeticus), मगरमच्छ और विलुप्तप्राय गांगेय सूंस (Gangetic Dolphin) का संरक्षण। |
| माउंट आबू अभयारण्य | सिरोही | 1960 | राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय अभयारण्य; जंगली मुर्गों (Grey Junglefowl) के लिए प्रसिद्ध; 'डिकिल्पटेरा आबूएंसिस' (विलक्षण वनस्पति); गुरु शिखर पर्वत। |
| कुंभलगढ़ अभयारण्य | राजसमंद, उदयपुर, पाली | 1971 | भारतीय भेड़ियों (Indian Wolf) की प्रमुख प्रजनन स्थली; चौसिंगा हिरण; रणकपुर जैन मंदिर इसी अभयारण्य में स्थित हैं। |
| फुलवारी की नाल अभयारण्य | उदयपुर | 1983 | सोम, मानसी एवं वाकल नदियों का उद्गम स्थल; आदिवासी बाहुल्य; राज्य का पहला ह्यूमन एनाटॉमी पार्क। |
| जयसमंद अभयारण्य | सलूम्बर (उदयपुर) | 1957 | "जलचरों की बस्ती" कहा जाता है; ढेबर झील के किनारे; बघेरा और चीतल। |
| रामगढ़ विषधारी अभयारण्य | बूंदी | 1982 | बाघों का जच्चा-गृह (प्रजनन स्थल); वर्तमान में टाइगर रिजर्व घोषित; विषैले सर्पों की विविधता। |
| कैलादेवी अभयारण्य | करौली, सवाई माधोपुर | 1983 | धोक वनों का आच्छादन; करौली डांग क्षेत्र; चंबल व बनास नदियों के मध्य बफर। |
| बस्सी अभयारण्य | चित्तौड़गढ़ | 1988 | ओराई और बामनी नदियों का उद्गम स्थल; बस्सी बांध। |
| भैंसरोडगढ़ अभयारण्य | चित्तौड़गढ़ (रावतभाटा) | 1983 | चंबल और बामनी नदियों के संगम पर स्थित; घड़ियाल व मगरमच्छ। |
| शेरगढ़ अभयारण्य | बारां | 1983 | "सांपों की शरणस्थली"; परवन नदी के तट पर ऐतिहासिक शेरगढ़ दुर्ग। |
| टॉडगढ़ रावली अभयारण्य | ब्यावर, राजसमंद, पाली | 1983 | अजमेर-मेवाड़-मारवाड़ का त्रिकोण; अरावली के सघन वन; गौरम घाट दर्शनीय स्थल। |
| बंध बारेठा अभयारण्य | भरतपुर | 1985 | कुकुंद नदी पर बने बांध के निकट; पक्षियों की विविधता के कारण 'परिंदों का घर'। |
| नहारगढ़ अभयारण्य | जयपुर | 1980 | देश का दूसरा तथा राजस्थान का पहला बायोलॉजिकल पार्क (जैविक उद्यान) एवं लायन सफारी। |
| सज्जनगढ़ अभयारण्य | उदयपुर | 1987 | राजस्थान का दूसरा सबसे छोटा अभयारण्य (5.19 वर्ग किमी); सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क। |
| सरिस्का 'अ' अभयारण्य | अलवर | 2012 | राजस्थान का सबसे छोटा अभयारण्य (मात्र 3.01 वर्ग किमी); सरिस्का के कोर-1 से काटकर अलग बनाया गया। |
| जवाहर सागर अभयारण्य | कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ | 1975 | चंबल नदी के किनारे; जलीय जीवों व घड़ियालों का संरक्षण। |
| सवाई मानसिंह अभयारण्य | सवाई माधोपुर | 1984 | रणथंभौर का निकटवर्ती बफर जोन। |
| रामसागर, वन विहार, केसरबाग | धौलपुर | 1955 | धौलपुर के तीनों ऐतिहासिक रियासती अभयारण्य। |
6. राजस्थान के संरक्षण रिजर्व (Conservation Reserves Master List)
राजस्थान में जैव विविधता के गलियारों को सुरक्षित रखने हेतु 36 से अधिक संरक्षण रिजर्व अधिसूचित किए जा चुके हैं। प्रमुख नवीनतम एवं ऐतिहासिक संरक्षण रिजर्व:
- बीसलपुर संरक्षण रिजर्व (टोंक): राज्य का प्रथम संरक्षण रिजर्व (2008)।
- जोहड़बीड़ गाढ़ेवाला (बीकानेर): गिद्धों (Vultures) एवं मरुस्थलीय लोमड़ी का संरक्षण; ऊंट अनुसंधान केंद्र के समीप।
- सुंधा माता (जालोर व सिरोही): राज्य का पहला भालू (Sloth Bear) संरक्षण रिजर्व (2008); सुंधा माता पर्वत।
- गुढ़ा विश्नोइयां (जोधपुर): चिंकारा व कृष्णमृग संरक्षण; विश्नोई समाज की रक्षा परंपरा।
- रोटू एवं गोगेलाव (नागौर): कृष्णमृग एवं चिंकारा के लिए प्रसिद्ध। रोटू राज्य का सबसे छोटा संरक्षण रिजर्व (0.72 वर्ग किमी) है।
- उम्मेदगंज पक्षी विहार (कोटा): हाड़ौती का प्रमुख पक्षी संरक्षण क्षेत्र।
- शाकंभरी (सीकर व झुंझुनूं): अरावली पर्वतमाला की वनस्पति का संरक्षण।
- बीड़ झुंझुनूं (झुंझुनूं): शेखावाटी के खुले चरागाह व नीलगाय/लोमड़ी संरक्षण।
- बांसियाल खेतड़ी एवं खेतड़ी बागोर (झुंझुनूं): लेपर्ड कॉरिडोर।
- जवाई बांध लेपर्ड कंजरवेशन रिजर्व-I व II (पाली): विश्व प्रसिद्ध तेंदुआ (Leopard) सफारी स्थल; ग्रेनाइट की पहाड़ियों में मानव-तेंदुआ सह-अस्तित्व।
- मनसा माता (झुंझुनूं): अरावली का संरक्षित वन क्षेत्र।
- शाहबाद के जंगल एवं शाहबाद तलहटी (बारां): हाड़ौती का सघन वन क्षेत्र; 15वां व 17वां रिजर्व।
- रणखार (सांचौर/जालोर): राज्य का 16वां संरक्षण रिजर्व (2022); जंगली गधों (Wild Ass / खुर) के संरक्षण हेतु प्रसिद्ध।
- बीड़ घास फुलिया खुर्द (भीलवाड़ा): 18वां रिजर्व (2022); पक्षी एवं चरागाह संरक्षण।
- बाघदड़ा क्रोकोडाइल (उदयपुर): 19वां रिजर्व (2022); मगरमच्छ संरक्षण स्थल।
- वाडाखेड़ा (सिरोही): 20वां रिजर्व (2022)।
- खीचन संरक्षण रिजर्व (फलौदी): राज्य का प्रथम कुरंजां (Demoiselle Crane) संरक्षण रिजर्व (2023); शीतकालीन प्रवासी पक्षी।
- सोरसन संरक्षण रिजर्व (बारां): गोडावण, कृष्णमृग एवं प्रवासी पक्षियों का संरक्षण।
- हमीरगढ़ (भीलवाड़ा): वन क्षेत्र संरक्षण।
7. वन्यजीव संरक्षण परियोजनाएँ एवं राज्य प्रतीक
7.1 विशिष्ट प्रजाति संरक्षण परियोजनाएँ
1. **प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger):** 1 अप्रैल 1973 से प्रारंभ। राजस्थान के 5 टाइगर रिजर्व इसमें शामिल हैं। 2. **प्रोजेक्ट गोडावण (Project Great Indian Bustard):** - गोडावण (Ardeotis nigriceps) राजस्थान का **राज्य पक्षी (घोषित: 21 मई 1981)** है। - उपनाम: सोहन चिड़ी, हुकना, गुदनमेर, माल मोरड़ी; अंग्रेजी में 'Great Indian Bustard'। - IUCN रेड लिस्ट में स्थिति: **गंभीर रूप से संकटापन्न (Critically Endangered - CR)**। - 5 जून 2013 को राष्ट्रीय मरु उद्यान में राजस्थान सरकार द्वारा **'प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड'** शुरू करने वाला राजस्थान देश का प्रथम राज्य बना। - कृत्रिम प्रजनन केंद्र (Captive Breeding Centres): **सैम (जैसलमेर)** तथा **रामदेवरा (जैसलमेर)** में भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के सहयोग से स्थापित किए गए हैं, जहाँ कृत्रिम गर्भाधान द्वारा अंडों से चूजे सफलतापूर्वक विकसित किए गए हैं। 3. **प्रोजेक्ट लेपर्ड (Project Leopard):** राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसने 2017 में तेंदुओं के संरक्षण हेतु 'प्रोजेक्ट लेपर्ड' शुरू किया (झालाना जयपुर, जवाई पाली, आमागढ़ जयपुर)। 4. **घड़ियाल संरक्षण परियोजना:** राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में प्रजनन व संरक्षण।7.2 राजस्थान के राज्य प्रतीक (State Symbols)
- **राज्य पशु (वन्यजीव श्रेणी):** **चिंकारा (Gazella bennettii)** - 22 मई 1981 को घोषित; छोटा हिरण, एंटेलोप प्रजाति। - **राज्य पशु (पशुधन श्रेणी):** **ऊंट (Camelus dromedarius)** - 30 जून 2014 को घोषणा, 19 सितंबर 2014 को औपचारिक अधिसूचना। - **राज्य पक्षी:** **गोडावण (Ardeotis nigriceps)** - 21 मई 1981 को घोषित। - **राज्य वृक्ष:** **खेजड़ी (Prosopis cineraria)** - 31 अक्टूबर 1983 को घोषित; शमी, जांटी, पेमे। - **राज्य पुष्प:** **रोहिड़ा (Tecomella undulata)** - 31 अक्टूबर 1983 को घोषित; मरुशोभा, मरुस्थल का सागवान।8. राजस्थान के जैविक उद्यान, जंतुआलय एवं मृगवन
8.1 जैविक उद्यान (Biological Parks)
राजस्थान में आधुनिक इन-सीटू एवं एक्स-सीटू संरक्षण हेतु 5 प्रमुख बायोलॉजिकल पार्क विकसित किए गए हैं: 1. **सज्जनगढ़ जैविक उद्यान (उदयपुर):** राज्य का प्रथम उद्घाटित बायोलॉजिकल पार्क (12 अप्रैल 2015)। 2. **नाहरगढ़ जैविक उद्यान (जयपुर):** राज्य का सबसे बड़ा जैविक उद्यान (4 जून 2016 को लोकार्पित); लायन सफारी व हाथी गांव। 3. **माचिया सफारी जैविक उद्यान (जोधपुर):** 20 जनवरी 2016 को लोकार्पित; कायलाना झील के समीप। 4. **अभेडा जैविक उद्यान (कोटा):** चंबल नदी के किनारे; 18 दिसंबर 2021 को लोकार्पित। 5. **मरुधरा जैविक उद्यान (बीकानेर):** बीछवाल, बीकानेर में निर्माणाधीन।8.2 जंतुआलय (Zoos)
राजस्थान में कुल **5 ऐतिहासिक जंतुआलय** स्थापित किए गए: - **जयपुर जंतुआलय (1876):** महाराजा रामसिंह द्वितीय द्वारा रामनिवास बाग में स्थापित; राज्य का प्रथम व सबसे बड़ा चिड़ियाघर; घड़ियाल व बाघ प्रजनन में अग्रणी। - **उदयपुर जंतुआलय (1878):** गुलाब बाग में स्थापित (वर्तमान में सज्जनगढ़ पार्क में स्थानांतरित)। - **बीकानेर जंतुआलय (1922):** महाराजा गंगासिंह द्वारा स्थापित। - **जोधपुर जंतुआलय (1936):** उम्मेद उद्यान में स्थापित; गोडावण के कृत्रिम प्रजनन में प्रथम सफलता यहीं मिली थी। - **कोटा जंतुआलय (1954):** राज्य का सबसे नवीन चिड़ियाघर।8.3 मृगवन (Deer Parks)
राजस्थान में वन्यजीवों के प्रति जनचेतना और शाकाहारी जीवों के संवर्धन हेतु **7 मृगवन** स्थापित हैं: 1. अशोक विहार मृगवन (जयपुर) 2. संजय उद्यान मृगवन (शाहपुरा, जयपुर) 3. माचिया सफारी मृगवन (जोधपुर) 4. खेजड़ली मृगवन (खेजड़ली, जोधपुर - 1730 के शहीदों की स्मृति में) 5. चित्तौड़गढ़ मृगवन (चित्तौड़ दुर्ग) 6. पुष्कर मृगवन / पंचकुंड (अजमेर) 7. सज्जनगढ़ मृगवन (उदयपुर)9. राजस्थान के सभी 33 मूल जिलों के वन्यजीव शुभंकर (District Mascots)
वन विभाग राजस्थान द्वारा जनसाधारण में वन्यजीव संरक्षण की भावना जाग्रत करने हेतु 2016 में प्रत्येक जिले के लिए एक विशिष्ट वन्यजीव 'शुभंकर' (Mascot) घोषित किया गया:
| क्र.सं. | जिला | घोषित वन्यजीव शुभंकर (Mascot) | क्र.सं. | जिला | घोषित वन्यजीव शुभंकर (Mascot) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अजमेर | खड़मोर (Lesser Florican) | 18 | झालावाड़ | गागरोनी तोता (Alexandrine Parakeet) |
| 2 | अलवर | सांभर (Sambar Deer) | 19 | झुंझुनूं | काला तीतर (Black Francolin) |
| 3 | बांसवाड़ा | जल पीपी (Bronze-winged Jacana) | 20 | जोधपुर | कुरंजां (Demoiselle Crane) |
| 4 | बारां | मगरमच्छ (Marsh Crocodile) | 21 | करौली | घड़ियाल (Gharial) |
| 5 | बाड़मेर | मरु लोमड़ी (Desert Fox) | 22 | कोटा | ऊदबिलाव (Smooth-coated Otter) |
| 6 | भरतपुर | सारस क्रेन (Sarus Crane) | 23 | नागौर | राजहंस (Greater Flamingo) |
| 7 | भीलवाड़ा | मोर (Indian Peafowl) | 24 | पाली | तेंदुआ / लेपर्ड (Leopard) |
| 8 | बीकानेर | भट तीतर / रेत का तीतर (Sandgrouse) | 25 | प्रतापगढ़ | उड़न गिलहरी (Flying Squirrel) |
| 9 | बूंदी | सुर्खाब (Ruddy Shelduck) | 26 | राजसमंद | भेड़िया (Indian Wolf) |
| 10 | चित्तौड़गढ़ | चौसिंगा / भेंडल (Four-horned Antelope) | 27 | सवाई माधोपुर | बाघ (Royal Bengal Tiger) |
| 11 | चूरू | कृष्णमृग (Blackbuck) | 28 | सीकर | शाहीन (Shaheen Falcon) |
| 12 | दौसा | खरगोश (Hare / Rabbit) | 29 | सिरोही | जंगली मुर्गा (Grey Junglefowl) |
| 13 | धौलपुर | पंछीरा / इंडियन स्किमर (Indian Skimmer) | 30 | श्रीगंगानगर | चिंकारा (Chinkara) |
| 14 | डूंगरपुर | जांघिल (Painted Stork) | 31 | टोंक | हंस (Swan) |
| 15 | हनुमानगढ़ | छोटा किलकिला (Common Kingfisher) | 32 | उदयपुर | कब्र बिज्जू (Honey Badger / Ratel) |
| 16 | जैसलमेर | गोडावण (Great Indian Bustard) | 33 | जालोर | भालू (Sloth Bear) |
| 17 | जयपुर | चीतल (Spotted Deer) | - | - | - |