छिपी आकृति एवं आकृति पूर्ण करना

1. इस अध्याय में क्या सीखा जाएगा?

इस अध्याय में अतिरिक्त रेखाओं के बीच दी गई आकृति पहचानना और निश्चित नियम से अधूरी आकृति का खाली भाग भरना सीखेंगे। उत्तर आकृति की वास्तविक रेखाओं से निकालें; केवल यह देखकर अनुमान न लगाएँ कि चित्र किसी परिचित वस्तु जैसा दिखता है।

प्रश्न का प्रकार क्या ढूँढना है? मुख्य जाँच
छिपी आकृति बड़े चित्र में पूरा लक्ष्य हर आवश्यक रेखा, मोड़ और शाखा मिले
आकृति पूर्ण करना खाली भाग के लिए सही टुकड़ा सीमाओं और दिए नियम का मेल
सममिति द्वारा पूर्ण करना अक्ष के अनुसार प्रतिबिंबित भाग संबंधित बिंदुओं की अक्ष से समान दूरी
रेखा की निरंतरता ढके हुए भाग में रेखा का मार्ग प्रवेश, निकास और दिशा का मेल

छिपी आकृति के प्रश्न में बड़े चित्र की अतिरिक्त रेखाएँ सामान्यतः स्वीकार्य हैं। अधूरी आकृति पूरी करने में विकल्प की अतिरिक्त रेखा उसे गलत बना सकती है। इसलिए दोनों प्रकारों के नियम अलग-अलग पढ़ें।

2. चित्र कैसे पढ़ें?

ऊपर लक्ष्य T अथवा अधूरा चित्र है। नीचे A–D चार विकल्प हैं। विकल्पों के चारों ओर बने डिब्बे और बिंदीदार सहायक रेखाएँ लक्ष्य का हिस्सा नहीं हैं। उत्तर बनाने के लिए केवल वास्तविक गहरी रेखाओं का उपयोग करें। हल में हरी रेखाएँ सही छिपा भाग या पूरा किया गया भाग दिखाती हैं।

शुरुआती प्रश्नों की रेखाएँ समान दूरी वाले अदृश्य इकाई जाल पर हैं। व्याख्या में विकल्प का ऊपर-बायाँ बिंदु (0,0) है; x दाईं ओर तथा y नीचे बढ़ता है। निर्देशांक सटीक जाँच के लिए हैं; दृश्य रूप से प्रश्न हल करने के लिए गणना आवश्यक नहीं है।

हरी रेखाओं से पहचानी गई छिपी आकृति का हल

3. स्थान बदलना, घुमाना और प्रतिबिंब लेना

स्थानांतरण में आकृति का स्थान बदलता है, दिशा तथा आकार नहीं। घूर्णन में पूरी आकृति घूमती है। प्रतिबिंब में दर्पण-अक्ष के अनुसार आकृति का अभिविन्यास बदलता है। ये तीन अलग क्रियाएँ हैं।

  • घुमाना निषिद्ध हो तो दाईं ओर वाला काँटा नीचे की ओर नहीं किया जा सकता।
  • 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य हो तो 0°, 90°, 180° और 270° पर जाँच करें।
  • घुमाने की अनुमति का अर्थ दर्पण प्रतिबिंब की अनुमति नहीं है।
  • आकार बदलना निषिद्ध हो तो समान जाल पर रेखाओं की लंबाई भी सुरक्षित रखें।
  • किसी परीक्षा में अलग निर्देश दिया हो तो वही मानें; सभी पुस्तकों के लिए एक ही नियम मानकर न चलें।

उदाहरणतः दाएँ, नीचे और फिर दाएँ जाने वाला मार्ग स्थान बदलने पर भी उसी क्रम में मुड़ता है। दर्पण प्रतिबिंब में मुड़ने का अभिविन्यास बदल सकता है। वर्ग की तुलना में असममित मोड़ बेहतर पहचान-बिंदु है, क्योंकि वर्ग का घुमाव आसानी से छिप सकता है।

4. छिपी आकृति पहचानने की चरणबद्ध विधि

  1. लक्ष्य की विशेष पहचान चुनें: लंबी भुजा, तीन दिशाओं वाली शाखा, असमान भुजाएँ या लगातार दो मोड़।
  2. विकल्प में उस पहचान का संभावित स्थान खोजें।
  3. वहाँ से लक्ष्य की पूरी जुड़ी रेखा पर मानसिक रूप से चलें। बीच की गायब रेखा को कल्पना से न जोड़ें।
  4. हर अगली रेखा की दिशा और लंबाई मिलाएँ।
  5. अन्य शाखाएँ और अलग घटक भी सही सापेक्ष स्थान पर जाँचें।
  6. एक आवश्यक रेखा भी न मिले तो विकल्प हटाएँ।
  7. बचे विकल्प में पूरा लक्ष्य दोबारा सुनिश्चित करें।

केवल रेखाओं की संख्या न गिनें। छह रेखाओं वाले दो चित्रों के जुड़ाव अलग हो सकते हैं। लक्ष्य का आधा भाग एक कोने में और दूसरा आधा किसी असंबंधित स्थान पर पाकर उत्तर न चुनें। लक्ष्य के घटकों के बीच की स्थिति भी समान होनी चाहिए।

5. कटती रेखाएँ, जोड़ और अतिरिक्त विस्तार

लक्ष्य का अंतिम सिरा विकल्प की लंबी रेखा के बीच में आ सकता है। अतिरिक्त विस्तार लक्ष्य को समाप्त नहीं करता। इसी तरह कोई अतिरिक्त रेखा आवश्यक रेखा को काट सकती है; यदि पूरा लक्ष्य उपलब्ध है तो अतिरिक्त रेखा अनदेखी की जा सकती है।

लेकिन जहाँ वास्तविक खाली अंतर हो, वहाँ रेखा मान लेना गलत है। दो रेखाएँ काटती हों तो इसका अर्थ यह नहीं कि मार्ग वहाँ मुड़ता है। लक्ष्य की वास्तविक बनावट देखें। इस अध्याय के छिपी आकृति वाले प्रश्न क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर इकाई रेखाखंडों से बने हैं। लंबी सीधी रेखा में कई इकाई खंड हो सकते हैं। डिब्बे की सीमा लक्ष्य की रेखा नहीं है।

तुरंत हटाने के संकेत: आवश्यक खड़ी भुजा नहीं है; मोड़ उलटी दिशा में है; लंबी भुजा छोटी है; शाखा गलत दूरी पर है; केवल प्रतिबिंबित रूप मिलता है जबकि प्रतिबिंब निषिद्ध है।

6. घुमाकर छिपी आकृति पहचानना

एक समय में एक अभिविन्यास तय करें। पूरी आकृति एक साथ घुमाएँ, अलग-अलग भुजाएँ अलग दिशा में नहीं। दिशा तय होने के बाद लंबाई, मोड़ और शाखाएँ सभी साथ मिलनी चाहिए।

जाँच के लिए किसी बिंदु (x,y) का चौथाई घुमाव (-y,x) से व्यक्त किया जा सकता है; उसके बाद स्थानांतरण करके विकल्प में रखें। यह वैकल्पिक गणितीय विधि है। पूरी आकृति पर समान परिवर्तन लगाने से दूरी और जुड़ाव सुरक्षित रहते हैं। केवल एक शाखा घुमाने पर आकृति बदल जाती है।

कठिन प्रश्न में कोनों की संख्या सही होते हुए भी दाएँ-बाएँ मुड़ने का क्रम गलत हो सकता है। तुलना हमेशा लक्ष्य के उसी सिरे से शुरू करें।

7. अधूरी आकृति: पहले खाली भाग की सीमा देखें

हर दिखाई देने वाली रेखा खाली भाग से कहाँ मिलती है, यह पहचानें। उसका स्थान, दिशा, मोटाई और प्रश्न में दिया रंग या छायांकन नियम देखें। विकल्प के बीच का आकर्षक डिजाइन देखने से पहले उसके किनारे मिलाएँ।

एक सीमा पर जुड़ने वाला टुकड़ा दूसरी सीमा पर टूटन पैदा करे तो गलत है। रेखाओं की समान संख्या केवल शुरुआती जाँच है। सामान्य प्रश्न में केवल निरंतरता से एक उत्तर निश्चित नहीं हो सकता; सममिति या पुनरावृत्ति का नियम भी आवश्यक हो सकता है। दिए सभी नियम लगाएँ, अपनी ओर से नियम न गढ़ें।

8. एक और दो अक्षों की सममिति

ऊर्ध्वाधर अक्ष पर प्रतिबिंब लेने से बायाँ-दायाँ बदलता है, ऊँचाई समान रहती है। क्षैतिज अक्ष पर ऊपर-नीचे बदलता है, क्षैतिज स्थिति समान रहती है।

यदि पूरा वर्ग दोनों मध्य अक्षों के सापेक्ष सममित होना चाहिए और नीचे-दायाँ चौथाई भाग खाली है:

  • ऊपर-दाएँ भाग का क्षैतिज मध्य रेखा पर प्रतिबिंब लें।
  • नीचे-बाएँ भाग का ऊर्ध्वाधर मध्य रेखा पर प्रतिबिंब अलग से लें।
  • दोनों तरीकों से एक ही टुकड़ा मिलना चाहिए।
  • पूरे वर्ग के केंद्र के चारों ओर ऊपर-बाएँ भाग को 180° घुमाने से भी वही नीचे-दायाँ भाग मिलता है।

ऊपर-बाएँ टुकड़े की बिना बदली नकल खाली भाग में न रखें। ऐसा केवल विशेष आंतरिक सममिति वाली आकृतियों में सही होगा। इस अध्याय के गलत विकल्पों में अपरिवर्तित नकल और केवल एक अक्ष का गलत प्रतिबिंब शामिल है।

9. सीधी रेखा की निरंतरता

सीधी रेखा ढके हुए हिस्से में भी उसी दिशा में चलती है। बाहर दिखाई देने वाले खंड को मानसिक पैमाने से आगे बढ़ाएँ। दूसरी तरफ का खंड भी उसी सीध में होना चाहिए।

मान लें रेखा टुकड़े के बाएँ किनारे पर (0,1) से आती है और दाएँ किनारे पर (4,3) से निकलती है। चित्र में y नीचे बढ़ता है, इसलिए रेखा दाईं ओर नीचे झुकती है। (0,1) से (4,1) तक क्षैतिज विकल्प प्रवेश-बिंदु तो मिलाता है, लेकिन निकास और ढाल गलत हैं।

खाली भाग में दो रेखाएँ काटें तो अपनी मूल रेखा की दिशा में आगे बढ़ें; दूसरी रेखा पर मुड़कर न चलें। सभी बाहरी खंडों का उचित मेल जरूरी है। प्रश्न अतिरिक्त रेखा निषिद्ध करे तो कोई नई रेखा न जोड़ें।

10. वक्र, छायांकन और दोहराते नमूने

अन्य प्रश्नों में चाप, वृत्त, छायांकित क्षेत्र, बिंदु या सजावटी दोहराव मिल सकते हैं। सीमा पर वक्र की दिशा, चाप का केंद्र और त्रिज्या, तथा छायांकित क्षेत्र का अभिविन्यास देखें। सही बिंदु से जुड़ने वाला वक्र भी गलत तरफ मुड़ सकता है।

दोहराते नमूनों में आकृति के साथ अंतराल भी मिलाएँ। छायांकन बारी-बारी हो तो खाली टुकड़े की सीमा के पार भी वही क्रम जारी होना चाहिए। सजावटी दिखने मात्र से सममिति न मानें। यहाँ के 80 ऑनलाइन प्रश्न सटीक सीधी रेखाओं वाली छिपी आकृति, दो-अक्षीय सममिति और सीधी रेखा की निरंतरता पर केंद्रित हैं। यही मूल जाँच वक्र और छायांकन वाले अभ्यास में भी उपयोगी है।

11. संबंधित अध्यायों से अंतर

विषय मुख्य काम
दर्पण प्रतिबिंब पूरी आकृति का प्रतिबिंब बनाना
कागज मोड़ना वास्तविक मोड़ों से होने वाले प्रतिबिंब समझना
आकृति शृंखला क्रमिक चित्रों के बीच परिवर्तन का नियम खोजना
आकृतियों की गणना शर्त पूरी करने वाली सभी आकृतियाँ गिनना
छिपी आकृति अतिरिक्त रेखाओं में मौजूद लक्ष्य ढूँढना
आकृति पूर्ण करना दिए नियमों के अनुसार गायब भाग जोड़ना

12. सामान्य गलतियाँ और सुधार

गलती सुधार
समग्र रूप देखकर उत्तर चुनना हर आवश्यक रेखा जाँचें
अनुमति बिना आकृति घुमाना अभिविन्यास का निर्देश पहले पढ़ें
घूर्णन और प्रतिबिंब मिलाना असममित मोड़ों का क्रम देखें
छोटी शाखा भूलना लक्ष्य के हर घटक को चिह्नित करें
विकल्प का डिब्बा इस्तेमाल करना बाहरी फ्रेम और सहायक रेखाएँ छोड़ें
केवल एक सममिति-अक्ष जाँचना दोनों पड़ोसी भागों से उत्तर स्वतंत्र रूप से बनाएँ
सिर्फ रेखाएँ गिनना सिरे, दिशा और जुड़ाव मिलाएँ
अनावश्यक कठिन नियम लगाना प्रश्न में दिया स्पष्ट नियम अपनाएँ

13. परीक्षा में काम करने का क्रम

निर्देश पढ़ें → खास पहचान या खाली भाग के किनारे देखें → निश्चित गलत विकल्प हटाएँ → बचे चित्र का पूरा मार्ग जाँचें → विकल्प का अक्षर सुनिश्चित करें। दो विकल्प सही लगें तो देखें कि कहीं डिब्बे की रेखा इस्तेमाल की, लक्ष्य का प्रतिबिंब लिया या अतिरिक्त रेखा अनदेखी तो नहीं की।

पहले बिना समय-सीमा शुद्धता बढ़ाएँ, फिर समयबद्ध अभ्यास करें। केवल अंक लिखने के बजाय गलती का प्रकार लिखें। हल के बाद बताने का प्रयास करें कि हर गलत विकल्प की कौन-सी रेखा उसे गलत बनाती है। छोटे पर्दे पर चित्र बड़ा करके देखें ताकि छोटे अंतर स्पष्ट रहें।

14. पुनरावृत्ति और अभ्यास योजना

छिपी आकृति की जाँच: पूरा लक्ष्य, सही दिशा, सही लंबाई, सही शाखाएँ और बिना कल्पना से जोड़े अंतर। आकृति पूर्ण करने की जाँच: सभी सीमाएँ, सही अक्ष, रेखाओं की दिशा और कोई गायब अथवा निषिद्ध अतिरिक्त रेखा नहीं।

ऑनलाइन संग्रह में 80 चित्रात्मक प्रश्न हैं: 20 बिना घुमाए छिपी आकृति, 20 घुमाने की अनुमति वाली छिपी आकृति, 20 दो-अक्षीय सममिति और 20 सीधी रेखा पूर्ण करने के प्रश्न। चार विषयवार परीक्षाओं में 20-20 प्रश्न तथा संपूर्ण अभ्यास में सभी 80 प्रश्न हैं। नीचे के 30 अभ्यास चारों समूहों से लिए गए हैं। उत्तर भाग देखने से पहले स्वयं हल करें।

15. चित्रों सहित अभ्यास

अभ्यास 01

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 1

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 02

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 2

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 03

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 3

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 04

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 4

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 05

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 5

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 06

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 6

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 07

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 7

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 08

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। लक्ष्य को सीधा रखें: केवल स्थान बदलें; घुमाना, प्रतिबिंब लेना या आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 8

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 09

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 9

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 10

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 10

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 11

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 11

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 12

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 12

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 13

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 13

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 14

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 14

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 15

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 15

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 16

किस विकल्प में लक्ष्य T की प्रत्येक रेखा छिपी है? अतिरिक्त रेखाएँ स्वीकार्य हैं। 90° के गुणज में घुमाना स्वीकार्य है; दर्पण प्रतिबिंब और आकार बदलना स्वीकार्य नहीं है।

प्रश्न 16

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 17

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 17

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 18

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 18

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 19

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 19

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 20

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 20

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 21

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 21

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 22

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 22

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 23

पूरा वर्ग दोनों बिंदीदार मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित होना चाहिए। नीचे-दायाँ खाली भाग कौन-सा टुकड़ा पूरा करेगा? विकल्प को बिना घुमाए सीधा रखें।

प्रश्न 23

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 24

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 24

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 25

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 25

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 26

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 26

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 27

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 27

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 28

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 28

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 29

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 29

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

अभ्यास 30

बिंदीदार मध्य वर्ग में सीधी रेखाओं के भाग छिपे हैं। प्रत्येक दिखाई देने वाली रेखा को खाली भाग में सीधा बढ़ाएँ; अतिरिक्त रेखा न जोड़ें। कौन-सा सीधा रखा टुकड़ा आकृति पूरी करेगा? रेखाएँ काटने पर दिशा नहीं बदलतीं।

प्रश्न 30

A: आकृति A · B: आकृति B · C: आकृति C · D: आकृति D

16. उत्तर एवं चित्रात्मक व्याख्या

उत्तर 01

A — आकृति A में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 1)–(1, 2); (1, 2)–(1, 3); (1, 2)–(2, 2); (2, 1)–(2, 2); (2, 1)–(3, 1)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 1

उत्तर 02

B — आकृति B में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (0, 1)–(0, 2); (0, 2)–(0, 3); (0, 2)–(1, 2); (0, 3)–(1, 3); (1, 3)–(2, 3); (2, 2)–(2, 3)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 2

उत्तर 03

C — आकृति C में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 0)–(2, 0); (2, 0)–(2, 1); (2, 0)–(3, 0); (2, 1)–(2, 2); (2, 1)–(3, 1); (2, 2)–(3, 2); (3, 0)–(3, 1)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 3

उत्तर 04

D — आकृति D में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 2)–(1, 3); (1, 2)–(2, 2); (1, 3)–(1, 4); (1, 4)–(2, 4); (2, 3)–(2, 4); (2, 3)–(3, 3); (2, 4)–(3, 4); (3, 3)–(3, 4)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 4

उत्तर 05

A — आकृति A में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (2, 1)–(2, 2); (2, 1)–(3, 1); (2, 2)–(2, 3); (3, 1)–(4, 1); (4, 1)–(4, 2)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 5

उत्तर 06

B — आकृति B में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 3)–(1, 4); (1, 3)–(2, 3); (2, 2)–(2, 3); (2, 2)–(3, 2); (3, 2)–(3, 3); (3, 3)–(3, 4)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 6

उत्तर 07

C — आकृति C में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (0, 0)–(0, 1); (0, 0)–(1, 0); (0, 1)–(0, 2); (0, 1)–(1, 1); (1, 0)–(1, 1); (1, 1)–(1, 2); (1, 1)–(2, 1)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 7

उत्तर 08

D — आकृति D में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 1)–(2, 1); (1, 2)–(1, 3); (1, 3)–(2, 3); (2, 1)–(2, 2); (2, 1)–(3, 1); (2, 2)–(2, 3); (2, 2)–(3, 2); (3, 1)–(3, 2)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 8

उत्तर 09

A — आकृति A में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (2, 2)–(2, 3); (2, 2)–(3, 2); (3, 2)–(3, 3); (3, 3)–(4, 3); (4, 2)–(4, 3)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 9

उत्तर 10

B — आकृति B में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 2)–(1, 3); (1, 2)–(2, 2); (1, 3)–(1, 4); (1, 4)–(2, 4); (2, 2)–(3, 2); (3, 2)–(3, 3)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 10

उत्तर 11

C — आकृति C में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (0, 2)–(0, 3); (0, 2)–(1, 2); (0, 3)–(0, 4); (0, 3)–(1, 3); (0, 4)–(1, 4); (1, 2)–(2, 2); (1, 4)–(2, 4)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 11

उत्तर 12

D — आकृति D में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (2, 3)–(2, 4); (2, 3)–(3, 3); (2, 4)–(3, 4); (3, 2)–(3, 3); (3, 2)–(4, 2); (3, 3)–(3, 4); (3, 4)–(4, 4); (4, 3)–(4, 4)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 12

उत्तर 13

A — आकृति A में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (0, 1)–(1, 1); (1, 1)–(2, 1); (1, 3)–(2, 3); (2, 1)–(2, 2); (2, 2)–(2, 3)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 13

उत्तर 14

B — आकृति B में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (0, 2)–(0, 3); (0, 3)–(0, 4); (0, 3)–(1, 3); (1, 2)–(2, 2); (1, 3)–(2, 3); (2, 2)–(2, 3)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 14

उत्तर 15

C — आकृति C में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 2)–(1, 3); (1, 3)–(2, 3); (2, 2)–(2, 3); (2, 2)–(3, 2); (2, 3)–(3, 3); (3, 1)–(3, 2); (3, 2)–(3, 3)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 15

उत्तर 16

D — आकृति D में पूरा लक्ष्य है। मोड़ या शाखा को आधार बनाकर सभी जुड़ी रेखाओं को जाँचें। विकल्प के रेखा-जाल में ऊपर-बाएँ (0,0), दाईं ओर x और नीचे y मानने पर इकाई जाल में मिलने वाली रेखाएँ हैं: (1, 0)–(1, 1); (1, 0)–(2, 0); (1, 1)–(1, 2); (1, 1)–(2, 1); (2, 0)–(3, 0); (2, 1)–(3, 1); (3, 0)–(3, 1); (3, 1)–(3, 2)। हरे रंग का उत्तर-चित्र इन रेखाओं को दिखाता है; बाकी विकल्पों में पूरा लक्ष्य नहीं मिलता।

हल 16

उत्तर 17

A — आकृति A, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 17

उत्तर 18

B — आकृति B, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 18

उत्तर 19

C — आकृति C, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 19

उत्तर 20

D — आकृति D, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 20

उत्तर 21

A — आकृति A, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 21

उत्तर 22

B — आकृति B, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 22

उत्तर 23

C — आकृति C, नीचे-बाएँ टुकड़े का बाएँ-दाएँ प्रतिबिंब तथा ऊपर-दाएँ टुकड़े का ऊपर-नीचे प्रतिबिंब है। ऊपर-बाएँ पैटर्न को 180° घुमाने पर भी यही मिलता है। प्रत्येक सिरे को दोनों अक्षों से जाँचें; केवल एक अक्ष की सममिति पर्याप्त नहीं है।

हल 23

उत्तर 24

A — आकृति A हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 3), (4, 3)), ((3, 0), (3, 4))]।

हल 24

उत्तर 25

B — आकृति B हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 2), (4, 1)), ((0, 3), (4, 2)), ((1, 0), (3, 4))]।

हल 25

उत्तर 26

C — आकृति C हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 1), (4, 3)), ((1, 4), (3, 0)), ((2, 0), (3, 4)), ((3, 0), (3, 4))]।

हल 26

उत्तर 27

D — आकृति D हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 1), (4, 2)), ((0, 2), (4, 2))]।

हल 27

उत्तर 28

A — आकृति A हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 1), (4, 1)), ((0, 2), (4, 1)), ((1, 0), (1, 4))]।

हल 28

उत्तर 29

B — आकृति B हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 1), (4, 1)), ((0, 3), (4, 1)), ((1, 4), (3, 0)), ((2, 4), (3, 0))]।

हल 29

उत्तर 30

C — आकृति C हर सीधी रेखा का प्रवेश-बिंदु, निकास-बिंदु और ढाल सुरक्षित रखती है। केवल रेखाओं की संख्या मिलाना पर्याप्त नहीं है। हर बाहरी रेखा को उसी दिशा में बढ़ाएँ। स्थानीय 0 से 4 निर्देशांक (x दाएँ, y नीचे) में आवश्यक रेखाखंड हैं [((0, 2), (4, 3)), ((0, 3), (4, 1))]।

हल 30

यह जानकारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा तैयार की गई है।